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नारी सम्मान पाकर गदगद हुईं प्रतिभा की ‘देवियां’
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 08 Oct 2016 01:05 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला और उत्तर प्रदेश सरकार क ी साझा पहल ‘नारी सम्मान’ समारोह में मंडल की 6 हुनरमंद महिलाओं को सम्मानित किया गया। नवरात्र के पावन अवसर पर शक्ति स्वरूप प्रतिभावान आधी आबादी को विशिष्ट कार्यों के लिए सम्मान मिला तो पूरे समाज ने उनका अभिवादन किया।
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चौधरी चरण सिंह विवि के नेताजी सुभाषचंद बोस प्रेक्षागृह में शुक्रवार को सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कला, उद्यमिता, शिक्षा, समाजसेवा, बहादुरी और खेल के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मेरठ मंडलायुक्त आलोक सिन्हा व मुख्य विकास अधिकारी विशाख जी ने किया। विशिष्ट अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार यादव व एसीएमओ शरद त्यागी रहे। सम्मान समारोह के लिए मेरठ मंडल के सभी जिलों गाजियाबाद, मेरठ, गौतमबुद्धनगर, बागपत, बुलंदशहर और हापुड़ से हजारों की संख्या में प्रविष्टियां मिली थीं।
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इसमें से श्रेष्ठ छह प्रविष्टियों को सम्मानित किया गया। उद्यमिता में मेरठ की लविना जैन, शिक्षा में मेरठ की रश्मि आर्य, खेल में गौतमबुद्धनगर की बबीता नागर, साहस में गाजियाबाद की डॉरिस फ्रांसिस, समाजसेवा में हापुड़ की स्नेह त्यागी व कला के क्षेत्र में योग शिक्षिका गाजियाबाद की डॉ. सरोज सिरोही को सम्मानित किया गया।
अतिथियों ने सभी महिलाओं को शॉल, प्रमाणपत्र व ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही आयोजन में उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष लैपटॉप वितरण योजना में मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप बांटे गए। विभिन्न स्कूलों के 35 छात्र-छात्राओं को लैपटॉप का वितरण हुआ।
यूपी नेडा की ओर से जिले की तीन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की 27 छात्राओं को सोलर लालटेन का वितरण किया गया। चिकित्सा विभाग की ओर से संचालित इंद्रधनुष योजना की 6 लाभार्थी युवतियों को इंद्रधनुष किट दी गई।
लैपटॉप और सोलर लाइट पाकर बच्चियों के चेहरे खिल गए। विजेताओं ने कहा कि अब हमारे सपने टूटेंगे नहीं, बल्कि लैपटॉप की मदद से पूरे होंगे। समारोह में जिला प्रशासन यूपी नेडा, शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग के कर्मचारी व स्टाफ, विभिन्न विद्यालयों की शिक्षिकाओं व छात्राओं ने सहयोग दिया।
सर्वाधिक लैपटॉप उप्र सरकार ने बांटे
समारोह में जिला विद्यालय निरीक्षण श्रवण कुमार यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं, अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना, शुल्क प्रतिपूर्ति योजना व लैपटॉप वितरण योजना की जानकारी दी।
उन्होंने कहा दुनिया के 31 देशों में लैपटॉप वितरण किए जा रहे हैं, कुल पांच लाख लैपटॉप बांटे गए हैं। लेकिन भारत में उत्तरप्रदेश अकेला ऐसा प्रदेश है, जहां एक वर्ष में 8 लाख से अधिक विद्यार्थियों को निशुल्क लैपटॉप दिए गए हैं। यह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेहतरीन पहल का परिणाम है।
सरकार ने समझी बेटियों की बात
