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Ghaziabad News: दो और हत्यारोपी गिरफ्तार वारदात का रहस्य बरकरार
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मोदीनगर। खिंदौड़ा गांव में 21 जून की रात आम के बाग के ठेकेदार पप्पू और उनके बेटे शाहनवाज की हत्या करने के मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को दो और नामजद आरोपियों मोहित उर्फ बादशाह और लवली को गिरफ्तार कर लिया। इनमें मोहित जिलाबदर अपराधी है। पुलिस का कहना है कि दोनों अपने गांव खिंदौड़ा के पास ही घूम रहे थे।
हैरानी की बात यह है कि दोनों से पूछताछ में पुलिस कोई खास जानकारी हासिल नहीं कर सकी। इतना तक नहीं पता कर पाई कि दोहरे हत्याकांड में इस्तेमाल की गई पिस्टल कहां से आई? गिरफ्तार दोनों आरोपियों की दोहरे हत्याकांड में भूमिका के बारे में पुलिस ने कुछ नहीं बताया है। उनके पास से कोई हथियार भी बरामद नहीं हुआ है।
इन दो से पहले तीन आरोपी जेल जा चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने कहा था कि फरार चल रहे आरोपियों के पकड़े जाने पर राज खुलेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पुलिस ने पप्पू के भाई बिलाल की तहरीर पर सुधीर, दीपक, बिट्टू, मोहित उर्फ बादशाह, लवली, आसिफ, दीपक पुत्र कांति निवासी खिदौड़ा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। घटना के अगले दिन सुधीर व उसके पुत्र दीपक और बिट्टू को गिरफ्तार कर पिस्टल बरामद की थी। दो आरोपी दीपक और आसिफ अभी भी फरार चल रहे हैं।
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किरकिरी के बाद दिखाई गिरफ्तारी
मोहित उर्फ बादशाह व लवली के परिजनों ने दोनों आरोपियों को चार दिन पूर्व ही हिरासत में लेकर एनकांउटर की साजिश रचने का आरोप पुलिस पर लगाया गया था। मोहित के परिजनों ने एक पेट्रोल पंप से उसे हिरासत में लेने का वीडियो वायरल कर बुधवार को मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी। वहीं हिंदू रक्षा दल और हिंदू जागरण मंच की ओर से फर्जी एनकांउटर पर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। वीडियो वायरल होने से पुलिस की किरकिरी हो रही थी। पुलिस ने जिलाबदर मोहित उर्फ बादशाह व लवली को गिरफ्तार करने का प्रेस नोट जारी कर दिया।
गांव में ही थे तो छह
दिन बाद क्यों मिले
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी खिंदौड़ा गांव के पास ही की गई है। सवाल यह उठ रहा है कि दोनों गांव में ही थे तो गिरफ्तारी में छह दिन क्यों लग गए। पुलिस अधिकारी कह रहे थे कि उनकी तलाश में छह टीमें लगी हुई हैं। सवाल यह भी है कि छह टीमें क्या कर रही थीं। एसीपी ज्ञान प्रकाश राय का कहना है कि दोनों को कोर्ट में पेश किया,जहां से उन्हे जेल भेज दिया गया। दो नामजद अभी भी फरार है। उनकी तलाश में भी टीमें लगी हुई है।
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हैरानी की बात यह है कि दोनों से पूछताछ में पुलिस कोई खास जानकारी हासिल नहीं कर सकी। इतना तक नहीं पता कर पाई कि दोहरे हत्याकांड में इस्तेमाल की गई पिस्टल कहां से आई? गिरफ्तार दोनों आरोपियों की दोहरे हत्याकांड में भूमिका के बारे में पुलिस ने कुछ नहीं बताया है। उनके पास से कोई हथियार भी बरामद नहीं हुआ है।
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इन दो से पहले तीन आरोपी जेल जा चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने कहा था कि फरार चल रहे आरोपियों के पकड़े जाने पर राज खुलेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पुलिस ने पप्पू के भाई बिलाल की तहरीर पर सुधीर, दीपक, बिट्टू, मोहित उर्फ बादशाह, लवली, आसिफ, दीपक पुत्र कांति निवासी खिदौड़ा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। घटना के अगले दिन सुधीर व उसके पुत्र दीपक और बिट्टू को गिरफ्तार कर पिस्टल बरामद की थी। दो आरोपी दीपक और आसिफ अभी भी फरार चल रहे हैं।
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किरकिरी के बाद दिखाई गिरफ्तारी
मोहित उर्फ बादशाह व लवली के परिजनों ने दोनों आरोपियों को चार दिन पूर्व ही हिरासत में लेकर एनकांउटर की साजिश रचने का आरोप पुलिस पर लगाया गया था। मोहित के परिजनों ने एक पेट्रोल पंप से उसे हिरासत में लेने का वीडियो वायरल कर बुधवार को मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी। वहीं हिंदू रक्षा दल और हिंदू जागरण मंच की ओर से फर्जी एनकांउटर पर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। वीडियो वायरल होने से पुलिस की किरकिरी हो रही थी। पुलिस ने जिलाबदर मोहित उर्फ बादशाह व लवली को गिरफ्तार करने का प्रेस नोट जारी कर दिया।
गांव में ही थे तो छह
दिन बाद क्यों मिले
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी खिंदौड़ा गांव के पास ही की गई है। सवाल यह उठ रहा है कि दोनों गांव में ही थे तो गिरफ्तारी में छह दिन क्यों लग गए। पुलिस अधिकारी कह रहे थे कि उनकी तलाश में छह टीमें लगी हुई हैं। सवाल यह भी है कि छह टीमें क्या कर रही थीं। एसीपी ज्ञान प्रकाश राय का कहना है कि दोनों को कोर्ट में पेश किया,जहां से उन्हे जेल भेज दिया गया। दो नामजद अभी भी फरार है। उनकी तलाश में भी टीमें लगी हुई है।