{"_id":"691785da19959ef0d80c34ec","slug":"with-the-onset-of-winter-cases-of-vomiting-and-diarrhea-increased-in-children-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-761897-2025-11-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: सर्दी शुरू होते ही बच्चों में उल्टी-दस्त के बढ़े मामले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: सर्दी शुरू होते ही बच्चों में उल्टी-दस्त के बढ़े मामले
विज्ञापन
गाजियाबाद। सर्दी का मौसम शुरू होते ही बच्चों में उल्टी-दस्त यानी कोल्ड डायरिया के मामले बढ़ने लगे हैं। एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में रोजाना आठ से दस बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि, इनमें से ज्यादातर बच्चों को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है लेकिन चिकित्सक बच्चों की सेहत को लेकर चिंतित हैं और उनका कहना है कि सर्दी के मौसम में विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है।
एमएमजी अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन उपाध्याय ने बताया कि सर्दी के मौसम में बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इससे उनका पाचन तंत्र प्रभावित होता है। खासतौर पर जिन बच्चों का आहार असंतुलित होता है या जो गंदे पानी और खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, वे जल्दी डायरिया का शिकार हो सकते हैं। डॉ. उपाध्याय ने यह भी बताया कि इस समय के दौरान बच्चों को सुबह-शाम सर्दी से बचाना और उनका ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
गंदगी से दूर रखना और पोषक आहार देना जरूरी
जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र आनंद ने भी कोल्ड डायरिया के बढ़ते मामलों की पुष्टि की है। इस मौसम में गंदे पानी और पानी से बनी चीजों से संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है। अगर बच्चों को समय रहते इलाज मिल जाए तो अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं होती है। डॉ. आनंद ने सुझाव दिया कि बच्चों को साफ-सफाई और पौष्टिक आहार देना, साथ ही उन्हें सर्दी से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाने चाहिए। बच्चों के हाथों की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए और उन्हें गंदे स्थानों से दूर रखना चाहिए।
विज्ञापन
इन बातों पर भी ध्यान देना जरूरी
डॉ. आनंद का कहना है कि यदि माता-पिता बच्चों के खानपान और स्वच्छता का ध्यान रखें, तो कोल्ड डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव संभव है। बच्चों को ठंडे पानी से बचाना चाहिए। सर्दी में गरम पानी का सेवन कराना चाहिए। बच्चों को सर्दी के मौसम में ज्यादा ठंडा, तला-भुना या मांसाहारी भोजन नहीं देना चाहिए। अगर बच्चे को उल्टी, दस्त, बुखार या पेट दर्द जैसी समस्याएं महसूस हों तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
विज्ञापन
एमएमजी अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन उपाध्याय ने बताया कि सर्दी के मौसम में बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इससे उनका पाचन तंत्र प्रभावित होता है। खासतौर पर जिन बच्चों का आहार असंतुलित होता है या जो गंदे पानी और खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, वे जल्दी डायरिया का शिकार हो सकते हैं। डॉ. उपाध्याय ने यह भी बताया कि इस समय के दौरान बच्चों को सुबह-शाम सर्दी से बचाना और उनका ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
गंदगी से दूर रखना और पोषक आहार देना जरूरी
जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र आनंद ने भी कोल्ड डायरिया के बढ़ते मामलों की पुष्टि की है। इस मौसम में गंदे पानी और पानी से बनी चीजों से संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है। अगर बच्चों को समय रहते इलाज मिल जाए तो अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं होती है। डॉ. आनंद ने सुझाव दिया कि बच्चों को साफ-सफाई और पौष्टिक आहार देना, साथ ही उन्हें सर्दी से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाने चाहिए। बच्चों के हाथों की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए और उन्हें गंदे स्थानों से दूर रखना चाहिए।
विज्ञापन
इन बातों पर भी ध्यान देना जरूरी
डॉ. आनंद का कहना है कि यदि माता-पिता बच्चों के खानपान और स्वच्छता का ध्यान रखें, तो कोल्ड डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव संभव है। बच्चों को ठंडे पानी से बचाना चाहिए। सर्दी में गरम पानी का सेवन कराना चाहिए। बच्चों को सर्दी के मौसम में ज्यादा ठंडा, तला-भुना या मांसाहारी भोजन नहीं देना चाहिए। अगर बच्चे को उल्टी, दस्त, बुखार या पेट दर्द जैसी समस्याएं महसूस हों तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।