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‘तुरुप का इक्का’ साबित हो सकते हैं जातीय समीकरण
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Sun, 29 Jan 2017 12:48 AM IST
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चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी स्तर पर भले ही जातिगत जनगणना जारी नहीं की गई हो, मगर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी जातीय आधार पर मतदाताओं का पूरा रिकॉर्ड रखे हुए हैं। पांचों विधानसभाओं के इन आंकड़ों से पता चलता है कि कहीं मुस्लिम तो कहीं दलित मतदाताओं की संख्या ज्यादा है।
कहीं ब्राह्मण, वैश्य और ठाकुर मिलकर समीकरण बदलने की स्थिति में हैं। गढ़वाली, बंगाली, पूर्वांचल, पंजाबी, ईसाई और कश्मीरियों को भी प्रत्याशी साधने में लगे हुए हैं।
नोटबंदी की मार के बाद इस बार विधानसभा का चुनावी मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। इसी के चलते प्रत्याशी अब चुपके-चुपके इन जातीय समीकरणों को ही तुरुप के इक्के की तरह प्रयोग करने की कवायद में जुटे हुए हैं।
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जातिगत आंकड़ों को आधार बनाकर चुनाव लड़ने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त है। चुनाव आयोग भी इस पर सख्ती बरत रहा है। इसके बावजूद गाजियाबाद की पांचों विधानसभाओं पर चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशी गुपचुप तरीके से इन आंकड़ों के जरिए मतदाताओं को साधने में लगे हैं।
बसपा का निशाना जहां दलित और मुस्लिम वोटरों पर है, वहीं भाजपा ब्राह्मण, वैश्य, ठाकुर, जाट, गुर्जर के साथ ही गढ़वाली, कश्मीरी, पूर्वांचल के मतदाताओं को अपनी झोली में मानकर चल रही है।
सपा-कांग्रेस गठबंधन की नजर भी ब्राह्मण और मुस्लिम साथ ही अपने परंपरागत मतदाताओं पर है। ओबीसी मतदाताओं पर सभी राजनीतिक दलों की निगाहें लगी हुई हैं। रोचक बात यह भी है कि मतदान भले ही 11 फरवरी और मतगणना 11 मार्च को होगी, मगर अपने इन्हीं जातीय समीकरण के चलते सभी प्रत्याशी खुद की जीत के प्रति आश्वस्त नजर आ रहे हैं।
विधानसभा वार कुछ अनुमानित जातीय समीकरण:
गाजियाबाद शहर: कुल मतदाता संख्या करीब 4.22 लाख
जाति संख्या
ब्राह्मण 53856
वैश्य 35672
दलित 76573
मुस्लिम 33555
ठाकुर 25566
यादव 11745
पंजाबी 12421
ओबीसी 43786
इसके अलावा त्यागी-3995, गुर्जर-6342, सुनार-7418, जाट-9938, कायस्थ-5791, ईसाई-1283, नेगी-1323, बंगाली-991 और 51 मद्रासी भी शहर विधानसभा क्षेत्र में ही रहते हैं।
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साहिबाबाद विधानसभा: कुल मतदाता करीब 8.27 लाख
मुस्लिम 1.45 लाख
ब्राह्मण 87 हजार
दलित 95 हजार
वैश्य 43 हजार
यादव 14 हजार
ठाकुर 29 हजार
त्यागी 55 हजार
पूर्वांचल के लोग 65 हजार
गढ़वाली 33 हजार
जाट 27 हजार
गुर्जर 24 हजार
कश्मीरी 09 हजार
ईसाई 13 हजार
कायस्थ 15 हजार
सुनार 11 हजार
बंगाली 08 हजार
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लोनी विधानसभा: 4.55 लाख
मुस्लिम 90 हजार
गुर्जर 35 हजार
ब्राह्मण 30 हजार
दलित 30 हजार
वाल्मीकि 23 हजार
त्यागी 18 हजार
वैश्य 15 हजार
गढ़वाली 18 हजार
पूर्वांचली 38 हजार
अन्य ओबीसी 2.10 लाख
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मुरादनगर विधानसभा: करीब चार लाख मतदाता
जाट 55 हजार
त्यागी 40 हजार
मुस्लिम 45 हजार
ब्राह्मण 40 हजार
दलित 45 हजार
पंजाबी 18 हजार
यादव 17 हजार
