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Ghaziabad News: कूड़े के लिए जुर्माना नहीं भरेगा एसोसिएशन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 28 Apr 2025 12:26 AM IST
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The association will not pay the fine for garbage
गाजियाबाद। हाल ही में नगर निगम ने कूड़े का निस्तारण न करने वाली सोसायटियों पर जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है। जिसके बाद एओए और बिल्डर आमने-सामने आ गए हैं। एओए का कहना है कि किसी भी प्रकार का जुर्माना नहीं भरा जाएगा। कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाने की जिम्मेदारी बिल्डर और जीडीए की है।
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नियमानुसार सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 के तहत रोजाना 100 किलोग्राम से ज्यादा कूड़ा उत्सर्जित करने वाले प्रतिष्ठानों और सोसायटियों को बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा गया है। इन्हें अपने प्रतिष्ठान और सोसायटियों के परिसर में ही गीले कचरे का निस्तारण करना होता है। ऐसा न करने पर नगर निगम इन पर जुर्माना लगा सकता है। हाल ही में नगर निगम ने ऐसी कई सोसायटियों को नोटिस भेजे हैं, जो कूड़े का निस्तारण नहीं कर रही हैं। इन पर 50 हजार से एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
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इस संबंध में फेडरेशन ऑफ एओए राजनगर एक्सटेंशन के अध्यक्ष गजेंद्र आर्य ने बताया कि कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाने की जिम्मेदारी बिल्डर की है, लेकिन वह आधा-अधूरा काम करके एसोसिएशन को सौंप देते हैं। जुर्माना एसोसिएशन पर लगाया जाता है, यह गलत है। यह गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी है कि कंप्लीशन सर्टिफिकेट के समय वह पूरी जांच करें, पर ऐसा होता नहीं है। सारी जिम्मेदारी बिल्डर और जीडीए की है। नक्शा बनाते समय ही यह सब तय हो जाता है। एओए और आरडब्ल्यूए कोई जुर्माना नहीं भरेगी। फेडरेशन ऑफ राजनगर एक्सटेंशन सोसायटीज के अध्यक्ष सचिन त्यागी ने कहा कि एसोसिएशन की ओर से कोई जुर्माना नहीं भरा जाएगा। यह काम जीडीए और बिल्डर का है। उन पर ही जुर्माना लगाया जाए।
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आरनेक्स के संस्थापक और राजनगर एक्सटेंशन निवासी दीपांशु मित्तल ने बताया कि नगर निगम सोसायटियों पर तो कूड़े निस्तारण की जिम्मेदारी तय कर रहा है, लेकिन सोसायटी के बाहर राजनगर एक्सटेंशन के अन्य क्षेत्र में दुकानों, रेहड़ी-पटरी से इकट्ठे होने वाले कूड़े पर चुप्पी साध लेता है। वहां नगर निगम को नियमित तौर पर साफ-सफाई कराकर कूड़ा उठाना चाहिए, लेकिन नगर निगम के गैर जिम्मेदाराना स्वभाव के कारण सड़कों, डिवाइडर और खुले स्थनों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। नियमित तौर पर उनमें आग लगा कर प्रदूषण फैलाया जाता है।

31 जुलाई तक कूड़े का निस्तारण करेंगी सोसायटियां
फ्लैट ऑनर्स फेडरेशन के अध्यक्ष कर्नल टीपीएस त्यागी ने बताया कि सोसायटी को गीले कूड़े का निस्तारण करना चाहिए। उनका कहना है कि कोई एसोसिएशन जुर्माना नहीं भरेंगा, लेकिन 31 जुलाई तक यह तय किया जाएगा कि सभी जगह निस्तारण हो सके। इसके लिए जल्द बैठक की जाएगी और कहां-क्या समस्या है, उसका निवारण कराया जाएगा। खाद बनाने वाली मशीनें लगवाई जाएंगी।


आंकड़ों में कूड़ा निस्तारण की स्थिति
शहर में हाउसिंग सोसायटियां - करीब 350 से अधिक
प्रतिदिन उत्सर्जित होने वाला कचरा - 1400 से 1500 मीट्रिक टन

हर साल कचरे पर होने वाला खर्च - 185 करोड़ रुपये
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