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Ghaziabad News: भूख से दो गोवंशों की मौत, अधिकारी को जानकारी नहीं
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औरंगाबाद। नगर पंचायत औरंगाबाद की अस्थाई कान्हा गोशाला में शनिवार की सुबह दो गोवंशों की भूख से मौत हो गई। एक गोवंश जिंदगी ओर मौत से संघर्ष कर रही है। केयर टेकरों ने बगैर पोस्मार्टम कराए शवों को दफना दिया। अधिकारियों को भी घटना की जानकारी नहीं दी। इससे अधिकारी भी बेखबर हैं।
गांव कोड़ा शमशाबाद स्थित मोहल्ला बत्तो वाली में अस्थाई कान्हा गोशाला बनी हुई है। शनिवार सुबह गोशाला के अंदर बने एक कमरे में दो गोवंश मृत पड़े हुए मिले। जबकि एक गोवंश भूख से तड़प रही थी। जो गंभीर हालत में जमीन पर पड़ी हुई थी।
गोवंशों के खाने पीने के लिए बनाई गई खोर खाली पड़ी थी। न तो उनमें चारा था और न ही भीषण गर्मी में पीने के लिए पानी। स्थानीय लोगों ने बताया कि गोवंशों को खाने में हरे चारे की जगह सूखा भूसा पुआल दिया जाता है। बताया जाता है कि पानी में ही पुआल को मिलाकर गोवंशों को खाने के लिए दे दिया जाता है। हालांकि भीषण गर्मी में गोवंशों को राहत देने के लिए पंखे ओर कूलर जरूर चल रहे हैं। गोशाला में मौजूद सीसीटीवी कैमरे भी बंद पड़े हैं। नगर पंचायत प्रशासन उन्हें ठीक कराने की जहमत तक नहीं उठा रही है। जबकि गोशाला में विकास के नाम पर साल भर में करोड़ों खर्च हो रहे है।
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कोट
शुक्रवार को मैंने गोशाला का निरीक्षण किया था। दो गोवंश बीमार थे। मौके पर चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया। हरे चारे की कमी है लेकिन भूसा और खल चोकर पर्याप्त मात्रा में है। गोवंशों की मौत की जानकारी नहीं है। - सेवाराम राजभर, ईओ, नगर पंचायत औरंगाबाद
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गांव कोड़ा शमशाबाद स्थित मोहल्ला बत्तो वाली में अस्थाई कान्हा गोशाला बनी हुई है। शनिवार सुबह गोशाला के अंदर बने एक कमरे में दो गोवंश मृत पड़े हुए मिले। जबकि एक गोवंश भूख से तड़प रही थी। जो गंभीर हालत में जमीन पर पड़ी हुई थी।
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गोवंशों के खाने पीने के लिए बनाई गई खोर खाली पड़ी थी। न तो उनमें चारा था और न ही भीषण गर्मी में पीने के लिए पानी। स्थानीय लोगों ने बताया कि गोवंशों को खाने में हरे चारे की जगह सूखा भूसा पुआल दिया जाता है। बताया जाता है कि पानी में ही पुआल को मिलाकर गोवंशों को खाने के लिए दे दिया जाता है। हालांकि भीषण गर्मी में गोवंशों को राहत देने के लिए पंखे ओर कूलर जरूर चल रहे हैं। गोशाला में मौजूद सीसीटीवी कैमरे भी बंद पड़े हैं। नगर पंचायत प्रशासन उन्हें ठीक कराने की जहमत तक नहीं उठा रही है। जबकि गोशाला में विकास के नाम पर साल भर में करोड़ों खर्च हो रहे है।
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शुक्रवार को मैंने गोशाला का निरीक्षण किया था। दो गोवंश बीमार थे। मौके पर चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया। हरे चारे की कमी है लेकिन भूसा और खल चोकर पर्याप्त मात्रा में है। गोवंशों की मौत की जानकारी नहीं है। - सेवाराम राजभर, ईओ, नगर पंचायत औरंगाबाद