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Ghaziabad News: एक ही फ्लैट पर दो बार लिया लोन, शिप्रा एस्टेट व जय कृष्णा एस्टेट पर मुकदमा
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कौशांबी। थानाक्षेत्र स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा के प्रबंधक नवीन सेमवाल ने शिप्रा एस्टेट लिमिटेड के बिल्डर और जय कृष्णा एस्टेट्स डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों पर एक ही फ्लैट के दस्तावेजों में फेरबदल कर दो बार लोन लेने का आरोप है। साथ ही एक लोन पूरा न चुकाने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने 19 सितंबर की रात मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दर्ज मुकदमे में शाखा प्रबंधक नवीन सेमवाल ने बताया कि शिप्रा सृष्टि सोसायटी के टावर नंबर चार में एक फ्लैट के लिए बिल्डर की ओर से गौरव त्रिपाठी और शिवानी त्रिपाठी ने 2016 में लोन लिया था। बैंक ने कागजों की जांच के बाद करीब 71 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कर लिया। यह लोन बिल्डर को चुकाना था। बिल्डर के जरिये दोनों किश्त का भुगतान कर रहे थे। इस सोसायटी का निर्माण शिप्रा एस्टेट और जय कृष्णा एस्टेट कर रहा है। काम करीब 75 फीसदी तक पूरा हो चुका है। बताया कि गौरव त्रिपाठी ने लोन की किश्त जमा करना बंद कर दिया। उन्होंने यह शिकायत की कि बिल्डर ने उनके फ्लैट पर किसी और को भी लोन दिलवा दिया। जांच में सामने आया कि वर्ष 2018 में सीमा कौशिक के नाम से उसी फ्लैट के कागजों में कुछ फेरबदल करके लोन स्वीकृत करवाया गया। हालांकि सीमा कौशिक की ओर से लिया गया लोन पूरा चुका दिया गया है। बैंक प्रबंधक नवीन सेमवाल ने बताया कि बिल्डर ने एक खरीदार की प्रोफाइल का प्रयोग कर लोन लिया और फिर उसको आवंटित फ्लैट किसी और को बेचकर दोबारा से लोन ले लिया। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि बैंक की जांच रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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दर्ज मुकदमे में शाखा प्रबंधक नवीन सेमवाल ने बताया कि शिप्रा सृष्टि सोसायटी के टावर नंबर चार में एक फ्लैट के लिए बिल्डर की ओर से गौरव त्रिपाठी और शिवानी त्रिपाठी ने 2016 में लोन लिया था। बैंक ने कागजों की जांच के बाद करीब 71 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कर लिया। यह लोन बिल्डर को चुकाना था। बिल्डर के जरिये दोनों किश्त का भुगतान कर रहे थे। इस सोसायटी का निर्माण शिप्रा एस्टेट और जय कृष्णा एस्टेट कर रहा है। काम करीब 75 फीसदी तक पूरा हो चुका है। बताया कि गौरव त्रिपाठी ने लोन की किश्त जमा करना बंद कर दिया। उन्होंने यह शिकायत की कि बिल्डर ने उनके फ्लैट पर किसी और को भी लोन दिलवा दिया। जांच में सामने आया कि वर्ष 2018 में सीमा कौशिक के नाम से उसी फ्लैट के कागजों में कुछ फेरबदल करके लोन स्वीकृत करवाया गया। हालांकि सीमा कौशिक की ओर से लिया गया लोन पूरा चुका दिया गया है। बैंक प्रबंधक नवीन सेमवाल ने बताया कि बिल्डर ने एक खरीदार की प्रोफाइल का प्रयोग कर लोन लिया और फिर उसको आवंटित फ्लैट किसी और को बेचकर दोबारा से लोन ले लिया। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि बैंक की जांच रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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