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श्री रघुनाथ नाम तजि नाहिन आन आधार
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Tue, 11 Oct 2016 12:34 AM IST
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रामलीला का मंचन
- फोटो : अमर उजाला
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शहर की रामलीलाओं में सोमवार को लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण-मेघनाद वध का मंचन हुआ। इसके अलावा विभीषण शरणागति, रामसेतु बंाध, अंगद रावण संवाद और सुलोचना के सती होने का मंचन किया गया।
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सुल्लामल रामलीला
सुल्लामल रामलीला में सोमवार को कुंभकरण, मेघनाद वध और सुलोचना सती प्रसंग का मंचन हुआ। लक्ष्मण जी जब युद्ध में मूर्छित हो जाते हैं तब उनके प्राण बचाने के लिए हनुमान संजीवनी बूटी लेने जाते हैं। इधर रावण कुंभकरण को गहरी नींद से जगाता है और युद्ध की स्थिति से अवगत कराता है।
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कुंभकरण और श्रीराम में भीषण युद्ध होता है और श्रीराम कुंभकरण का वध कर देते हैं। इसके बाद मेघनाद युद्ध भूमि में जाता है। वहां लक्ष्मण के हाथों वह मारा जाता है। मेघनाद की मौत के बाद सुलोचना सती हो जाती है।
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इस मौके पर महामंत्री मनोज गोयल, उस्ताद अशोक गोयल, प्रधान अजय बंसल मिथिलेश गुप्ता, दिनेश शर्मा, शिव ओम बंसल, रामअवतार बंसल और नंद किशोर शर्मा, श्रीकांत राही मौजूद रहे।
कविनगर रामलीला
कवि नगर रामलीला में लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण-मेघनाद वध का मंचन हुआ। मेघनाद जब लक्ष्मण पर शक्तिबाण छोड़ता है तब लक्ष्मण जी सोचते हैं कि अगर इससे बच जाते हैं तो यह ब्रह्मा जी का अपमान होगा। इसलिए वह बाण से बचने की कोशिश नहीं करते हैं और बाण लगने से वह मूर्छित हो जाते हैं। उसके बाद हनुमानजी संजीवनी लाते हैं और उनके प्राणों की रक्षा होती है। बाद में युद्ध में कुंभकरण और मेघनाद का वध हो जाता है। रामलीला के दौरान बलदेव राज शर्मा, अध्यक्ष ललित जायसवाल, भूपेंद्र चोपड़ा, गुलशन बजाज, आलोक शर्मा, विपिन कंसल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
संजयनगर रामलीला
संजयनगर रामलीला में भी लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण मेघनाद वध और सुलोचना सती प्रसंग का मंचन हुआ। लक्ष्मण जी से युद्ध के बाद मेघनाद वापस आता है तब कुंभकरण युद्ध के लिए रणक्षेत्र में आता है। श्रीराम उसका वध कर देते हैं। इसके बाद लक्ष्मण मेघनाद का वध करते हैं। अंत में सुलोचना सती का मंचन होता है।
इस मौके पर अध्यक्ष संजीव चौधरी, महामंत्री अरुण शर्मा, मीडिया प्रभारी प्रदीप चौधरी, चेतन गौड़, अशोक चांदीवाल मुख्य रूप से मौजूद रहे।
राजनगर रामलीला
श्री रामलीला समिति राजनगर में विभीषण शरणागति, अंगद रावण संवाद और लक्ष्मण शक्ति प्रसंग का मंचन हुआ। रामलीला के आरंभ में विभीषण श्रीराम की शरण में आ जाते हैं। इधर युद्ध में कुंभकरण और मेघनाद का वध हो जाता है। मेघनाद की पत्नी सुलोचना सती हो जाती है।
इस मौके पर मुख्य रूप से अध्यक्ष राकेश मिश्रा, संरक्षक रामगोपाल कौशिक, महामंत्री जितेंद्र यादव, नरेश कुमार सिंघल, आकाश वशिष्ठ और रेखा अग्रवाल मौजूद