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Ghaziabad News: गंगाजल प्लांट बंद होने से खोड़ा में टैंकरों से पानी की आपूर्ति ठप, 10 लाख आबादी परेशान
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खोड़ा। गंगाजल प्लांट बंद होने का असर खोड़ा की पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। नगर पालिका क्षेत्र में 10 लाख की आबादी को सिद्धार्थ विहार प्लांट से टैंकरों के माध्यम से 10 क्यूसेक पानी की आपूर्ति होती थी, लेकिन गंगाजल प्लांट बंद होने की वजह से आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। लोगों को अब रोजमर्रा के कामों के साथ पीने के पानी की समस्या झेलनी पड़ रही है। नगर पालिका के पास जलापूर्ति की कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है।
क्षेत्र में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ऐसे में टैंकरों के माध्यम से होने वाली आपूर्ति स्थानीय लोगों के लिए राहत का एक जरिया थी, जिससे लोग पीने का पानी का इंतजाम करते थे। अब गंगाजल प्लांट बंद होने के बाद क्षेत्र में टैंकर से होने वाली गंगाजल आपूर्ति ठप हो गई है।
पहले से बनी हुई है पानी की किल्लत
खोड़ा रेजिडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक जोशी ने बताया कि बड़ी आबादी को नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना पहले से ही चुनौती बना हुआ है। कई परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में परेशानी होती है। ऐसे में टैंकरों की आपूर्ति बंद होने से लोगों को पीने, खाना बनाने से लिए बाजार से ही बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है।
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वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजार
निवासी उमा शंकर यादव ने बताया कि पानी की आपूर्ति बाधित होने के बाद अब वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है। यदि जल्द ही टैंकरों का संचालन दोबारा शुरू नहीं हुआ तो लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय स्तर पर यह भी जरूरी है कि प्रभावित इलाकों की जरूरत के अनुसार पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
नगरपालिका खोड़ा के अधिशासी अधिकारी अवनीश कुमार शुक्ला ने बताया कि खोड़ा में सिद्धार्थ विहार गंगाजल प्लांट से आपूर्ति होती है। प्लांट बंद होने की वजह से आपूर्ति बंद है। चालू होने पर आपूर्ति सुचारू हाे जाएगी। स्थाई समाधान के लिए क्षेत्र में पेयजल का काम तेजी से किया जा रहा है।
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क्षेत्र में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ऐसे में टैंकरों के माध्यम से होने वाली आपूर्ति स्थानीय लोगों के लिए राहत का एक जरिया थी, जिससे लोग पीने का पानी का इंतजाम करते थे। अब गंगाजल प्लांट बंद होने के बाद क्षेत्र में टैंकर से होने वाली गंगाजल आपूर्ति ठप हो गई है।
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पहले से बनी हुई है पानी की किल्लत
खोड़ा रेजिडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक जोशी ने बताया कि बड़ी आबादी को नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना पहले से ही चुनौती बना हुआ है। कई परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में परेशानी होती है। ऐसे में टैंकरों की आपूर्ति बंद होने से लोगों को पीने, खाना बनाने से लिए बाजार से ही बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है।
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वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजार
निवासी उमा शंकर यादव ने बताया कि पानी की आपूर्ति बाधित होने के बाद अब वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है। यदि जल्द ही टैंकरों का संचालन दोबारा शुरू नहीं हुआ तो लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय स्तर पर यह भी जरूरी है कि प्रभावित इलाकों की जरूरत के अनुसार पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
नगरपालिका खोड़ा के अधिशासी अधिकारी अवनीश कुमार शुक्ला ने बताया कि खोड़ा में सिद्धार्थ विहार गंगाजल प्लांट से आपूर्ति होती है। प्लांट बंद होने की वजह से आपूर्ति बंद है। चालू होने पर आपूर्ति सुचारू हाे जाएगी। स्थाई समाधान के लिए क्षेत्र में पेयजल का काम तेजी से किया जा रहा है।