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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Ghosts cannot be blamed for crimes: High Court

अपराध के लिए भूत को दोषी नहीं ठहरा सकते : हाईकोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Feb 2026 07:24 PM IST
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अदालत ने कहा कि आपराधिक कानून में पहचान महत्वपूर्ण तथ्य, नहीं कर सकते अनदेखा
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने डकैती और गोलीबारी के मामले में आरोपी को बरी कर दिया। इस दौरान न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भूत को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। न्यायालय ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी की पहचान साबित करने में असफल रहा और जांच में कई खामियां पाई गईं। न्यायमूर्ति विमल कुमार यादव की एकल पीठ ने फरोज अहमद नामक आरोपी की सजा को रद्द करते हुए कहा कि आपराधिक कानून में पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण है। अदालत ने फैसले में लिखा कि पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब तक अपराधी को पकड़ा न जाए, कोई फायदा नहीं। पहचान के बिना आपराधिक कानून व्यर्थ है। आप भूत को अपराध के लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते, न ही उस व्यक्ति को जो जिम्मेदार नहीं है।




यह मामला जून 2000 का है, जब एक पार्किंग क्षेत्र में दो व्यक्तियों पर हमला किया गया, उन्हें लूटा गया और एक को गोली मार दी गई। आरोपी फरोज अहमद को कई महीनों बाद एक अलग हथियार मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके खुलासे के बयान के आधार पर एक पीड़ित का ब्रीफकेस बरामद करने का दावा किया, जिसमें पीड़ित के दस्तावेज थे। इसी से उसे डकैती से जोड़ा गया। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को डकैती और हथियार से चोट पहुंचाने संबंधी धाराओं के तहत दोषी ठहराया। हाईकोर्ट ने फैसला पलटते हुए कहा कि मुख्य घायल गवाह ने बताया कि घटनास्थल पर अंधेरा था, केवल धुंधले चेहरे दिखे और उसकी आंखों की समस्या के कारण आरोपी की निश्चित पहचान नहीं कर सका। दूसरा पीड़ित ने हमलावरों को देखा ही नहीं।
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