मुख्यातिथि मंडलायुक्त आलोक सिन्हा ने कहा प्रदेश सरकार ने प्रदेश की बेटियों के मन की बात को महसूस किया है। देश की बेटियां बोर्ड परीक्षा के नतीजों से लेकर रियो ओलंपिक और पैरा ओलंपिक के मैदान में जीत का परचम लहरा रही हैं।
नवरात्र पर्व में प्रदेश सरकार और अमर उजाला ने मिलकर नारियों को सम्मानित किया, यह खुशी की बात है। हमारे सामने अक्सर रोलमॉडल की कमी होती है, आगे बढ़ने के लिए हम किसे रोलमॉडल बनाएं, लेकिन अमर उजाला व प्रदेश सरकार ने मिलकर जिन वीर नारियों को सम्मानित किया है, वो हमारे लिए एक रोलमॉडल हैं। बेटियों के लिए सरकार ने 1090 वूमेन पावर लाइन भी शुरू की है, जिसका लाभ बेटियां सुरक्षा में ले सकती हैं।
आप पढ़िए, फीस प्रदेश सरकार देगी
मुख्य विकास अधिकारी विशाख जी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा प्रदेश सरकार ने बेटियों की शिक्षा को सरल और सुगम बनाया है। बेटियां मन लगाकर पढ़ें, फीस की चिंता प्रदेश सरकार की है।
उन्होंने कन्या विद्या धन की जानकारी देते हुए कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कन्या विद्या धन की राशि 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार कर दी है। योजना में सीबीएसई, यूपी बोर्ड व मदरसा बोर्ड की बेटियों क ो लाभ दिया जा रहा है।
ये भी रहे मौजूद
आयोजन में बालेराम ब्रजभूषण सरस्वती, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, कन्या गुरुकुल परीक्षितगढ़ व अन्य विद्यालयों की छात्राएं व शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। इनके साथ ही सपा नेत्री इरशाद जहां, सपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष संगीता राहुल, प्रियंका मुदगल, मधु जाटव, बेबी महजबी, अख्तरी बेगम, रिहाना खान, गीता विदुड़ी, सरोज, सारथी संस्था अध्यक्ष कल्पना पांडे, डॉ. मंजू गुप्ता, बेटियां फाउंडेशन की अंजू पांडे, क्रिएटिव ग्रुप से डॉ. अनुभूति चौहान, निधि जैन व अन्य समाजसेवी महिलाएं व सदस्याएं उपस्थित रहीं।
पहली बार मिला इतना सम्मान
नाम - लविना जैन
क्षेत्र - उद्यमिता
जिला - मेरठ
थककर बैठने के बजाय अपना हौसला समेटे हुए मैं अपना छोटा सा काम करके परिवार चला रही हूं। हालांकि इस काम में 10 साल से अधिक वक्त हो गया। मगर कभी मुझे इतना सम्मान नहीं मिला, जो सम्मान आज अमर उजाला और उत्तर प्रदेश सरकार के नारी सम्मान समारोह में मिला।
उपलब्धि - ब्रेस्ट कैंसर पीड़ित होने पर भी हिम्मत नहीं हारी। पति का एक्सीडेंट होने और स्वयं कैंसर पीड़िता होने के बाद लघु उद्यम तृप्ति फूड्स नाम से प्रारंभ किया। उद्यम में 15 महिलाओं के साथ मिलकर अचार, बड़ी, पापड़, मुरब्बे व अन्य सामान बनाने शुरू किए। आज शहर ही नहीं, देशभर में तृप्ति फूड्स के 80 से अधिक प्रोड्क्टस सेल होते हैं।
और अच्छा करने की प्रेरणा मिली
नाम- रश्मि आर्य
क्षेत्र- शिक्षा
जिला- मेरठ
गांव और आदिवासी इलाकों की कई ऐसी बच्चियां हैं जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पता। जो धन के अभाव के कारण अक्षरज्ञान की रोशनी से वंचित हैं। जब मैंने ऐसी बेटियों का चेहरा देखा तो लगा कि खुद जो कर सकती हूं करूंगी। ऐसी बेटियों को सुदृढ़ बनाऊं। अपने काम के जरिये ग्रामीण बेटियों क ो हुनरमंद बना रही हूं। नारी सम्मान समारोह में सम्मानित होकर आत्मविश्वास बढ़ा है।
उपलब्धि - 16 साल की आयु में गृहत्याग कर आजीवन ब्रहमचर्य का संकल्प। संपूर्ण जीवन बालिका शिक्षा को समर्पित। निर्धन व आदिवासी कन्याओं क ी शिक्षा के लिए आवासीय गुरुकुल की स्थापना। बालिकाओं को शिक्षा के साथ तीरंदाजी, तलवारबाजी, हथियार चलाना, योग, आध्यात्म, नृत्य, वेदों की शिक्षा दे रही हैं। बिना अनुदान के गुरुकुल का संचालन कर रही हैं।
