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Ghaziabad News: डीएसए कंपनी के नाम पर फर्जीवाड़ा, लोन दिलाने के नाम पर 64 हजार ठगे
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गाजियाबाद। नगर कोतवाली पुलिस ने फर्जी लोन रैकेट का भंडाफोड़ किया है। डीएसए कंपनी के नाम पर 20 लाख का लोन दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 64 हजार रुपये ठग लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसीपी कोतवाली उपासना पांडेय ने बताया कि पीड़ित अमित नागर ने तहरीर दी है। उनके अनुसार दिसंबर 2025 में उनकी मुलाकात फ्लोरेंस नामक महिला से हुई थी, जिसने खुद को डीएसए कंपनी का प्रतिनिधि बताया और अपना कार्यालय दिल्ली के महरौली में होना बताया। आरोपी महिला ने 20 लाख रुपये का लोन दिलाने के नाम पर अमित से 64 हजार रुपये अपने खाते में जमा करा लिए और दिसंबर अंत तक लोन दिलाने का वादा किया।
लोन न मिलने पर जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो महिला ने फोन उठाना बंद कर दिया। जनवरी 2026 में अमित बताए गए पते पर पहुंचे तो कार्यालय भी फर्जी निकला। जांच में पता चला कि इस फर्जी कंपनी का दूसरा पार्टनर तनवीर बिलाल है। उसने भी पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और फोन बंद कर लिया।
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एसीपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि तनवीर बिलाल और फ्लोरेंस पहले भी लोन दिलाने के नाम पर ठगी कर चुके हैं और इस मामले में जेल भी जा चुके हैं। जेल से बाहर आकर ये दोनों नई कंपनी, नया पता और नया मोबाइल नंबर बदलकर फिर से लोगों को ठगने लगते हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
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एसीपी कोतवाली उपासना पांडेय ने बताया कि पीड़ित अमित नागर ने तहरीर दी है। उनके अनुसार दिसंबर 2025 में उनकी मुलाकात फ्लोरेंस नामक महिला से हुई थी, जिसने खुद को डीएसए कंपनी का प्रतिनिधि बताया और अपना कार्यालय दिल्ली के महरौली में होना बताया। आरोपी महिला ने 20 लाख रुपये का लोन दिलाने के नाम पर अमित से 64 हजार रुपये अपने खाते में जमा करा लिए और दिसंबर अंत तक लोन दिलाने का वादा किया।
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लोन न मिलने पर जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो महिला ने फोन उठाना बंद कर दिया। जनवरी 2026 में अमित बताए गए पते पर पहुंचे तो कार्यालय भी फर्जी निकला। जांच में पता चला कि इस फर्जी कंपनी का दूसरा पार्टनर तनवीर बिलाल है। उसने भी पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और फोन बंद कर लिया।
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एसीपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि तनवीर बिलाल और फ्लोरेंस पहले भी लोन दिलाने के नाम पर ठगी कर चुके हैं और इस मामले में जेल भी जा चुके हैं। जेल से बाहर आकर ये दोनों नई कंपनी, नया पता और नया मोबाइल नंबर बदलकर फिर से लोगों को ठगने लगते हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।