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Ghaziabad News: लोनी संयुक्त अस्पताल में छह महीने तक पीपीआईयूसीडी का प्रदर्शन शून्य

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2026 01:20 AM IST
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Zero PPIUCD insertions performed at Loni Joint Hospital over six months

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गाजियाबाद। प्रसव के बाद महिलाओं को अनचाहे गर्भ से बचाने और अगली गर्भावस्था के बीच उचित अंतर रखने के लिए संचालित परिवार नियोजन सेवा लोनी के संयुक्त अस्पताल में बेअसर नजर आ रही है। अप्रैल से सितंबर 2026 तक अस्पताल में प्रसवोत्तर अंतर्गर्भाशयी गर्भनिरोधक उपकरण (पीपीआईयूसीडी) लगाया ही नहीं गया, इस कारण से रिकॉर्ड में शून्य है। छह महीने तक एक भी महिला को यह सुविधा उपलब्ध नहीं कराए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता दिखाई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगते हुए स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।


समीक्षा बैठक में सामने आई लापरवाही



मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन चंद्र वैश्य की ओर से जारी पत्र के अनुसार, 21 अक्तूबर को मेरठ मंडल के अपर निदेशक की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इसमें विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों के प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान 50 बेड वाले संयुक्त अस्पताल लोनी की रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। इस दौरान अप्रैल से सितंबर तक पीपीआईयूसीडी सेवा में अस्पताल का प्रदर्शन शून्य पाया गया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन से जवाब तलब किया गया।
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प्रसव के बाद दी जाती है सुविधा



पीपीआईयूसीडी परिवार नियोजन की एक महत्वपूर्ण सुविधा है। इसके तहत प्रसव के बाद महिला की सहमति से गर्भाशय में कॉपर टी लगाई जाती है। इससे महिला को अनचाहे गर्भ से बचाव और अगली गर्भावस्था के बीच उचित अंतर रखने में मदद मिलती है। अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं को इस सुविधा की जानकारी देना और उनकी सहमति के आधार पर इसे उपलब्ध कराना स्वास्थ्य सेवाओं का अहम हिस्सा है।
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अस्पताल प्रशासन से मांगा जवाब



सीएमओ ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से पूछा है कि अस्पताल में प्रसव के बाद महिलाओं को पीपीआईयूसीडी की सुविधा क्यों नहीं दी जा रही है। साथ ही उन्हें स्वयं और अधीनस्थ कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेकर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
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