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Ghaziabad News: घुमंतू गिरोह के 50 हजार के इनामी मामा-भांजे गिरफ्तार
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लोनी। घुमंतू गिरोह के 50 हजार के इनामी मामा-भांजे को नोएडा एसटीएफ की पुलिस ने लोनी के निठोरा अंडरपास से शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। दोनों मामा किशन और भांजा अमर सिंह घरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। चोरी के बाद दोनों लोनी आकर रहने लगते हैं। कब्जे से बाइक बरामद हुई है।
पुलिस उपाधीक्षक नवेंद कुमार ने बताया कि उन्होंने टीम के साथ लोनी में छापा मारा। सूचना मिली कि 50 हजार के इनामी मामा भांजे राशिद अली गेट की तरफ जा रहे हैं। पूछताछ में किशन ने बताया कि वह मूलरूप से बुलंदशहर का रहने वाला है। वह घुमंतू गिरोह के सदस्य हैं। अमर सिंह उसका भांजा है। वह अपने भांजे के साथ मिलकर एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में घरों में घुसकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते है। साल 2022 में दोनों लोनी के पूजा कॉलोनी में आकर रहने लगे थे। उनकी प्रेमपाल निवासी अशोक विहार कॉलोनी से हुई। इसके बाद तीनों दिखावे के लिए बेलदारी करने लगे।
प्रेमपाल के माध्यम से मामा-भांजे की मुलाकात मनोज उर्फ मन्नू से हुई। सभी लोगों ने गैंग बनाकर घरों में चोरी की घटना को अंजाम देने लगे। इस गैंग ने भोजपुर में सहकारी बैंक में चोरी करने का भी प्रयास किया। लेकिन जाग होने पर चोरी नहीं कर पाए थे। आरोपी पशु चोरी की घटनाओं को भी अंजाम देते है। 2022 में किशन, अमर पाल और प्रेमपाल ट्रॉनिका सिटी थाने से भी जेल जा चुके है। करीब चार माह बाद जेल से बाहर आए थे। जेल से आकर फिर से चोरी की घटनाएं करने लगे।
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पुलिस उपाधीक्षक नवेंद कुमार ने बताया कि उन्होंने टीम के साथ लोनी में छापा मारा। सूचना मिली कि 50 हजार के इनामी मामा भांजे राशिद अली गेट की तरफ जा रहे हैं। पूछताछ में किशन ने बताया कि वह मूलरूप से बुलंदशहर का रहने वाला है। वह घुमंतू गिरोह के सदस्य हैं। अमर सिंह उसका भांजा है। वह अपने भांजे के साथ मिलकर एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में घरों में घुसकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते है। साल 2022 में दोनों लोनी के पूजा कॉलोनी में आकर रहने लगे थे। उनकी प्रेमपाल निवासी अशोक विहार कॉलोनी से हुई। इसके बाद तीनों दिखावे के लिए बेलदारी करने लगे।
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प्रेमपाल के माध्यम से मामा-भांजे की मुलाकात मनोज उर्फ मन्नू से हुई। सभी लोगों ने गैंग बनाकर घरों में चोरी की घटना को अंजाम देने लगे। इस गैंग ने भोजपुर में सहकारी बैंक में चोरी करने का भी प्रयास किया। लेकिन जाग होने पर चोरी नहीं कर पाए थे। आरोपी पशु चोरी की घटनाओं को भी अंजाम देते है। 2022 में किशन, अमर पाल और प्रेमपाल ट्रॉनिका सिटी थाने से भी जेल जा चुके है। करीब चार माह बाद जेल से बाहर आए थे। जेल से आकर फिर से चोरी की घटनाएं करने लगे।
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