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Ghaziabad News: सड़क किनारे खड़े हवाई जहाज को देखने के चक्कर में दो और की मौत
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गाजियाबाद/मसूरी। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर मसूरी क्षेत्र के रेस्ट एरिया में पुराने हवाई जहाज में बने रेस्तरां को देखने के चक्कर में दो और युवकों की जान चली गई। हादसा बुधवार की रात करीब 11 बजे हुआ। बाइक चला रहे युवक की नजर जैसे ही हवाई जहाज पर पड़ी, वैसे ही उसका ध्यान भटक गया। अगले ही पल बाइक आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। हादसे में बाइक पर सवार तीन युवकों में से दो की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरा गंभीर रूप से घायल है।
मृतकों में राहुल (22) निवासी बिस्नौली, बादलपुर, गौतमबुद्धनगर और शिवनंदन (20) निवासी मान सरोवर पार्क, बम्हैटा, गाजियाबाद की मौत हो गई। सागर निवासी डेरी मच्छा, थाना बादलपुर, गौतमबुद्धनगर घायल है। उसका जीटीबी दिल्ली में उपचार चल रहा है।
एसीपी मसूरी नरेश कुमार ने बताया कि तीनों दोस्त बुधवार रात को मेरठ में अपने दोस्त के यहां शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए थे। रात को तीनों बाइक से लौट रहे थे। करीब 11 बजे के आसपास जब वह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर पुराने हवाई जहाज में बने हवा-हवाई रेस्तरां के सामने पहुंचे तो उनकी बाइक आगे चल रहे ट्रक में घुस गई।
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तीनों को संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां राहुल और शिवनंदन को मृत घोषित कर दिया गया। घायल सागर ने पुलिस को बताया कि बाइक राहुल चला रहा था। उसका ध्यान हवाई जहाज पर चला गया, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। हादसे के बाद चालक ट्रक को लेकर फरार हो गया। सागर ने बताया कि वह नोएडा की एक कंपनी में साथ काम करते थे।
11 महीने में नौ हादसे
छह की जा चुकी जान
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर हवा-हवाई रेस्टोरेंट के आसपास इस साल के 11 महीनों में नौ हादसे हो चुके हैं। इनमें छह लोगों की जान जा चुकी है और 20 लोग घायल हुए हैं। हर हादसे के बाद ट्रैफिक पुलिस के अफसर कहते हैं कि इन्हें रोकने का प्रयास किया जाएगा और जल्द ही जरूरी कदम उठाए जाएंगे। लेकिन, इसके बाद इसकी याद अगला हादसा हो जाने पर ही आती है। बुधवार को डीएम ने सड़क सुरक्षा सप्ताह की बैठक में चेतावनी दी थी कि हादसा हुआ तो अफसर जिम्मेदार माने जाएंगे। अगले दिन ही हादसा हो गया।
-9 नवंबर को हवाई जहाज देखने के चक्कर में ध्यान भटकने पर विपिन निवासी जाहिदपुर, थाना सरूरपुर, मेरठ की मौत हो गई थी। वह स्कूटी से अपनी बहन की शादी का दोस्तों को कार्ड देने जा रहा था।
-13 जुलाई को रामबीर निवासी फरीदाबाद अपने परिचित मोहित के साथ बाइक से फरीदाबाद जा रहे थे। रेस्ट एरिया के पास हादसे में रामबीर की जान चली गई। मोहित घायल हो गए थे।
-2 नवंबर को हवाई जहाज देखने के लिए रुकी इको कार में पीछे से वैगनआर ने टक्कर मार दी। इको कार में मेरठ के जागृतिविहार का परिवार सवार था, जो विजयनगर, गाजियाबाद जन्मदिन में जा रहा था। गनीमत रही कि उस वक्त कार में कोई नहीं बैठा था।
-18 अगस्त को मुजफ्फरनगर के नई मंडी निवासी विकास मलिक अपनी मां मुकेश देवी के साथ बाइक से नोएडा जा रहे थे। हवा हवाई रेस्तरां के पास उनकी बाइक आगे चल रहे वाहन की घुस गई थी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
-24 अगस्त को हवाई जहाज देखने की चक्कर में ध्यान भटकने पर ही छह कारें आगे पीछे एक दूसरे से भिड़ गई थीं। इसमें 12 लोग घायल हुए थे। वाहनों में काफी नुकसान हो गया था।
-14 सितंबर को हवा-हवाई रेस्टाेरेंट के पास यूपी रोडवेज की बस लहराते हुए 20 फुट गहरी खाई में गिर गई। इसमें 20 से ज्यादा सवारियां भी सवार थीं।
एनएचएआई को लिखेंगे पत्र
हवाई जहाज को देखने के चक्कर में हो रहे हादसों पर एडीसीपी यातायात रामानंद कुशवाहा का कहना है कि वह एनएचएआई को पत्र लिखेंगे। हादसे रोकने के लिए रेस्तरां के सामने हरा पर्दा लगवाया जा सकता है जिससे हवाई जहाज एक्सप्रेसवे से नजर न आए। इसके अलावा और भी उपाय हो सकते हैं। उन पर विचार किया जाएगा।
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मृतकों में राहुल (22) निवासी बिस्नौली, बादलपुर, गौतमबुद्धनगर और शिवनंदन (20) निवासी मान सरोवर पार्क, बम्हैटा, गाजियाबाद की मौत हो गई। सागर निवासी डेरी मच्छा, थाना बादलपुर, गौतमबुद्धनगर घायल है। उसका जीटीबी दिल्ली में उपचार चल रहा है।
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एसीपी मसूरी नरेश कुमार ने बताया कि तीनों दोस्त बुधवार रात को मेरठ में अपने दोस्त के यहां शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए थे। रात को तीनों बाइक से लौट रहे थे। करीब 11 बजे के आसपास जब वह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर पुराने हवाई जहाज में बने हवा-हवाई रेस्तरां के सामने पहुंचे तो उनकी बाइक आगे चल रहे ट्रक में घुस गई।
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तीनों को संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां राहुल और शिवनंदन को मृत घोषित कर दिया गया। घायल सागर ने पुलिस को बताया कि बाइक राहुल चला रहा था। उसका ध्यान हवाई जहाज पर चला गया, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। हादसे के बाद चालक ट्रक को लेकर फरार हो गया। सागर ने बताया कि वह नोएडा की एक कंपनी में साथ काम करते थे।
11 महीने में नौ हादसे
छह की जा चुकी जान
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर हवा-हवाई रेस्टोरेंट के आसपास इस साल के 11 महीनों में नौ हादसे हो चुके हैं। इनमें छह लोगों की जान जा चुकी है और 20 लोग घायल हुए हैं। हर हादसे के बाद ट्रैफिक पुलिस के अफसर कहते हैं कि इन्हें रोकने का प्रयास किया जाएगा और जल्द ही जरूरी कदम उठाए जाएंगे। लेकिन, इसके बाद इसकी याद अगला हादसा हो जाने पर ही आती है। बुधवार को डीएम ने सड़क सुरक्षा सप्ताह की बैठक में चेतावनी दी थी कि हादसा हुआ तो अफसर जिम्मेदार माने जाएंगे। अगले दिन ही हादसा हो गया।
-9 नवंबर को हवाई जहाज देखने के चक्कर में ध्यान भटकने पर विपिन निवासी जाहिदपुर, थाना सरूरपुर, मेरठ की मौत हो गई थी। वह स्कूटी से अपनी बहन की शादी का दोस्तों को कार्ड देने जा रहा था।
-13 जुलाई को रामबीर निवासी फरीदाबाद अपने परिचित मोहित के साथ बाइक से फरीदाबाद जा रहे थे। रेस्ट एरिया के पास हादसे में रामबीर की जान चली गई। मोहित घायल हो गए थे।
-2 नवंबर को हवाई जहाज देखने के लिए रुकी इको कार में पीछे से वैगनआर ने टक्कर मार दी। इको कार में मेरठ के जागृतिविहार का परिवार सवार था, जो विजयनगर, गाजियाबाद जन्मदिन में जा रहा था। गनीमत रही कि उस वक्त कार में कोई नहीं बैठा था।
-18 अगस्त को मुजफ्फरनगर के नई मंडी निवासी विकास मलिक अपनी मां मुकेश देवी के साथ बाइक से नोएडा जा रहे थे। हवा हवाई रेस्तरां के पास उनकी बाइक आगे चल रहे वाहन की घुस गई थी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
-24 अगस्त को हवाई जहाज देखने की चक्कर में ध्यान भटकने पर ही छह कारें आगे पीछे एक दूसरे से भिड़ गई थीं। इसमें 12 लोग घायल हुए थे। वाहनों में काफी नुकसान हो गया था।
-14 सितंबर को हवा-हवाई रेस्टाेरेंट के पास यूपी रोडवेज की बस लहराते हुए 20 फुट गहरी खाई में गिर गई। इसमें 20 से ज्यादा सवारियां भी सवार थीं।
एनएचएआई को लिखेंगे पत्र
हवाई जहाज को देखने के चक्कर में हो रहे हादसों पर एडीसीपी यातायात रामानंद कुशवाहा का कहना है कि वह एनएचएआई को पत्र लिखेंगे। हादसे रोकने के लिए रेस्तरां के सामने हरा पर्दा लगवाया जा सकता है जिससे हवाई जहाज एक्सप्रेसवे से नजर न आए। इसके अलावा और भी उपाय हो सकते हैं। उन पर विचार किया जाएगा।