यूपी गेट पर रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस ने आंदोलनस्थल से 46 संदिग्धों को दबोचा
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यूपी गेट पर सोमवार को महिला किसान संकल्प दिवस पर काफी संख्या में महिलाएं और युवतियां पहुंचीं। इस दौरान कबड्डी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। महिलाओं की सुरक्षा की कमान महिला वॉलंटियर और महिला पुलिसकर्मियों ने संभाली। सीओ इंदिरापुरम और महिला इंस्पेक्टर मौके पर मुस्तैद रहीं। दोनों ही पल पल की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थीं। वहीं, आंदोलन स्थल से पुलिस ने 46 संदिग्धों को दबोचा। इसमें से छह पर शांतिभंग की धारा में कार्रवाई की गई।
यूपी गेट पर किसानों ने सोमवार को महिला किसान संकल्प दिवस मनाया। इस दौरान पूरे आंदोलन की कमान महिलाओं के हाथ में रही। मंच का संचालन भी महिला किसानों ने किया। साथ ही महिला कबड्डी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
किसान समिति गाजीपुर की ओर से सुरक्षा के लिए 25 महिला वॉलंटियर लगाई गई थीं। साथ ही पुलिस की ओर से महिला पुलिसकर्मी और एलआईयू की महिला कर्मियों को आगे रखा गया। भीड़ के बीच रहकर महिला पुलिस कर्मियों ने कमान संभाली। आंदोलन स्थल पर पीएसी के साथ अर्धसैनिक बल भी तैनात रहे।
इसके साथ ही एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह समेत अन्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैद हैं। खुफिया विभाग अलर्ट पर है। सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है।
किसान आंदोलन में पहुंचे बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह
किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए सोमवार देर रात यूपी गेट पर बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह पहुंचे। यहां उन्होंने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक व अन्य किसानों से मुलाकात की। उन्होंने राकेश टिकैत से कृषि कानूनों के बारे में बात की। इसके बाद बिना शर्त आंदोलन को समर्थन देकर लोगों से भी इसमें जुड़ने का आह्वान किया।
सुशांत सिंह ने बताया कि वह मूलरूप से बिजनौर के रहने वाले हैं। वह किसानों के साथ हैं, क्योंकि वह भी किसान परिवार से हैं। बचपन से ही चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत का नाम सुनकर बड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यूपी और उत्तराखंड वाले लोग किसान आंदोलन में एक साथ हैं। इसके आगे कहा कि जब किसान इन कानूनों से नाराज हैं तो कानून गलत ही हैं।
सुशांत ने बताया कि वह दो दिन पहले मुंबई में हुई किसानों की रैली में भी गए थे। कहा कि यह कोई लड़ाई नहीं है, किसान सिर्फ अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से कहा कि किसानों की सभी मांगें जायज हैं और इन्हें माना जाना चाहिए। पिछले दो महीनों से किसान सड़कों पर बैठे हैं। कई किसान अपनी जान गंवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई नतीजा नहीं निकलता है तो यह पूरे देश के लिए काफी चिंताजनक होगा।
इसके आगे उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली शांतिपूर्ण तरीके से निकलेगी। उन्होंने कहा कि कई अन्य कलाकार किसानों के हक में बोल रहे हैं। जहां किसी के साथ भी अन्याय हो रहे हैं, वह हमेशा अपनी बात रखते हैं। यह देश हमारे बच्चों का है।