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लखनऊ से लौटे सपा प्रत्याशी, निर्वाचन आयोग के फैसले पर नजर
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Mon, 02 Jan 2017 11:38 PM IST
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चार दिन की जद्दोजहद के बाद सपा प्रत्याशी सोमवार को लखनऊ से लौट आए हैं, लेकिन उनकी निगाहें अब निर्वाचन आयोग के फैसले पर टिकी हैं। सपा के इस सियासी घमासान के नफे-नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
हालांकि सभी प्रत्याशियों को अपने टिकट सलामत रहने की पूरी उम्मीद हैं और वह दावा भी कर रहे हैं, लेकिन तीसरी सूची के जारी होने की घोषणा से धड़कनें भी बढ़ी हुई है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 31 दिसंबर को पार्टी के सभी प्रत्याशियों और विधायकों को लखनऊ में मीटिंग के लिए बुलाया था। हालांकि परिवार का विवाद बढ़ने के कारण मीटिंग नहीं हो पाई। रविवार को सम्मेलन के बाद प्रत्याशी लौट आए।
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गाजियाबाद विधानसभा प्रत्याशी सागर शर्मा रविवार की रात को ही गाजियाबाद पहुंच गए थे। वहीं मोदीनगर से सपा प्रत्याशी राम आसरे शर्मा, लोनी विधानसभा से प्रत्याशी राशिद मलिक और मुरादनगर विधानसभा प्रत्याशी दिशांत त्यागी सोमवार रात गाजियाबाद पहुंचे।
प्रत्याशियों को उम्मीद थी कि लखनऊ में मुख्यमंत्री से मीटिंग के बाद टिकटों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, लेकिन स्थिति अभी भी जस की तस है। अब सपा के मुलायम सिंह व अखिलेश खेमे में चुनाव चिन्ह साइकिल को लेकर ‘जंग’ छिड़ी है।
प्रत्याशी खुलकर नहीं बोल रहे, लेकिन उन्हें लग रहा है कि साइकिल के अलावा किसी दूसरे सिंबल से चुनाव लड़े तो वोटर भ्रमित हो सकते हैं और परिणाम भी बदल सकते हैं। ऐसे में उनकी निगाहें अब निर्वाचन आयोग के फैसले पर टिकी हैं।
लोनी विधानसभा प्रत्याशी राशिद मलिक का कहना है कि अखिलेश यादव जो निर्णय लेंगे वह मान्य होगा। जल्द ही सब कुछ सामान्य हो जाएगा। चुनाव की तैयारी जारी रहेगी। मोदीनगर से सपा प्रत्याशी रामआसरे शर्मा का कहना है कि नेताजी मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव दोनों का सम्मान करता रहूंगा।
पार्टी का यह विवाद जल्द ही खत्म होना चाहिए। वोटर भी असमंजस में है। जल्द ही सब कुछ सामान्य नहीं हुआ तो चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है। गाजियाबाद विधानसभा प्रत्याशी सागर शर्मा का कहना है कि चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। उम्मीद है कि पार्टी में जल्द ही सब कुछ पहले जैसा हो जाएगा। पार्टी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
‘अखिलेश का व्यवहार औरंगजेब जैसा’
सपा के वरिष्ठ नेता और पार्टी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ चुके नाहर सिंह यादव ने अखिलेश यादव की तुलना औरंगजेब से की है। सोमवार को पार्टी कार्यालय पर नेताओं से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने भी अपने पिता की सत्ता छीनी थी और अखिलेश ने भी वही काम किया है।
उन्होंने कहा कि यादव कृष्ण के वंशज हैं और श्रीकृष्ण ने कभी किसी की सत्ता हड़पी नहीं है। दुष्टों का विनाश कर सत्ता उनके परिजनों को सौंपी है। अखिलेश के इस कदम से पूरे कृष्ण वंश पर कलंक लगा है। वहीं जिलाध्यक्ष साजिद हुसैन इस प्रकरण पर कुछ भी कहने से बचते रहे। उन्होंने कहा कि पार्टी में जल्द ही सब कुछ ठीक हो जाएगा।
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हालांकि सभी प्रत्याशियों को अपने टिकट सलामत रहने की पूरी उम्मीद हैं और वह दावा भी कर रहे हैं, लेकिन तीसरी सूची के जारी होने की घोषणा से धड़कनें भी बढ़ी हुई है।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 31 दिसंबर को पार्टी के सभी प्रत्याशियों और विधायकों को लखनऊ में मीटिंग के लिए बुलाया था। हालांकि परिवार का विवाद बढ़ने के कारण मीटिंग नहीं हो पाई। रविवार को सम्मेलन के बाद प्रत्याशी लौट आए।
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गाजियाबाद विधानसभा प्रत्याशी सागर शर्मा रविवार की रात को ही गाजियाबाद पहुंच गए थे। वहीं मोदीनगर से सपा प्रत्याशी राम आसरे शर्मा, लोनी विधानसभा से प्रत्याशी राशिद मलिक और मुरादनगर विधानसभा प्रत्याशी दिशांत त्यागी सोमवार रात गाजियाबाद पहुंचे।
प्रत्याशियों को उम्मीद थी कि लखनऊ में मुख्यमंत्री से मीटिंग के बाद टिकटों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, लेकिन स्थिति अभी भी जस की तस है। अब सपा के मुलायम सिंह व अखिलेश खेमे में चुनाव चिन्ह साइकिल को लेकर ‘जंग’ छिड़ी है।
प्रत्याशी खुलकर नहीं बोल रहे, लेकिन उन्हें लग रहा है कि साइकिल के अलावा किसी दूसरे सिंबल से चुनाव लड़े तो वोटर भ्रमित हो सकते हैं और परिणाम भी बदल सकते हैं। ऐसे में उनकी निगाहें अब निर्वाचन आयोग के फैसले पर टिकी हैं।
लोनी विधानसभा प्रत्याशी राशिद मलिक का कहना है कि अखिलेश यादव जो निर्णय लेंगे वह मान्य होगा। जल्द ही सब कुछ सामान्य हो जाएगा। चुनाव की तैयारी जारी रहेगी। मोदीनगर से सपा प्रत्याशी रामआसरे शर्मा का कहना है कि नेताजी मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव दोनों का सम्मान करता रहूंगा।
पार्टी का यह विवाद जल्द ही खत्म होना चाहिए। वोटर भी असमंजस में है। जल्द ही सब कुछ सामान्य नहीं हुआ तो चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है। गाजियाबाद विधानसभा प्रत्याशी सागर शर्मा का कहना है कि चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। उम्मीद है कि पार्टी में जल्द ही सब कुछ पहले जैसा हो जाएगा। पार्टी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
‘अखिलेश का व्यवहार औरंगजेब जैसा’
सपा के वरिष्ठ नेता और पार्टी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ चुके नाहर सिंह यादव ने अखिलेश यादव की तुलना औरंगजेब से की है। सोमवार को पार्टी कार्यालय पर नेताओं से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने भी अपने पिता की सत्ता छीनी थी और अखिलेश ने भी वही काम किया है।
उन्होंने कहा कि यादव कृष्ण के वंशज हैं और श्रीकृष्ण ने कभी किसी की सत्ता हड़पी नहीं है। दुष्टों का विनाश कर सत्ता उनके परिजनों को सौंपी है। अखिलेश के इस कदम से पूरे कृष्ण वंश पर कलंक लगा है। वहीं जिलाध्यक्ष साजिद हुसैन इस प्रकरण पर कुछ भी कहने से बचते रहे। उन्होंने कहा कि पार्टी में जल्द ही सब कुछ ठीक हो जाएगा।