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आरएसएस ने उठाया भाजपा के चुनाव का जिम्मा
ब्यूरो , अमर उजाला साहिबाबाद
Updated Tue, 24 Jan 2017 11:17 PM IST
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आरएसएस
- फोटो : अमर उजाला
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2019 के लोकसभा चुनाव के सेमिफाइनल के रूप में देखे जा रहे 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) चुनाव मैदान में आ गया है। चुनाव से 15 दिन पहले ही आरएसएस ने घर घर जाकर बैठकों का दौर शुरू कर दिया है।
बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद आरएसएस का लक्ष्य हर हाल में यूपी में भाजपा को प्रदेश की सत्ता तक पहुंचाने का है। गाजियाबाद की पांच विधानसभा सीटों में से 2012 में चार सीटों पर बसपा ने जीत का परचम लहराया था।
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भाजपा का गढ़ माने जाने वाला गाजियाबाद पिछले चुनाव में बसपा की झोली में गया तो आरएसएस के काम पर सवाल खड़े होने लगे। मगर इस चुनाव में आरएसएस ने कालोनी नहीं बल्कि हर पोलिंग बूथ के लिए टीम तैयार कर दी हैं।
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आरएसएस के अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि साहिबाबाद विधानसभा के 865 पोलिंग बूथ समेत गाजियाबाद की सभी विधानसभाओं के हर पोलिंग बूथ के लिए एक टीम गठित की गई है। टीम को समन्वय समिति का नाम दिया गया है।
यह टीम पोलिंग बूथ के हर वोटर तक पहुंचेगी और बैठक के माध्यम से लोगों से भाजपा से जुड़ने की अपील करेगी। सुबह और शाम को लगने वाली शाखा के बाद टीमें क्षेत्र में चुनाव के लिए निकलेंगी।
- नोटबंदी और अन्य योजनाओं के फायदे बताए जाएंगे
आरएसएस के आला पदाधिकारियों ने सभी समन्वय समितियों को एक एजेंडा दिया है। जिसमें सीधे तौर पर लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। भाजपा भले ही नोटबंदी को चुनावी मुद्दा बताने से इंकार कर रही हो, मगर समितियों के एजेंडे में लोगों को नोटबंदी के फायदे बताना पहले नंबर पर है।
कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि लोगों को सोशल नेटवर्किंग साइट पर चल रहे नोटबंदी के दुष्प्रचार के बारे में बैठकों में विस्तार से समझाएं। लोगों को पार्टी से जोड़ने के लिए आरएसएस पारंपरिक तरीके अपना रहा है। इनमें सबसे अहम तरीका सहभोज बुलाने का है।
सहभोज में लोगों को अपना-अपना खाना लेकर बैठक स्थल पर आने को कहा जा रहा है। सहभोज से पहले लोगों को भाजपा के घोषणापत्र से अवगत कराया जा रहा है। जिसके बाद एक दूसरे का खाना बांटकर खाते हुए लोगों को भाजपा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।