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Ghaziabad News: दिल्ली-मेरठ हाईवे पर 15 दिन से जलभराव, टूट रही सड़क...जिम्मेदारी से भाग रहे अफसर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2026 02:13 AM IST
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Waterlogging on the Delhi-Meerut highway for 15 days, road crumbling... officials shirking responsibility
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ हाईवे पर मोरटा के पास सड़क पर भरा पानी लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। जलभराव से सड़क टूट रही है और गड्ढों से जाम लगने के साथ हादसों का खतरा बढ़ गया है। यह समस्या 15 दिन से बनी हुई है, लेकिन इसका समाधान निकालने के बजाय जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे हैं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) जल निकासी के लिए नगर निगम को पत्र लिख रहा है तो नगर निगम के अधिकारी इसे अपने विभाग की जिम्मेदारी मानने से ही मना कर रहे हैं।
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मोरटा के पास दिल्ली-मेरठ हाईवे पर जलभराव के कारण सड़क की हालत लगातार खराब हो रही है। जलभराव के कारण यातायात भी प्रभावित हो रहा है। स्थिति यह है कि रोजाना पांच से छह किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग जाती हैं। पीक ऑवर्स में पांच मिनट का सफर तय करने में एक घंटे से अधिक समय लग रहा है। नौकरीपेशा लोगों से लेकर स्कूली बच्चों और मरीजों तक को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोग वैकल्पिक रास्तों से निकलने के लिए मजबूर हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अब तक ठोस पहल सामने नहीं आई है।
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पीडब्ल्यूडी के 10 पत्र, नगर निगम का साफ इनकार
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राम राजा का कहना है कि पानी भरने के कारण सड़क धंसने के साथ टूट भी रही है। उनका दावा है कि जल निकासी के लिए नगर निगम को पिछले 15 दिनों में तीन बार और पिछले दो महीने में 10 बार पत्र भेजे जा चुके हैं। उनका कहना है कि जब तक पानी नहीं निकलेगा, तब तक सड़क निर्माण का काम शुरू कराना संभव नहीं है।
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दूसरी ओर नगर निगम के निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एनके चौधरी का कहना है कि मोरटा के पास सड़क किनारे जिस जगह पानी भरा है और जहां से पानी सड़क पर पहुंच रहा है, वह निगम के नियोजित क्षेत्र में नहीं आता। ऐसे में जल निकासी या सड़क पर पानी भरने से नगर निगम का कोई लेना-देना नहीं है।
राहगीर परेशान...जिम्मेदार खेल रहे चिट्ठी-चिट्ठी
दिल्ली-मेरठ हाईवे गाजियाबाद और मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके बावजूद यहां जलभराव दूर करने के लिए जिम्मेदार विभागों के बीच तालमेल नहीं बन पा रहा है। ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब दोनों विभाग जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं तो सड़क पर भरे पानी से निजात कौन दिलाएगा? क्या जनता को राहत देने के लिए किसी हादसे का इंतजार किया जा रहा है?

राहगीर अनंत त्यागी ने बताया कि पिछले 15 दिनों से हालात खराब हैं। सड़क पर गहरे गड्ढे हैं और किनारे पानी भरा है। हर दिन यहां से गुजरते समय हादसे का डर बना रहता है। अधिकारी एक-दूसरे को पत्र भेज रहे हैं, लेकिन मौके पर समस्या दूर करने के लिए कोई काम नहीं दिख रहा है। वहीं, विमल गोयल का कहना था कि इस रास्ते से निकलने में रोजाना काफी समय बर्बाद हो रहा है। पांच मिनट के सफर में एक घंटे से ज्यादा लग रहा है। पानी निकासी और सड़क की मरम्मत कराने के बजाय अधिकारी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं। जनता की परेशानी दूर करने के लिए आखिर कौन आगे आएगा?
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