फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ... So the child does not become a criminal

...ताकि बच्चे न बनें अपराधी

Mon, 19 Sep 2016 12:25 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद Updated Mon, 19 Sep 2016 12:25 AM IST
विज्ञापन
... So the child does not become a criminal
अन्य - फोटो : अमर उजाला
सिहानी गेट थाने के बाद अब पुलिस लाइंस में भी बच्चों की काउंसलिंग के लिए विशेष बाल पुलिस इकाई कक्ष बनाया गया है। रविवार को एएसपी आशीष श्रीवास्तव ने फीता काटकर इस कक्ष का उद्घाटन किया। यह कक्ष स्कूल के रूम जैसा है। इसमें किताबें और खिलौने भी हैं, ताकि काउंसलिंग के दौरान बच्चों को डर न लगे।
विज्ञापन


यूनीसेफ और आरएमएल यूनिवर्सिटी केतत्वावधान में इस कक्ष का भी निर्माण कराया गया है। यहां बाल अपराधियों की काउंसलिंग की जाएगी। काउंसलिंग के लिए दो पुलिसकर्मी और दो चाइल्ड काउंसलिंग एक्सपर्ट्स रहेंगे।
विज्ञापन


इसका मकसद है कि ऐसे बच्चे जो अपराध में पकड़े जाते हैं, उनकी काउंसलिंग कर ब्रेन वॉश किया जाए, ताकि वह अपराधी न बनें। इस दौरान एएसपी ने अफसरों के साथ बैठक भी की, जिसमें बाल कल्याण समिति जिला संरक्षण अधिकारी, अभियोजन अधिकारी और एनजीओ के पदाधिकारी शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन


एएसपी ने बताया कि जेजे एक्ट के अंतर्गत विशेष बाल पुलिस इकाई के निर्माण का उल्लेख है, जिसके लिए उत्तर प्रदेश के 10 जिलों का चयन किया गया है। बता दें कि बाल मित्र पुलिस प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, बनारस, गोरखपुर और गाजियाबाद में बाल मित्र कक्ष और विशेष बाल इकाई कक्ष बनाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed