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Ghaziabad News: महिला अधिवक्ता की सतर्कता और सीपीआर से बची व्यक्ति की जिंदगी
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गाजियाबाद। कचहरी में मंगलवार को एक संवेदनशील और प्रेरणादायक घटना सामने आई। एक महिला अधिवक्ता की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई ने एक व्यक्ति की जान बचा ली। कचहरी परिसर में अपने केस की पैरवी के लिए आए व्यक्ति को अचानक दिल का दौरा पड़ गया और वह औंधे मुंह जमीन पर गिर पड़ा। उसकी नाक से खून भी बहने लगा, जिससे आसपास मौजूद लोग घबरा गए।
उसी दौरान अधिवक्ता डॉ. सिमरन रंधावा परिवार न्यायालय से एक केस की पैरवी कर दूसरे की फाइल लेने अपने चैंबर पर जा रही थीं। स्थिति को समझते ही उन्होंने बिना समय गंवाए व्यक्ति को सीधा किया और उसे सीपीआर देना शुरू किया। कुछ ही मिनटों की कोशिश के बाद व्यक्ति ने प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया और धीरे धीरे उसे होश आ गया।
होश में आने के बाद उसे पानी पिलाया गया और आगे इलाज के लिए अस्पताल जाने की सलाह दी गई। डॉ. सिमरन ने बताया कि उन्होंने वकालत की पढ़ाई करने से पहले डॉक्टर की पढ़ाई की थी। कई वर्ष तक निजी अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट के रूप में काम किया था। बाद में कानून की पढ़ाई कर वकालत करना शुरू कर दिया। उनकी तत्परता और साहस ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। घटना के बाद कचहरी परिसर में मौजूद लोगों ने उनकी सराहना की और इसे मानवता की मिसाल बताया। बार सचिव वरुण त्यागी की कहना है कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर लिया गया निर्णय किसी की जिंदगी बचा सकता है।
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उसी दौरान अधिवक्ता डॉ. सिमरन रंधावा परिवार न्यायालय से एक केस की पैरवी कर दूसरे की फाइल लेने अपने चैंबर पर जा रही थीं। स्थिति को समझते ही उन्होंने बिना समय गंवाए व्यक्ति को सीधा किया और उसे सीपीआर देना शुरू किया। कुछ ही मिनटों की कोशिश के बाद व्यक्ति ने प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया और धीरे धीरे उसे होश आ गया।
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होश में आने के बाद उसे पानी पिलाया गया और आगे इलाज के लिए अस्पताल जाने की सलाह दी गई। डॉ. सिमरन ने बताया कि उन्होंने वकालत की पढ़ाई करने से पहले डॉक्टर की पढ़ाई की थी। कई वर्ष तक निजी अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट के रूप में काम किया था। बाद में कानून की पढ़ाई कर वकालत करना शुरू कर दिया। उनकी तत्परता और साहस ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। घटना के बाद कचहरी परिसर में मौजूद लोगों ने उनकी सराहना की और इसे मानवता की मिसाल बताया। बार सचिव वरुण त्यागी की कहना है कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर लिया गया निर्णय किसी की जिंदगी बचा सकता है।
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