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बिगड़ सकती है मासूम की चाल: वॉकर टेढ़ी कर रहा आपके बच्चों की हड्डियां, डॉक्टर बोले- सही उम्र का करें इंतजार

Tue, 07 May 2024 11:00 PM IST
Vikas Kumar आशुतोष यादव, अमर उजाला, गाजियाबाद
आशुतोष यादव, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 07 May 2024 11:00 PM IST
सार

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विनय उपाध्याय का कहना है कि कम उम्र में जब बच्चों को वॉकर में बिठा दिया जाता है और माता-पिता ये सोचने लगते हैं कि इससे हमारा बच्चा जल्दी चलने लगेगा।

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Walker can bend your children bones doctor said wait for the right age
वॉकर बिगाड़ रहा बच्चों की चाल - फोटो : freepik.com

विस्तार

हमारा 18 महीने का बच्चा चलता है तो एड़ी जमीन पर नहीं होती। पंजे के बल पर ही आगे बढ़ता है..., राजनगर एक्सटेंशन की रहने वाली शिक्षिका ने यह समस्या डॉक्टर को बताई। जवाब मिला, यह समस्या बेबी वॉकर की वजह से आई है। डॉक्टर ने बताया कि यह इस तरह का अकेला मामला नहीं है। रोज तीन से चार अभिभावक इस तरह की समस्या लेकर आ रहे हैं।

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संजयनगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में संचालित अर्ली इंटरवेंसन सेंटर में फिजियोथेरेपी से ऐसे बच्चों का उपचार किया जाता है। संजयनगर से ही मंगलवार को एक केस आया। महिला ने बताया कि 11 महीने का बच्चा वॉकर में तो तेज चल लेता है लेकिन वॉकर हटाते ही चलने में डरता है। डॉक्टर ने वॉकर का प्रयोग बंद कराने के लिए कहा है। डॉक्टर ने बताया कि वॉकर से चलने के कारण एड़ी की मांसपेशियां कमजोर हो गई हैं। इस कारण से बच्चे को स्वयं चलने में परेशानी हो रही है। निजी अस्पतालों से भी ऐसे बच्चे रेफर होकर सेंटर पर आ रहे हैं। इनकी पांच से सात महीने तक फिजियोथेरेपी करानी पड़ती है।

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सेंटर की फिजियोथेरेपिस्ट मीनाक्षी सिंह ने बताया कि मां का तर्क होता है कि रसोई का काम करने के दौरान बच्चे की देखभाल में परेशानी होती है। वॉकर में बच्चा खुश भी रहता है और चलने का प्रयास भी करता है। उन्हें यह नहीं पता होता है कि वॉकर से चलाने के प्रयास में बच्चे के पैर का सिर्फ पंजा फर्श पर पड़ता है। इससे बच्चे की रीढ़ की हड्डी पर जोर पड़ता है। पाचन क्षमता भी प्रभावित हो जाती है। एड़ी की मांसपेशियां कमजोर और संकुचित हो रही हैं। इस कारण से बच्चों का विकास भी समय पर नहीं हो पाता है।

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चोट लगने का भी खतरा
एमएमजी अस्पताल के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. विनयकांत का कहना है कि कुछ सालों में ऐसे मामले काफी ज्यादा सामने आ रहे हैं जिसमें बच्चों को वॉकर के कारण चोट लगी है। पैरों की हड्डियों पर इसका असर हो रहा है। ओपीडी में रोजाना 15 से 20 बच्चे ऐसे आते हैं जो हड्डियों से जुड़ी बीमारी से परेशान होते हैं। छह से आठ महीने के बच्चों में एडी की समस्या वॉकर की वजह से हो रही है। 11 महीने से पहले बच्चे को वॉकर में नहीं बैठाना चाहिए। इससे पहले बच्चों के पैरों पर बोझ डालने से ये समस्याएं पैदा हो रही हैं।

चलने की उम्र का करें इंतजार
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विनय उपाध्याय का कहना है कि कम उम्र में जब बच्चों को वॉकर में बिठा दिया जाता है और माता-पिता ये सोचने लगते हैं कि इससे हमारा बच्चा जल्दी चलने लगेगा। ये सोच गलत है। बच्चा तभी चलेगा जब उसकी चलने की सही उम्र आएगी। उन्होंने बताया कि बच्चा स्वत: आठ से 12 महीने के बीच चलने लगता है। ऐसे में मां-बाप को चलाने के लिए जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।

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