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. तो वर्ष 2050 में होगा ऑक्सीजन घोटाला
ब्यूरो, अमर उजाला/ गाजियाबाद
Updated Fri, 21 Oct 2016 12:19 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बढ़ते प्रदूषण और कम होती ऑक्सीजन आने वाले दिनों में नई तरह की समस्या खड़ी करने वाली है। ऑक्सीजन की बढ़ती डिमांड वर्ष 2050 में इसके बड़े घोटाले की जिम्मेदार होगी। लोगों की जान की कीमत पर ऑक्सीजन की कालाबाजारी की जाएगी।
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यह सब कोई सपना नहीं बल्कि इंदिरापुरम स्कूल के बच्चों ने 35 वर्ष बाद के विश्व की परिकल्पना करते हुए उस समय की सच्चाई को दर्शाया। क्रासिंग्स रिपब्लिक स्थित इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल में आयोजित फ्यूचरिस्टक वर्ल्ड वीजन- 2050 में अलग-अलग स्कूलों से आए विद्यार्थियों ने 35 साल बाद के विश्व की तस्वीर प्रस्तुत की।
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स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में एनसीआर के करीब 35 स्कूलों के विद्यार्थियों भाग लिया। ऑक्सीजन किट लगाए बच्चे और ई-वेस्टेज की ज्वैलरी पहने हुए बच्चों ने वर्ष 2050 की तस्वीर पेश की।
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यही नहीं जब ऑक्सीजन और हवा भी बिकने लगेंगे तो किस तरह उसमें भी घोटाला होगा, बच्चों ने नाटक के जरिए यह प्रस्तुत किया। नुक्कड़ नाटक के जरिए बच्चों ने बताया कि किस कदर वर्ष 2050 में गरीबों के लिए ऑक्सीजन बेचने की सरकारी दुकानें खोली जाएंगी।
सरकारी स्तर पर फिर किस तरह अफसर और राजनीतिक लोग ऑक्सीजन की खरीद फरोख्त में कालाबाजारी करेंगे जो गरीबों की जान की कीमत पर होगी। जिसके पास पैसा होगा उसके पास ऑक्सीजन का स्टॉक और गरीब ऑक्सीजन पाने के लिए दर-दर गुहार लगाएंगे। 35 साल बाद के इस भयावह तस्वीर को बच्चों ने रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया।
इसके साथ ही विभिन्न प्रतियोगिता के जरिए बच्चों द्वारा वर्ष 2050 का खाका प्रस्तुत किया गया। किस कदर बच्चे और बड़े इलेक्ट्रिक किट लगे यूनिफार्म पहनेंगे और हमेशा ऑक्सीजन किट लिए होंगे। मोबाइल की जगह उनके शरीर में लगे विद्युत उपकरण से उठने वाली तरंगों से वे दूर बैठे अपने परिजनों से बात करेंगे। यह रोचक तस्वीर बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद अर्जुन अवार्ड से सम्मानित गीता फोगट ने स्कूल और बच्चों के इस नए प्रयास को सराहा। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम होने चाहिए तभी लोग पर्यावरण की कीमत समझ सकेंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने में डायरेक्टर रीता सिंह, चेयरमैन विशाल सिंह और प्रिंसिपल सुषमा नेगा का विशेष सहयोग रहा।