वैश्य 25 हजार
ओबीसी 75 हजार
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मोदीनगर विधानसभा: 3.18 लाख मतदाता
जाट 48 हजार
मुस्लिम 48 हजार
दलित 30 हजार
वैश्य 25 हजार
ब्राह्मण 32 हजार
ओबीसी 1.25 लाख
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कहीं ब्राह्मण, वैश्य और ठाकुर मिलकर समीकरण बदलने की स्थिति में हैं। गढ़वाली, बंगाली, पूर्वांचल, पंजाबी, ईसाई और कश्मीरियों को भी प्रत्याशी साधने में लगे हुए हैं।
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नोटबंदी की मार के बाद इस बार विधानसभा का चुनावी मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। इसी के चलते प्रत्याशी अब चुपके-चुपके इन जातीय समीकरणों को ही तुरुप के इक्के की तरह प्रयोग करने की कवायद में जुटे हुए हैं।
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जातिगत आंकड़ों को आधार बनाकर चुनाव लड़ने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त है। चुनाव आयोग भी इस पर सख्ती बरत रहा है। इसके बावजूद गाजियाबाद की पांचों विधानसभाओं पर चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशी गुपचुप तरीके से इन आंकड़ों के जरिए मतदाताओं को साधने में लगे हैं।
बसपा का निशाना जहां दलित और मुस्लिम वोटरों पर है, वहीं भाजपा ब्राह्मण, वैश्य, ठाकुर, जाट, गुर्जर के साथ ही गढ़वाली, कश्मीरी, पूर्वांचल के मतदाताओं को अपनी झोली में मानकर चल रही है।
सपा-कांग्रेस गठबंधन की नजर भी ब्राह्मण और मुस्लिम साथ ही अपने परंपरागत मतदाताओं पर है। ओबीसी मतदाताओं पर सभी राजनीतिक दलों की निगाहें लगी हुई हैं। रोचक बात यह भी है कि मतदान भले ही 11 फरवरी और मतगणना 11 मार्च को होगी, मगर अपने इन्हीं जातीय समीकरण के चलते सभी प्रत्याशी खुद की जीत के प्रति आश्वस्त नजर आ रहे हैं।
विधानसभा वार कुछ अनुमानित जातीय समीकरण:
गाजियाबाद शहर: कुल मतदाता संख्या करीब 4.22 लाख
जाति संख्या
ब्राह्मण 53856
वैश्य 35672
दलित 76573
मुस्लिम 33555
ठाकुर 25566
यादव 11745
पंजाबी 12421
ओबीसी 43786
इसके अलावा त्यागी-3995, गुर्जर-6342, सुनार-7418, जाट-9938, कायस्थ-5791, ईसाई-1283, नेगी-1323, बंगाली-991 और 51 मद्रासी भी शहर विधानसभा क्षेत्र में ही रहते हैं।
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साहिबाबाद विधानसभा: कुल मतदाता करीब 8.27 लाख
मुस्लिम 1.45 लाख
ब्राह्मण 87 हजार
दलित 95 हजार
वैश्य 43 हजार
यादव 14 हजार
ठाकुर 29 हजार
त्यागी 55 हजार
पूर्वांचल के लोग 65 हजार
गढ़वाली 33 हजार
जाट 27 हजार
गुर्जर 24 हजार
कश्मीरी 09 हजार
ईसाई 13 हजार
कायस्थ 15 हजार
सुनार 11 हजार
बंगाली 08 हजार
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लोनी विधानसभा: 4.55 लाख
मुस्लिम 90 हजार
गुर्जर 35 हजार
ब्राह्मण 30 हजार
दलित 30 हजार
वाल्मीकि 23 हजार
त्यागी 18 हजार
वैश्य 15 हजार
गढ़वाली 18 हजार
पूर्वांचली 38 हजार
अन्य ओबीसी 2.10 लाख
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मुरादनगर विधानसभा: करीब चार लाख मतदाता
जाट 55 हजार
त्यागी 40 हजार
मुस्लिम 45 हजार
ब्राह्मण 40 हजार
दलित 45 हजार
पंजाबी 18 हजार
यादव 17 हजार
वैश्य 25 हजार
ओबीसी 75 हजार
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मोदीनगर विधानसभा: 3.18 लाख मतदाता
जाट 48 हजार
मुस्लिम 48 हजार
दलित 30 हजार
वैश्य 25 हजार
ब्राह्मण 32 हजार
ओबीसी 1.25 लाख
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