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चलती ट्रेन में महिला ने बच्ची को दिया जन्म
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 26 Aug 2016 12:55 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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एक महिला ने बृहस्पतिवार को चलती ट्रेन में बच्ची को जन्म दिया लेकिन महिला को करीब 30 किलोमीटर के सफर में कोई चिकित्सा सुविधा नहीं मिली। ट्रेन गाजियाबाद पहुंची तो सूचना पर जीआरपी की मदद से महिला को उतारकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला और उसकी बच्ची दोनों स्वस्थ हैं।
घटना दानापुर-आनंद विहार टर्मिनल जनसाधारण एक्सप्रेस की है। रेशमा नाम की महिला अपनी मां नसीमा और पांच साल के बेटे के साथ पटना से दिल्ली अपने पति के पास जा रही थी। रेशमा का पति वाहिद शास्त्री पार्क दिल्ली में कापियां और डायरी बनाने का काम करता है।
जनरल कोच में सवार रेशमा को हापुड़ स्टेशन से ट्रेन चलने के बाद ही लेबर पेन होने लगा। रेशमा को न तो ट्रेन में चिकित्सा सुविधा मिली और न ही ट्रेन रुकी। थोड़ी देर बाद रेशमा ने ट्रेन में ही बेटी को जन्म दे दिया।
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करीब एक घंटे बाद ट्रेन जब गाजियाबाद स्टेशन पर पहुंची तो जीआरपी ने रेशमा और नवजात बच्ची को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया। रेशमा के देवर रहीस ने बताया कि सूचना मिलने पर वह पहले ही अस्पताल पहुंच गए थे। डॉक्टरों का कहना है कि जच्चा-बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं। दो दिन बाद अस्पताल से उन्हें छुट्टी मिलेगी।
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घटना दानापुर-आनंद विहार टर्मिनल जनसाधारण एक्सप्रेस की है। रेशमा नाम की महिला अपनी मां नसीमा और पांच साल के बेटे के साथ पटना से दिल्ली अपने पति के पास जा रही थी। रेशमा का पति वाहिद शास्त्री पार्क दिल्ली में कापियां और डायरी बनाने का काम करता है।
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जनरल कोच में सवार रेशमा को हापुड़ स्टेशन से ट्रेन चलने के बाद ही लेबर पेन होने लगा। रेशमा को न तो ट्रेन में चिकित्सा सुविधा मिली और न ही ट्रेन रुकी। थोड़ी देर बाद रेशमा ने ट्रेन में ही बेटी को जन्म दे दिया।
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करीब एक घंटे बाद ट्रेन जब गाजियाबाद स्टेशन पर पहुंची तो जीआरपी ने रेशमा और नवजात बच्ची को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया। रेशमा के देवर रहीस ने बताया कि सूचना मिलने पर वह पहले ही अस्पताल पहुंच गए थे। डॉक्टरों का कहना है कि जच्चा-बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं। दो दिन बाद अस्पताल से उन्हें छुट्टी मिलेगी।