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Ghaziabad News: किस घटना को अंजाम देने आया था धर्मेंद्र उर्फ टिंडी, पुलिस के लिए बना चुनौती
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मोदीनगर । बावरिया गिरोह का सरगना और एक लाख का इनामी धर्मेंद्र उर्फ टिंडी गाजियाबाद में किस वारदात को अंजाम देने आया था, यह पुलिस के लिए चुनौती बना है। वह अपने दो साथियों के साथ क्षेत्र में घूम रहा था। क्राइम ब्रांच ने बुधवार शाम निवाड़ी क्षेत्र में गंगनहर पटरी मार्ग पर मुठभेड़ में उसे ढेर कर दिया, जबकि उसके दो साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। मसूरी क्षेत्र में लूटपाट और हत्या के प्रयास के मामले में वह डेढ़ साल से फरार था और गाजियाबाद पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही थी।
मूल रूप से अमरोहा के गांव बुरावली का रहने वाला धर्मेंद्र उर्फ टिंडी वर्तमान में निठोरा रोड, लोनी में रहता था। वह बावरिया गिरोह का सरगना था। उस पर गाजियाबाद और बागपत से 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। धर्मेंद्र ने 2019 में कविनगर और लिंकरोड थाना क्षेत्र में ताबड़तोड़ छह वारदात कर पुलिस को खुली चुनौती दी थी।
जून 2025 में उसने अपने गिरोह के साथ मसूरी क्षेत्र में डासना जेल के पीछे नाहल रोड पर चेतन के घर लूटपाट के इरादे से धावा बोला था। विरोध करने पर गिरोह ने चेतन, उसके भाई रोहित और पिता गोपीचंद पर चाकू से जानलेवा हमला किया था। घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। गाजियाबाद पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगी थीं, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था।
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बुधवार शाम क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि धर्मेंद्र अपने साथियों के साथ निवाड़ी क्षेत्र में किसी वारदात की फिराक में घूम रहा है। सूचना पर टीम ने गंगनहर पटरी मार्ग पर घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में धर्मेंद्र गोली लगने से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। मौके से दो पिस्टल बरामद हुई हैं। उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
पुलिस का कहना है कि धर्मेंद्र क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से आया था, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसका निशाना क्या था। क्या वह लूट, डकैती या किसी अन्य घटना को अंजाम देने वाला था, इसकी जांच की जा रही है।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि फरार साथियों की तलाश में टीमें लगाई गई हैं। उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी, तभी धर्मेंद्र के गाजियाबाद आने के मकसद का खुलासा हो सकेगा। साथ ही उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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मूल रूप से अमरोहा के गांव बुरावली का रहने वाला धर्मेंद्र उर्फ टिंडी वर्तमान में निठोरा रोड, लोनी में रहता था। वह बावरिया गिरोह का सरगना था। उस पर गाजियाबाद और बागपत से 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। धर्मेंद्र ने 2019 में कविनगर और लिंकरोड थाना क्षेत्र में ताबड़तोड़ छह वारदात कर पुलिस को खुली चुनौती दी थी।
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जून 2025 में उसने अपने गिरोह के साथ मसूरी क्षेत्र में डासना जेल के पीछे नाहल रोड पर चेतन के घर लूटपाट के इरादे से धावा बोला था। विरोध करने पर गिरोह ने चेतन, उसके भाई रोहित और पिता गोपीचंद पर चाकू से जानलेवा हमला किया था। घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। गाजियाबाद पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगी थीं, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था।
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बुधवार शाम क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि धर्मेंद्र अपने साथियों के साथ निवाड़ी क्षेत्र में किसी वारदात की फिराक में घूम रहा है। सूचना पर टीम ने गंगनहर पटरी मार्ग पर घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में धर्मेंद्र गोली लगने से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। मौके से दो पिस्टल बरामद हुई हैं। उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
पुलिस का कहना है कि धर्मेंद्र क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से आया था, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसका निशाना क्या था। क्या वह लूट, डकैती या किसी अन्य घटना को अंजाम देने वाला था, इसकी जांच की जा रही है।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि फरार साथियों की तलाश में टीमें लगाई गई हैं। उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी, तभी धर्मेंद्र के गाजियाबाद आने के मकसद का खुलासा हो सकेगा। साथ ही उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।