फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   The doctor referred the girl to AIIMS who came for CT scan.

Ghaziabad News: सीटी स्कैन कराने पहुंची युवती को डॉक्टर ने कर दिया एम्स रेफर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jan 2024 02:38 PM IST
विज्ञापन
The doctor referred the girl to AIIMS who came for CT scan.
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में सीटी स्कैन कराने पहुंची युवती को नाक कान गला रोग विशेषज्ञ ने एम्स रेफर कर दिया। युवती को सरकारी अस्पताल में जांच की सलाह देने वाले प्राइवेट ईएनटी सर्जन डॉ. बीपी त्यागी को एमएमजी अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉ. राकेश द्वारा अपशब्द बोलने का भी आरोप लगाया है। डॉ. त्यागी ने मामले की शिकायत सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार से की है। सीएमओ का कहना है कि मामले की जांच के लिए सीएमएस को निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन

पंचवटी निवासी रोशनी (18) के कान में दर्द और सूजन के अलावा बाहरी हिस्से में ट्यूमर हो गया है। ऊपरी त्वचा काली पड़ने लगी है। परिजन रोशनी को आरडीसी में वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉ. बीपी त्यागी के पास ले गए। डॉ. त्यागी ने बताया कि ऑपरेशन कर कान का ट्यूमर हटाना पड़ेगा। इससे पहले सीटी स्कैन कराना होगा, उन्होंने रोशनी को एमएमजी अस्पताल में जांच कराने की सलाह दी।रोशनी ने बताया कि पर्ची बनवाने के बाद एमएमजी अस्पताल में कार्यरत नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार को दिखाया। आरोप है कि डॉ. राकेश ने डॉ. त्यागी का पर्चा देखकर उपचार और सीटी स्कैन कराने से इन्कार कर दिया। डॉ. राकेश ने बिना किसी जांच के ही एम्स रेफर कर दिया। युवती का यह भी आरोप है कि डॉ. राकेश ने डॉ. त्यागी बारे में भी अपशब्द कहे। रोशनी के परिजन बिना सीटी स्कैन करवाए वापस डॉ. त्यागी के पास पहुंचे और पूरी बात बताई। उन्होंने राष्ट्रीय जनसत्ता दल की ओर से सीएमओ को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई करने की मांग की है।
विज्ञापन


डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि प्राइवेट डॉक्टर के पर्चे पर सीटी स्कैन जांच नहीं लिखा जा सकता सकते हैं। मरीज का एमएमजी अस्पताल में ऑपरेशन नहीं हो सकता था, इसलिए उसे एम्स रेफर किया था। किसी को कोई अपशब्द नहीं कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन



सीएमएस डॉ. मनोज चतुर्वेदी का कहना है कि मरीज का उपचार अस्पताल में संभव नहीं था, इसलिए उसे एम्स रेफर किया गया। मरीज से दुर्व्यवहार और निजी डॉक्टर के लिए अपशब्द कहने के मामले की जांच की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed