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नाले-सीवर जाम करने वाली डेयरियों पर लगेगा जुर्माना
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 06 May 2017 10:59 PM IST
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गाय-भैंस
- फोटो : self
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सफाई व्यवस्था के लिए सिरदर्द बनी अवैध डेयरियों पर नगर निगम कार्रवाई करेगा। गोबर को सीवर और नालों में बहाने वाली डेयरियों से प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा और बार-बार नियम तोड़ने वाली डेयरियों को बंद भी कराया जा सकता है।
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नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने डेयरियों पर शिकंजा कसने के लिए बायलॉज पहले से ही तैयार कर लिया था। अब सफाई पॉलिसी में भी डेयरियों पर कार्रवाई किए जाने की तैयारी है। नगर निगम के सफाई कर्मचारी ऐसी डेयरियों को चिह्नित करेंगे जो चोरी-छिपे गोबर और मलबा नालों या सीवर लाइन में बहा देती हैं।
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इनकी सूचना वह अपने जोन के सेनेट्री इंस्पेक्टर को देंगे। सेनेट्री इंस्पेक्टर ऐसी डेयरियों के संचालकों से जुर्माना वसूलेंगे। यह जुर्माना एक हजार रुपये प्रतिदिन हो सकता है। नियमों का उल्लंघन करने पर यह जुर्माना अगले दिन फिर लगाया जा सकता है।
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बार-बार नियमों को तोड़कर सीवर-नालों में गोबर बहाने वाली डेयरी को नगर निगम बंद भी करा सकता है।
कैटल कालोनी बसाकर शहर से बाहर भेजी जाएंगी डेयरियां
शासन ने जीडीए को भी शहर से बाहर कैटल कालोनी बसाने के निर्देश दिए हैं। सरकार की मंशा है कि शहरों को साफ-सुथरा बनाने के लिए डेयरियों को शहर से बाहर स्थानांतरित करना जरूरी है। हालांकि शासन के आदेश के करीब छह माह बाद भी जीडीए इस पर अमल नहीं कर पाया है।
जीडीए के पास फिलहाल इसके लिए लैंड भी नहीं है।
बायलॉज में डेयरियों के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। गोबर नालियों या सीवर में बहाए जाने पर प्रतिदिन एक हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। फाइन पॉलिसी का एक सप्ताह में गजट नोटिफिकेशन हो जाएगा। इसके बाद इस पर अमल शुरू कर दिया जाएगा। - अब्दुल समद, नगरायुक्त
डेयरियों ने शहर की स्वच्छता और सुंदरता बिगाड़ दी है। डेयरियों से होने वाली गंदगी की सफाई के लिए निगम को हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। निगम सदन ने डेयरियों पर जुर्माना लगाने का अधिकार सेनेट्री इंस्पेक्टरों को दे दिया है। जल्द ही कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। डेयरी संचालक सीवर और नालों में गोबर न बहाएं। - अशु वर्मा, महापौर