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Ghaziabad News: सॉफ्टवेयर इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 10.71 लाख रुपये
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गाजियाबाद। साइबर अपराधियों ने कविनगर एच ब्लाक निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर गार्गी गुप्ता को डिजिटल अरेस्ट कर 10.71 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने उनके नाम से कनाडा भेजे जा रहे कुरियर में ड्रग्स होने और खाते से मनी लॉन्डि्रंग होने का डर दिखाकर वारदात को अंजाम दिया। मामले में उन्होंने साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
गार्गी गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 29 अक्तूबर की दोपहर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को डीटीडीसी कुरियर सहायक बताया। कॉलर ने बताया कि उनके द्वारा मुंबई से कनाडा भेजे जा रहे कुरियर में कपड़ों के साथ छह क्रेडिट कार्ड और ड्रग्स बरामद हुआ है। उनके खिलाफ मुंबई क्राइम ब्रांच में मुकदमा दर्ज हुआ है। इसके बाद ठग ने क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर से बात करने को कहा। दूसरे कॉलर ने उन्हें बताया कि उनके आधार कार्ड पर मोहम्मद इस्लाम मलिक नाम के युवक ने 24 बैंक खाते खोले हैं।
इन बैंक खातों से मनी लॉन्डि्रंग होने की बात कही। कॉलर ने वीडियो कॉल (बैकग्राउंड में पुलिस थाने का सेटअप) कर गार्गी गुप्ता को डिजिटल अरेस्ट कर लिया और जांच के नाम पर गार्गी गुप्ता से तमाम जानकारी हासिल की और अलग-अलग बैंक खातों से 4.20 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए।
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एडीसीपी अपराध सचिदानंद ने बताया कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगाकर जांच के नाम पर ठगी की गई है। पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।
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गार्गी गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 29 अक्तूबर की दोपहर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को डीटीडीसी कुरियर सहायक बताया। कॉलर ने बताया कि उनके द्वारा मुंबई से कनाडा भेजे जा रहे कुरियर में कपड़ों के साथ छह क्रेडिट कार्ड और ड्रग्स बरामद हुआ है। उनके खिलाफ मुंबई क्राइम ब्रांच में मुकदमा दर्ज हुआ है। इसके बाद ठग ने क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर से बात करने को कहा। दूसरे कॉलर ने उन्हें बताया कि उनके आधार कार्ड पर मोहम्मद इस्लाम मलिक नाम के युवक ने 24 बैंक खाते खोले हैं।
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इन बैंक खातों से मनी लॉन्डि्रंग होने की बात कही। कॉलर ने वीडियो कॉल (बैकग्राउंड में पुलिस थाने का सेटअप) कर गार्गी गुप्ता को डिजिटल अरेस्ट कर लिया और जांच के नाम पर गार्गी गुप्ता से तमाम जानकारी हासिल की और अलग-अलग बैंक खातों से 4.20 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए।
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एडीसीपी अपराध सचिदानंद ने बताया कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगाकर जांच के नाम पर ठगी की गई है। पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।