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ठेके पर वाहन देने के खिलाफ निगम चालकों ने दिया धरना
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Thu, 06 Oct 2016 12:23 AM IST
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नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
निगम में खरीदे गए नए वाहनों को ठेके पर चलवाने के खिलाफ बुधवार को नगर निगम के वाहन चालक आंदोलन पर उतर आए। उन्होंने निगम मुख्यालय पर धरना देकर मेयर और निगम अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ठेका निरस्त न किए जाने पर उन्होंने वाहनों का चक्का जाम कर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
नगर निगम वाहन चालक संघ के महामंत्री सलीम अब्बासी ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों से साठगांठ कर महापौर और निगम अधिकारी अपने वाहनों को उनसे चलवाना चाहते हैं। इससे पहले मोहन नगर जोन की सफाई व्यवस्था अधिकारियों ने ठेकेदार के हाथ में सौंप दी।
इससे नगर निगम को 20 लाख रुपये महीने का नुकसान हो रहा है। उन्होंने महापौर अशु वर्मा पर आरोप लगाए कि वह वाहन चालकों पर डीजल चोरी का आरोप लगाते हैं, जबकि निगम को ड्राइवर नहीं अधिकारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि 2 करोड़ की मशीनरी बीते सात महीने से खराब ह, जबकि ठेके पर वाहन लेकर चलवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाहनों की मेंटेनेंस में करोड़ों का घपला किया जा रहा है इस पर भी महापौर चुप हैं।
उन्होंने कहा कि अगर प्राइवेट फर्म को ठेका देकर वाहन चलवाए गए तो वह कूड़ा लिफ्टिंग बंद कर आंदोलन करेंगे। इस दौरान वाहन चालक संघ के अध्यक्ष अजीत सिंह, यशपाल तेवतिया, राजीव शर्मा, मनोज कुमार, दिनेश मकवाना, संजय चड्ढा आदि मौजूद रहे।
उधर, महापौर अशु वर्मा का कहना है कि ठेके पर 10 वाहन देने का मतलब यह नहीं है कि निगम से किसी ड्राइवर को नौकरी से निकाला जाएगा। निगम के चालक पहले की तरह काम करते रहेंगे।
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नगर निगम वाहन चालक संघ के महामंत्री सलीम अब्बासी ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों से साठगांठ कर महापौर और निगम अधिकारी अपने वाहनों को उनसे चलवाना चाहते हैं। इससे पहले मोहन नगर जोन की सफाई व्यवस्था अधिकारियों ने ठेकेदार के हाथ में सौंप दी।
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इससे नगर निगम को 20 लाख रुपये महीने का नुकसान हो रहा है। उन्होंने महापौर अशु वर्मा पर आरोप लगाए कि वह वाहन चालकों पर डीजल चोरी का आरोप लगाते हैं, जबकि निगम को ड्राइवर नहीं अधिकारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि 2 करोड़ की मशीनरी बीते सात महीने से खराब ह, जबकि ठेके पर वाहन लेकर चलवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाहनों की मेंटेनेंस में करोड़ों का घपला किया जा रहा है इस पर भी महापौर चुप हैं।
उन्होंने कहा कि अगर प्राइवेट फर्म को ठेका देकर वाहन चलवाए गए तो वह कूड़ा लिफ्टिंग बंद कर आंदोलन करेंगे। इस दौरान वाहन चालक संघ के अध्यक्ष अजीत सिंह, यशपाल तेवतिया, राजीव शर्मा, मनोज कुमार, दिनेश मकवाना, संजय चड्ढा आदि मौजूद रहे।
उधर, महापौर अशु वर्मा का कहना है कि ठेके पर 10 वाहन देने का मतलब यह नहीं है कि निगम से किसी ड्राइवर को नौकरी से निकाला जाएगा। निगम के चालक पहले की तरह काम करते रहेंगे।