Ghaziabad: कर्जदारों से परेशान होकर रची गुमशुदगी की साजिश, आरोपी पति- पत्नी समेत भाई, साढू़ और साला गिरफ्तार
संतोष रुपये नहीं लौटा पा रहा था। ऐसे में कर्ज देने वाले लोग उस पर रकम लौटने का दबाव बना रहे थे। जिससे संतोष परेशान था। इसी से बचने के लिए उसने खुद के गुमशुदा होने की साजिश रची और हरिद्वार चला गया।
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बैंक के लोन और कर्जदारों से बचने के लिए जनरल स्टोर सामान की सप्लाई करने वाले की पत्नी ने पति की लोनी बॉर्डर थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि सूचना झूठी है और कर्जदारों से बचने के लिए संतोष पांडेय ने पत्नी और रिश्तेदारों के साथ मिलकर साजिश रची। मामले में पुलिस ने संतोष पांडेय, उसकी पत्नी प्रीति, भाई रोहित पांडेय, उन्नाव के सदवाड़ा निवासी साढू़ रविशंकर और साला रजनीश को गिरफ्तार किया है।
डीसीपी ग्रामीण रवि कुमार ने बताया कि राम विहार लोनी निवासी प्रीति पांडेय ने 14 अप्रैल को लोनी बॉर्डर थाने में अपने पति संतोष पांडेय की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया था कि संतोष परचून के सामान को दुकानों पर फुटकर में बेचते हैं। 13 अप्रैल को वह सामान की सप्लाई करने गए थे। जिसके बाद वापस घर नहीं लौटे। डीसीपी ने बताया कि जांच में पता चला कि संतोष ने बंथला में मकान बनवाया था। इसके लिए उसने बैंक लोन और बाजार के कुछ लोगों से करीब आठ लाख रुपये ब्याज पर उधार लिए थे।
संतोष रुपये नहीं लौटा पा रहा था। ऐसे में कर्ज देने वाले लोग उस पर रकम लौटने का दबाव बना रहे थे। जिससे संतोष परेशान था। इसी से बचने के लिए उसने खुद के गुमशुदा होने की साजिश रची और हरिद्वार चला गया। डीसीपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि संतोष ने पत्नी प्रीति को अपना फोन दे दिया था और दो दिन बाद पुलिस को देने की बात कही। प्रीति ने ऐसा ही किया और अपनी बहन के साथ मोबाइल लेकर पुलिस के पास गई और कहा कि यह मोबाइल उन्हें झाड़ियों में पड़ा मिला है।
दूसरे नंबर से परिवार के संपर्क में था
डीसीपी ने बताया कि सभी की कॉल डिटेल सामने आई। संतोष हरिद्वार से ही परिवार के संपर्क में था। 14 अप्रैल को गुमशुदा संतोष पत्नी व रिश्तेदारों से बातचीत करने के सबूत मिले। जांच के बाद पुलिस संतोष को हरिद्वार से बरामद कर लाई और सभी को गिरफ्तार कर लिया।