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बोले रेजिडेंट्स-बिना अनुमति के कैसे बना अपार्टमेंट
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 27 Jul 2016 12:57 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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ईस्टर्न गेट सोसायटी के रेजीडेंट्स ने आवास विकास परिषद अधिकारियों पर भी बिल्डर से मिलीभगत का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि अगर बिल्डर ने जमीन के 20 करोड़ रुपये नहीं चुकाए तो परिषद ने बिल्डिंग बनने ही कैसे दी। लोगों ने ठगी में परिषद अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की है।
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रेजीडेंट्स ने बताया कि बिल्डर ने शुरुआत में सात फ्लोर और 87 फ्लैटों का नक्शा पास करवाया था। मगर अवैध रूप से 10 मंजिल तक बना डाला। इतना ही नहीं लोगों को जल्द नक्शा पास होने की बात कहकर फ्लैट बुक कर उनसे लाखों रुपये बुकिंग अमाउंट भी ले लिया। मगर नौवीं और दसवीं मंजिल पर फ्लैट आधे बनाकर छोड़ दिए।
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लोगों का आरोप है कि परिषद अधिकारी बिल्डर को डिफॉल्टर बता रहे हैं। मगर जब बिल्डर ने 20 करोड़ रुपये ही नहीं चुकाए, तो कैसे पूरी बिल्डिंग बनने दी गई। bउधर, ज्वाइंट कमिश्नर महेंद्र प्रसाद का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। संबंधित खंड से रिपोर्ट मांगी गई है।
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रिपोर्ट मिलने के बाद ही संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, एसएचओ इंदिरापुरम का कहना है कि अगर जांच में किसी अधिकारी का नाम सामने आता है, तो कार्रवाई की जाएगी।
बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट के और बिल्डर भी दे रहे पजेशन
उधर, परिषद अधिकारियों की जांच में सामने आया है कि ईस्टर्न गेट के अलावा भी कई बिल्डर ऐसे हैं जिन्होंने परिषद से कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं लिया है। मगर लोगों को पजेशन दे रहे हैं। वसुंधरा सेक्टर-3 में ऐसे कुछ बिल्डरों को चिंहित किया गया है। जिन पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। उधर मामले में बुधवार को रेजीडेंट्स ज्वाइंट कमिश्नर से मिलकर अपनी बात रखेंगे।