आज लगा कि मैं भी रोलमॉडल हूं
नाम- बबीता नागर
क्षेत्र- खिलाड़ी
जिला- गौतमबुद्धनगर
खेल के रिंग में कई बार सम्मान मिला। हारने पर लोगों की बुराइयां भी मिलीं। लेकिन मैं किसी की रोल मॉडल हो सकती हूं, यह अहसास आज हुआ है। अमर उजाला और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मुझे मंडल स्तर पर चुनकर सम्मानित किया गया तो बहुत खुशी हुई। कमिश्नर महोदय ने कहा कि ये महिलाएं हमारी रोल मॉडल हैं तो लगा कि मेहनत सफल हुई है।
उपलब्धि- ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेसलिंग में नाम कमाया। राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर स्वर्ण पदक जीते। ग्रामीण बालिकाओें को रेसलिंग सिखाने के लिए गांव में अपनी भूमि पर निशुल्क रेसलिंग एकेडमी खोली।
मेरी जिम्मेदारी और बढ़ा दी
नाम- डॉरिस फ्रांसिस
क्षेत्र- साहस
जिला- गाजियाबाद
जिस तरह मैंने अपनी बेटी को सड़क हादसे में खोया, नहीं चाहती कि किसी और मां की कोख ऐसे उजड़े। इसलिए यातायात नियंत्रित करती रहती हूं। अमर उजाला और प्रदेश सरकार ने नारी सम्मान देकर मेरी जिम्मेदारी और बढ़ा दी है। अब मुझे और ज्यादा आत्मविश्वास और मेहनत से अपना काम संभालना होगा।
उपलब्धि - बेटी की मौत होने के बाद टूटी नहीं, बल्कि दूसरे घरों के चिरागों को सड़क हादसे से बचाने के लिए अकेले ही एनएच 24 पर रोजाना दिन में छह घंटे यातायात नियंत्रित करती हैं। हाथ में हमेशा डंडा और सीटी रखती हैं, जहां भी यातायात अव्यवस्थित दिखा उसे नियंत्रित करने की दिशा में कार्यरत हैं।
कला को मिला आज सही मंच
नाम- डॉ. सरोज सिरोही
क्षेत्र- कला
जिला- गाजियाबाद
लंबे समय से कैदियों को योग सिखा रही हूं। मैंने कभी नहीं सोचा कि इससे आर्थिक लाभ लूं। आज अमर उजाला व प्रदेश सरकार के इस नारी सम्मान समारोह में सम्मानित होकर महसूस हुआ कि मेरी कला को सही मंच मिला है। बहुत खुश हूं कि महिलाओं के प्रति लोगों की सोच बदल रही है।
उपलब्धि- स्वस्थ और सुखी जीवन का आधार सेहतमंद जीवन है। बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, योग विज्ञान संस्थान व श्रीश्री रविशंकर जी से योग शिक्षा लेने के बाद जेलों में जाकर बंदियों को निशुल्क योग प्रशिक्षण देना। पिछले 10 वर्षों से लगातार बंदियों क ो निशुल्क योग प्रशिक्षण दे रही हैं।
आज से शुरू हुई असली जिम्मेदारी
नाम- डॉ. स्नेह त्यागी
क्षेत्र- समाजसेवा
जिला- हापुड़
गांवों की बेटियां जो खेलों में आगे बढ़ना चाहती हैं, उन्हें अपने स्तर से जो भी मदद हुई करती हूं। आज मेरे इस प्रयास को अमर उजाला और प्रदेश सरकार ने नारी सम्मान देकर सम्मानित किया, बहुत खुश हूं। आज लग रहा है कि मेरी असली जिम्मेदारी शुरू हुई है। अभी तक अपने स्तर पर काम करती थी, लेकिन आज सम्मान मिलने के बाद पूरे समाज को ध्यान में रखकर काम करना होगा।
उपलब्धि - एक अच्छी बॉक्सर हैं, विवाह के बाद खेल छूट गया। ग्रामीण बालिकाओं की खेल प्रतिभा को मंच देने क ी दिशा में कार्य किया। उप्र खेल मंत्री द्वारा राज्य पुरस्कार से सम्मानित हैं। महिला खिलाड़ियों को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए उन्हें आर्थिक रूप से मदद करना। साथ ही एकेडमी में निशुल्क प्रशिक्षण देना, ट्रैक सूट व खेल के सामान देकर मदद करना। 50 बालिकाओं क ो खेलों की दिशा में आगे बढ़ा चुकी हैं।