{"_id":"58f64f034f1c1b0b524711cd","slug":"toilets-to-become-then-in-coming-relationship","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘बनेगा शौचालय, तब आऊंगी रिश्तेदारी में’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘बनेगा शौचालय, तब आऊंगी रिश्तेदारी में’
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 19 Apr 2017 03:43 PM IST
विज्ञापन
Toilets
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनपद के एक गांव में रिश्तेदारों ने खुले में शौच प्रथा बंद होने तक गांव में आने से इंकार कर दिया है। वैसे तो जिला प्रशासन ने 30 अप्रैल तक पूरे जिले को खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है लेकिन ऐसा होता हुआ नजर नहीं आ रहा। मामला बसंतपुर सैंथली गांव का है।
विज्ञापन
यहां मंगलवार को भी बाहर शौच के लिए जाने वाले लोगों को टोका गया। गांव में रिश्तेदारी में आईं राजवती खुले में शौच को जा रहीं थीं लेकिन मौके पर पकड़े जाने पर वह बिफर गईं और शौचालय न बनने तक उसने गांव की रिश्तेदारी में आने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान अर्णिमा त्यागी ने बताया कि खुले में शौच के लिए उन्होंने एक निगरानी समिति का गठन कर रखा है। इसके तहत हर रोज की तरह मंगलवार को भी वानर सेना और निगरानी समिति खुले में शौच जाने वालों की निगरानी में जुटी थी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मंगलवार को भी कुछ महिलाएं खुले में शौच करने जा रही थीं, जिन्हें रोका गया। बाद में मालूम हुआ कि उनमें गांव में किराए पर रह रहे परिवार के पास आई हुईं एक रिश्तेदार भी थीं।
जिन्हें समझाया गया तो उन्होंने साफ तौर पर एलान किया कि अब वो तभी गांव में रिश्तेदार के यहां आएंगी जब गांव में उनके रिश्तेदारों के यहां शौचालय बन जाएगा। अर्णिमा त्यागी ने बताया कि गांव से कुछ किरायेदार जो बिना शौचालय के मकान में रह रहे थे, अब उन्होंने भी मकान खाली करना शुरू कर दिया है।