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Ghaziabad News: थाने में चस्पा थी फोटो…लावारिस में कर दिया अंतिम संस्कार
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छह अक्टूबर को विजयनगर थाने की दीवार पर बुजुर्ग की गुमशुदगी का नोटिस चस्पा करते वेव सिटी थाना पु
गाजियाबाद। मानसिक रूप से बीमार पिता की तलाश में इंजीनियर बेटा व तीन बेटियां दर-दर भटकते रहे और पुलिस ने उनको सड़क हादसे में घायल होने पर लावारिस मान लिया। मौत के बाद पंचनामा भरा, शव तीन दिन के लिए पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया और फिर अंतिम संस्कार कर दिया। यह सब तब हुआ, जब पुलिस के पास उनकी तस्वीर और गुमशुदगी की सूचना मौजूद थी। थाने की दीवार पर गुमशुदगी का नोटिस भी चस्पा था। यह प्रकरण सिर्फ एक परिवार का असहनीय दुख व्यक्त नहीं करता, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और गुमशुदा लोगों की तलाश के दावों पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है।
मामले में पीड़ित परिवार ने बृहस्पतिवार को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त केशव चौधरी से शिकायत की। उन्होंने जांच एसीपी कविनगर आईपीएस अभय राजेंद्र डागा को सौंपी है। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने बुजुर्ग की पहचान कराने की कोशिश नहीं की। वे जिनको लगातार तलाश रहे थे, उनकी मौत के बाद पुलिस की लापरवाही के कारण अंतिम दर्शन तक नहीं कर सके।
वेव सिटी थाना क्षेत्र के लालकुआं निवासी वरुण यादव हरियाणा के बल्लभगढ़ स्थित हरिओम फोर्जिंग कंपनी में इंजीनियर हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता पुरुषोत्तम यादव (69) मानसिक रूप से बीमार थे। वह अक्सर घर का पता भूल जाते थे। 29 सितंबर 2026 को वह घर से निकले और भटकते हुए दो अक्तूबर को विजयनगर थाना क्षेत्र पहुंच गए।
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वहां अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हो गए। मौके पर पहुंची विजयनगर थाना पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। उपचार के दौरान छह अक्तूबर को उनकी मौत हो गई। सात अक्तूबर को पुलिस ने अज्ञात के रूप में पंचनामा भरा और शव तीन दिन के लिए पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया। इस बीच परिजन अपने स्तर से तलाश में जुटे रहे।
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गुमशुदगी की सूचना के बाद भी नहीं हुई शिनाख्त
परिजनों के मुताबिक, वेव सिटी थाना पुलिस ने बुजुर्ग की तलाश के लिए आठ जनपदों में पर्चे जारी किए थे। विजयनगर थाना पुलिस को भी बुजुर्ग के लापता होने की सूचना दी थी। इतना ही नहीं, छह अक्तूबर को विजयनगर थाने के बोर्ड और दीवार पर बुजुर्ग की फोटो के साथ गुमशुदगी का नोटिस भी चस्पा किया गया था। इसके बावजूद 10 अक्तूबर 2026 को पुलिस ने पुरुषोत्तम का लावारिस के रूप में अंतिम संस्कार कर दिया। 14 अक्तूबर को बेटे वरुण और उनकी बहन शालिनी को इसकी जानकारी हुई। परिवार का आरोप है कि पुलिस के पास गुमशुदगी की सूचना और फोटो उपलब्ध होने के बाद भी शिनाख्त का प्रयास नहीं किया गया।
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चार संतानों के पिता थे पुरुषोत्तम
पुरुषोत्तम यादव की तीन बेटियां शालिनी, शीतल व सोनिया और एक बेटा वरुण है। चारों की शादी हो चुकी है। उनकी पत्नी दुर्गावती हैं और परिवार में कई अन्य सदस्य हैं।
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तीन दिन में मांगा जवाब
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि मृतक की बेटी शालिनी ने शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच एसीपी कविनगर को सौंपी गई है। तीन दिन में जवाब मांगा गया है। लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मामले में पीड़ित परिवार ने बृहस्पतिवार को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त केशव चौधरी से शिकायत की। उन्होंने जांच एसीपी कविनगर आईपीएस अभय राजेंद्र डागा को सौंपी है। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने बुजुर्ग की पहचान कराने की कोशिश नहीं की। वे जिनको लगातार तलाश रहे थे, उनकी मौत के बाद पुलिस की लापरवाही के कारण अंतिम दर्शन तक नहीं कर सके।
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वेव सिटी थाना क्षेत्र के लालकुआं निवासी वरुण यादव हरियाणा के बल्लभगढ़ स्थित हरिओम फोर्जिंग कंपनी में इंजीनियर हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता पुरुषोत्तम यादव (69) मानसिक रूप से बीमार थे। वह अक्सर घर का पता भूल जाते थे। 29 सितंबर 2026 को वह घर से निकले और भटकते हुए दो अक्तूबर को विजयनगर थाना क्षेत्र पहुंच गए।
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वहां अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हो गए। मौके पर पहुंची विजयनगर थाना पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। उपचार के दौरान छह अक्तूबर को उनकी मौत हो गई। सात अक्तूबर को पुलिस ने अज्ञात के रूप में पंचनामा भरा और शव तीन दिन के लिए पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया। इस बीच परिजन अपने स्तर से तलाश में जुटे रहे।
गुमशुदगी की सूचना के बाद भी नहीं हुई शिनाख्त
परिजनों के मुताबिक, वेव सिटी थाना पुलिस ने बुजुर्ग की तलाश के लिए आठ जनपदों में पर्चे जारी किए थे। विजयनगर थाना पुलिस को भी बुजुर्ग के लापता होने की सूचना दी थी। इतना ही नहीं, छह अक्तूबर को विजयनगर थाने के बोर्ड और दीवार पर बुजुर्ग की फोटो के साथ गुमशुदगी का नोटिस भी चस्पा किया गया था। इसके बावजूद 10 अक्तूबर 2026 को पुलिस ने पुरुषोत्तम का लावारिस के रूप में अंतिम संस्कार कर दिया। 14 अक्तूबर को बेटे वरुण और उनकी बहन शालिनी को इसकी जानकारी हुई। परिवार का आरोप है कि पुलिस के पास गुमशुदगी की सूचना और फोटो उपलब्ध होने के बाद भी शिनाख्त का प्रयास नहीं किया गया।
चार संतानों के पिता थे पुरुषोत्तम
पुरुषोत्तम यादव की तीन बेटियां शालिनी, शीतल व सोनिया और एक बेटा वरुण है। चारों की शादी हो चुकी है। उनकी पत्नी दुर्गावती हैं और परिवार में कई अन्य सदस्य हैं।
तीन दिन में मांगा जवाब
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि मृतक की बेटी शालिनी ने शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच एसीपी कविनगर को सौंपी गई है। तीन दिन में जवाब मांगा गया है। लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

छह अक्टूबर को विजयनगर थाने की दीवार पर बुजुर्ग की गुमशुदगी का नोटिस चस्पा करते वेव सिटी थाना पु