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Ghaziabad News: संतान की लंबी आयु के लिए आज महिलाएं करेंगी निर्जला व्रत
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गाजियाबाद। संतान की लंबी आयु के लिए महिलाएं शनिवार को जीवितपुत्रिका व्रत का निर्जला व्रत रखेंगी। शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ इसकी शुरुआत हो गई। शुद्ध-सात्विक भोजन के बाद 24 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होगा।
परंपरा के अनुसार यूपी-बिहार में बेटे के जन्म के बाद जीवितपुत्रिका व्रत रखा जाता है, लेकिन अब बेटियों के लिए भी व्रत रखने का चलन बढ़ा है। निभा श्रीवास्तव ने बताया कि पहले गिनी-चुनी महिलाएं बेटियों के लिए व्रत रखती थीं, अब संख्या बढ़ गई है। शशि श्रीवास्तव बोलीं- मेरे दो बेटे हैं, उनके लिए व्रत रखती हूं, पर अब कई महिलाएं बेटी के जन्म से ही व्रत शुरू कर देती हैं।
सास ने कहा- बेटा-बेटी दोनों संतान हैं
विवेकानंद नगर की काजल श्रीवास्तव की दो बेटियां हैं। उन्होंने बताया कि पहली बेटी एक साल की थी तभी से व्रत शुरू किया। अब बड़ी बेटी 11 साल और छोटी 8 साल की है। लोग कहते थे बेटा नहीं है तो व्रत क्यों रखती हो, लेकिन सास ने कहा बेटा-बेटी दोनों संतान हैं, व्रत जारी रखो।
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तीन बेटियों के लिए रखती हैं व्रत
प्रताप विहार की गुड्डी सिन्हा की तीन बेटियां हैं। बोलीं- पहले सुनती थी यह व्रत बेटों के लिए है। पहली बेटी हुई तो कहा गया बेटा होगा तब करना। फिर दूसरी और तीसरी बेटी हुई। बाद में सोचा कि बेटा नहीं तो क्या संतान के लिए व्रत नहीं रखूंगी, फिर तीनों बेटियों के लिए व्रत शुरू किया।
परंपरा के अनुसार यूपी-बिहार में बेटे के जन्म के बाद जीवितपुत्रिका व्रत रखा जाता है, लेकिन अब बेटियों के लिए भी व्रत रखने का चलन बढ़ा है। निभा श्रीवास्तव ने बताया कि पहले गिनी-चुनी महिलाएं बेटियों के लिए व्रत रखती थीं, अब संख्या बढ़ गई है। शशि श्रीवास्तव बोलीं- मेरे दो बेटे हैं, उनके लिए व्रत रखती हूं, पर अब कई महिलाएं बेटी के जन्म से ही व्रत शुरू कर देती हैं।
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सास ने कहा- बेटा-बेटी दोनों संतान हैं
विवेकानंद नगर की काजल श्रीवास्तव की दो बेटियां हैं। उन्होंने बताया कि पहली बेटी एक साल की थी तभी से व्रत शुरू किया। अब बड़ी बेटी 11 साल और छोटी 8 साल की है। लोग कहते थे बेटा नहीं है तो व्रत क्यों रखती हो, लेकिन सास ने कहा बेटा-बेटी दोनों संतान हैं, व्रत जारी रखो।
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तीन बेटियों के लिए रखती हैं व्रत
प्रताप विहार की गुड्डी सिन्हा की तीन बेटियां हैं। बोलीं- पहले सुनती थी यह व्रत बेटों के लिए है। पहली बेटी हुई तो कहा गया बेटा होगा तब करना। फिर दूसरी और तीसरी बेटी हुई। बाद में सोचा कि बेटा नहीं तो क्या संतान के लिए व्रत नहीं रखूंगी, फिर तीनों बेटियों के लिए व्रत शुरू किया।