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Ghaziabad News: माचिस नहीं देने पर युवक का सिर फोड़ा
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साहिबाबाद। जनकपुरी स्थित राम पार्क में 25 मार्च को माचिस नहीं देने पर युवक का पत्थर और लकड़ी के फट्टे से सिर फोड़ने के मामले में कोतवाली पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता ने घटना को दो दिन बाद दिखाकर मुकदमा दर्ज करने और पुलिस को दो आरोपी पकड़कर सौंपने के बावजूद उन्हें बिना कार्रवाई चौकी से छोड़ने का आरोप लगाया है। घायल युवक का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है। डीसीपी ने अपने स्तर से मामले की जांच कराने की बात कही है।
जनकपुरी में रहने वाले इंद्रजीत ने बताया कि बेटा आशीष 25 मार्च को कालोनी के रामपार्क में टहलने गया था। तभी वहां नशे में खड़े युवकों ने आशीष से माचिस मांगी। उसने माचिस नहीं देने के लिए कहा तो वे दोनों भड़क गए। कहासुनी करके दोनों ने उस पर हमला कर दिया। बचाव के दौरान आरोपियों ने बेटे के सिर में लकड़ी के फट्टे और पत्थर से हमला कर दिया। लहूलुहान होने पर दोनों वहां से बेटे को छोड़कर भाग गए। इसके बाद बेटे को घायल हालत में पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। तुरंत पुलिस चौकी जाकर मौखिक सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पर जांच की। कुछ देर बाद उन्होंने करन और रमन नाम के आरोपियों को पकड़कर चौकी पर पुलिस को सौंप दिए। इधर, बेटे की गंभीर हालत देखकर डॉक्टर ने उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टर ने पहल 17 टांके लगाए। फिर इंफेक्शन फैलने के डर से ऑपरेशन करके निगरानी में रखा। आरोप है कि पुलिस ने चौकी से ही दोनों आरोपियों को बिना कार्रवाई के छोड़ दिया। वह अगले दिन चौकी गए तो लिखित शिकायत देकर मुकदमे की कॉपी मांगी लेकिन जांच की बात कहकर उन्हें भेज दिया। इतना ही नहीं, पुलिस ने 25 मार्च की घटना को 27 मार्च में दर्ज कर खानापूर्ति कर ली। डीसीपी निमिष पाटिल का कहना है कि सहायक पुलिस आयुक्त से मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई हागी।
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जनकपुरी में रहने वाले इंद्रजीत ने बताया कि बेटा आशीष 25 मार्च को कालोनी के रामपार्क में टहलने गया था। तभी वहां नशे में खड़े युवकों ने आशीष से माचिस मांगी। उसने माचिस नहीं देने के लिए कहा तो वे दोनों भड़क गए। कहासुनी करके दोनों ने उस पर हमला कर दिया। बचाव के दौरान आरोपियों ने बेटे के सिर में लकड़ी के फट्टे और पत्थर से हमला कर दिया। लहूलुहान होने पर दोनों वहां से बेटे को छोड़कर भाग गए। इसके बाद बेटे को घायल हालत में पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। तुरंत पुलिस चौकी जाकर मौखिक सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पर जांच की। कुछ देर बाद उन्होंने करन और रमन नाम के आरोपियों को पकड़कर चौकी पर पुलिस को सौंप दिए। इधर, बेटे की गंभीर हालत देखकर डॉक्टर ने उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टर ने पहल 17 टांके लगाए। फिर इंफेक्शन फैलने के डर से ऑपरेशन करके निगरानी में रखा। आरोप है कि पुलिस ने चौकी से ही दोनों आरोपियों को बिना कार्रवाई के छोड़ दिया। वह अगले दिन चौकी गए तो लिखित शिकायत देकर मुकदमे की कॉपी मांगी लेकिन जांच की बात कहकर उन्हें भेज दिया। इतना ही नहीं, पुलिस ने 25 मार्च की घटना को 27 मार्च में दर्ज कर खानापूर्ति कर ली। डीसीपी निमिष पाटिल का कहना है कि सहायक पुलिस आयुक्त से मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई हागी।
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