UP: फैक्टरी में फ्रेम उठाते समय क्रेन का पट्टा टूटा, नीचे दबकर दो मजदूरों की मौत; दो घायल, Video
सोमवार शाम मोदीनगर के निवाड़ी थाना क्षेत्र स्थित सिबली औद्योगिक क्षेत्र में दर्दनाक हादसा हुआ। इसमें दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। तीन घंटे तक शव उठने नहीं दिया।
विस्तार
यूपी के मोदीनगर स्थित सिबली औद्योगिक क्षेत्र में ऑटो पार्टस बनाने की फैक्टरी में सोमवार शाम फ्रेम उठाते समय हाइड्रा क्रेन का पट्टा टूट गया। भारी भरकम फ्रेम की चेपट में आकर मजदूर शाहिद और आजाद अली की मौत हो गई व दो मजदूर घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना से गुस्साए परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते फैक्टरी मालिक गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर में हंगामा किया। उन्होने तीन घंटे तक शव नहीं उठने दिए। हंगामा बढ़ने पर निवाड़ी के अलावा मोदीनगर व मुरादनगर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इस दौरान पुलिस और परिजनों की बीच तीखी नोकझोंक हुई।
पुलिस के अनुसार गाजियाबाद के कैलाभट्ठा निवासी सलीम की सिबली औद्योगिक क्षेत्र में केईजीएन ऑटोमेशन प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी है। फैक्टरी में मशीने और वाहनों के पार्टस बनाए जाते हैं। मजदूर शावेज के अनुसार फैक्टरी में करीब 85 कर्मचारी काम करते हैं। बताया कि सोमवार शाम करीब 4 बजे हाइड्रा क्रेन से सिंगल पट्टे पर लोहे के भारी भरकम फ्रेम उठाए जा रहे थे। इसी बीच पट्टा टूट गया। पट्टा टूटने के कारण वहां काम कर रहे चार मजदूर दब गए।
मुरादनगर के मलिकनगर निवासी शाहिद (20) और प्रीत विहार निवासी आजाद अली (42) की मौके पर ही मौत हो गई व मुरादनगर निवासी सलीम और अयान गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद फैक्टरी में भगदड़ मच गई। घायलों को उपचार के लिए नगर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया।
मामले की जानकारी लगते ही मृतकों और घायलों के परिजन व रिश्तेदार बड़ी संख्या में फैक्टरी पहुंच गए। घटना से गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा काटा और पुलिस को शव नहीं उठाने दिए। आक्रोशित भीड़ फैक्टरी संचालक की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग पर अड़ गई। भीड़ के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए मोदीनगर और मुरादनगर पुलिस को भी मौके पर बुला लिया गया। पुलिस ने उन्हें समझाने का काफी प्रयास किया मगर भीड़ ने मांगे पूरी हुए बिना शव नहीं उठाने दिए। महिलाओं ने एंबुलेंस को रोककर हंगामा काटा। लगभग तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा। रात करीब आठ बजे फैक्टरी प्रबंधन और परिजनों में सहमति बनी इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे।
मजदूरों ने लगाया लापरवाही का आरोप, कमजोर था भारी भरकम फ्रेम उठाने वाला पट्टा
हादसे में फैक्टरी प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। फैक्टरी में काम करने वाले सावेज और दिलशाद ने बताया कि हाइड्रा से भारी भरकम फ्रेम एक ही पट्टे से उठाए जा रहे था जबकि पहले दो पट्टे इस्तेमाल होते थे। जिस पट्टे से फ्रेम उठाया जा रहा था वह काफी कमजोर हो गया था। कई बार फैक्टरी प्रबंधन से डबल पट्टा लगाने और कमजोर पट्टा बदलने की मांग की, मगर उनकी बात नहीं सुनी गई और हादसा हो गया। उन्होने बताया कि हादसे वाले स्थान पर दोपहर के समय काफी मजदूर काम करते हैं। शाम को उस स्थान पर काम कम हो जाता है इसलिए शाम के समय वहां मजदूरों की संख्या कम थी, हादसा अगर दोपहर के समय होता तो और जनहानि हो सकती थी।
परिवारों के सामने पैदा हुआ आर्थिक संकट
शाहिद आर्थिक तंगी के कारण कम उम्र में ही मजदूरी करने लगे। परिवार में पिता नसीम व मां नसरीन और एक भाई व बहन है। शाहिद की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। वहीं आजाद अली भी परिवार में अकेले कमाने वाले थे। परिवार में मां अनीशा, पत्नी रूबीना और 12 वर्षीय पुत्र अज्जू , 8 वर्षीय पुत्री इकरा और 6 वर्षीय पुत्र उबैद है। आजाद की मौत के बाद परिवार में कोई कमाने वाला नहीं रहा।
फैक्टरी में सोमवार शाम हुए हादसे में दो मजदूरो की मौत हो गई व दो घायल हुए है। दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए है। लापरवाही है या अचानक हादसा हुआ इसकी जांच की जा रही है। परिजनों ने अभी घटना की तहरीर नहीं दी। तहरीर प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -अमित सक्सेना,एसीपी मोदीनगर