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‘बेटों वाली विधवा’ की व्यथा देख दर्शक हुए भावुक
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Mon, 01 Aug 2016 12:50 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर डा. विमला गुप्ता नाट्य मंच के कलाकारों ने उनकी कहानी ‘बेटों वाली विधवा’ पर नाट्य मंचन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
नाटक का मंचन रविवार को गांधर्व संगीत विद्यालय में आयोजित हुआ।
संदीप सिंहवाल के निर्देशन में नाट्य मंचन के जरिए कलाकारों ने विधवा मां की व्यथा बताई। पिता के मरते ही किस तरह बेटे अपनी मां और बहन की उपेक्षा करने लगते हैं। यहां तक कि पैसा बचाने के चक्कर में भाईयों द्वारा बहन की शादी एक बूढे़ व्यक्ति से कर दी जाती है।
इसके बावजूद मां का प्यार अपने बेटों के लिए कम नहीं होता। कहानी के अंत में दिखाया गया कि किस तरह अपने स्वार्थी बेटों को बचाने के चक्कर में मां की जान चली जाती है। इसके बाद बेटों को अपने किए पर पछतावा होता है।
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कहानी का मंचन देख रहे दर्शन मां की व्यथा देख भावुक हो उठे और कई के आंखों में आंसू आ गए। नाट्य मंचन के जरिए कलाकार आरती श्रीवास्तव, विपिन कसाना, जरनैल सिंह, मनोज कुमार, नितिन वर्मा, सोनम श्रीवास्तव आदि ने अभिनय कर तालियां बटोरीं।
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नाटक का मंचन रविवार को गांधर्व संगीत विद्यालय में आयोजित हुआ।
संदीप सिंहवाल के निर्देशन में नाट्य मंचन के जरिए कलाकारों ने विधवा मां की व्यथा बताई। पिता के मरते ही किस तरह बेटे अपनी मां और बहन की उपेक्षा करने लगते हैं। यहां तक कि पैसा बचाने के चक्कर में भाईयों द्वारा बहन की शादी एक बूढे़ व्यक्ति से कर दी जाती है।
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इसके बावजूद मां का प्यार अपने बेटों के लिए कम नहीं होता। कहानी के अंत में दिखाया गया कि किस तरह अपने स्वार्थी बेटों को बचाने के चक्कर में मां की जान चली जाती है। इसके बाद बेटों को अपने किए पर पछतावा होता है।
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कहानी का मंचन देख रहे दर्शन मां की व्यथा देख भावुक हो उठे और कई के आंखों में आंसू आ गए। नाट्य मंचन के जरिए कलाकार आरती श्रीवास्तव, विपिन कसाना, जरनैल सिंह, मनोज कुमार, नितिन वर्मा, सोनम श्रीवास्तव आदि ने अभिनय कर तालियां बटोरीं।