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यूनिपोल का शहर बन गया गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Mon, 20 Jun 2016 01:29 AM IST
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unipol
- फोटो : अमर उजाला
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एजूकेशन और औद्योगिक हब के बाद गाजियाबाद की तीसरी पहचान अब ‘यूनिपोल सिटी’ के रूप में बनने लगी है। नगर निगम ने यूनिपोल के ठेके रेवड़ी की तरह बांट दिए। बीओटी पर यूनिपोल के ठेके लेकर कांट्रैक्टर फर्म ने अनुमति से कहीं ज्यादा यूनिपोल डिवाइडर और सड़कों के किनारे खड़े कर दिए हैं। यूनिपोल से विज्ञापन से कमाई का धंधा चल निकला तो अवैध यूनिपोल लगाकर कमाई करने वालों का भी एक बड़ा ‘सिंडिकेट’ खड़ा हो गया। शहर में सैकड़ों की संख्या में अवैध यूनिपोल लगे हैं।
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बीओटी पर यूनिपोल लगाने का सिलसिला वर्ष 2006-07 से शुरू हुआ 2009-10 के बाद यह तेजी से बढ़ा। निगम अफसरों ने शहर की सड़कों को गुपचुप तरीके से प्राइवेट फर्मों के हवाले कर विज्ञापन लगाने की इजाजत दे दी। अब बीओटी फर्म अनुबंध की शर्तों में तय किए गए उनके काम को भी नहीं कर रही और विज्ञापन लगाना भी बंद नहीं किया गया। बल्कि अनुबंध में तय की गई संख्या से कहीं ज्यादा यूनिपोल लगाकर दिए गए हैं। इन यूनिपोल और अंधाधुंध लगाए जा रहे विज्ञापनों ने शहर को बदसूरत कर दिया है।
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मेंटेनेंस करा रहा निगम, कमाई कर रही फर्म
नगर निगम ने यूनिपोल लगाने की इजाजत देने की एवज में फर्म को संबंधित सड़कों के डिवाइडर, विद्युत पोल, स्ट्रीट लाइट की मेंटेनेंस और उन पर आने वाली बिजली बिल का भुगतान की जिम्मेदारी थी। उस वक्त यह ध्यान में रखकर बीओटी ठेके दिए गए थे कि निगम को डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट्स के मेंटेनेंस पर पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा, इससे निगम को बचत होगी। अफसरों और बीओटी फर्मों के मालिकों की साठगांठ के चलते अब डिवाइडरों और लाइट्स की मेंटेनेंस भी निगम ही करा रहा है और कमाई संबंधित फर्म कर रही है।
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निगम को हर साल करोड़ों रुपये का चूना लग रहा है।
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इन मार्गों पर लगे अनुमति से ज्यादा यूनिपोल
अंबेडकर रोड, जीटी रोड, कलक्ट्रेट रोड, आरडीसी, एएलटी रोड, पुलिस लाइन रोड, मोहननगर से अप्सरा बार्डर तक, मोहननगर से चौधरी मोड़ तक, लिंक रोड, वसुंधरा मेन रोड, इंदिरापुरम सीआईएसएफ रोड, तिगरी कट, एनएच-24, एनएच-58 पर मेरठ मोड़ से दुहाई तक, वैशाली सेक्टर-3 और चार के बीच की रोड, वजीराबाद रोड, राजनगर एक्सटेंशन रोड
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मेयर बोले
सभी बीओटी फर्मों से उनकी ओर से लगाए गए यूनिपोल की लिस्ट मंगाई जाएगी। अनुबंध की शर्तों से ज्यादा संख्या में यूनिपोल लगे मिले तो उन्हें हटाया जाएगा। - अशु वर्मा, महापौर
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बीते दिनों 300 से ज्यादा अवैध यूनिपोल काटे गए हैं। दोबारा सर्वे कराकर अवैध और अनुमति के विपरीत लगाए गए यूनिपोल चिह्नित किए जाएंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अब्दुल समद, नगर आयुक्त