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Ghaziabad News: 2.97 लाख वाहनों का पंजीकरण रद, महज 19 हजार हुए स्क्रैप
Wed, 24 Dec 2025 01:32 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद
Updated Wed, 24 Dec 2025 01:32 AM IST
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गाजियाबाद। मियाद खत्म हुए वाहनों की संख्या जिले में वैसे तो चार लाख से अधिक हो चुकी है। इसमें करीब 2.97 लाख वाहनों का आरटीओ से पंजीकरण भी रद किया जा चुका है। इसके बावजूद अभी मात्र 19 हजार वाहनों का ही स्क्रैप कराया गया है। जबकि, जिले में तीन-तीन सरकारी स्क्रैप सेंटर खुले हुए हैं।
हालत यह है कि सड़कों पर लाखों वाहन खुलेआम घूम रहे हैं लेकिन किसी भी स्तर से इनपर लगाम नहीं लग पा रही है। यह वाहन न सिर्फ लोगों की जान के लिए खतरा हैं बल्कि प्रदूषण फैलाने में भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर विभागीय अधिकारी इन वाहनों की सूची बनाने और वाहन स्वामियों को मैसेज भेजने तक सीमित रहते हैं। जिले के 10 साल पुराने 54147, पेट्रोल के 339802 वाहनों का पंजीकरण आरटीओ ने निरस्त कर दिया। इन वाहन स्वामियों को नोटिस भेजकर चेतावनी दी कि गई वह इन वाहनों का संचालन किसी भी स्थिति में सड़क पर न करें। ऐसा करते पाए जाने पर वाहन जब्त किया जाएगा और दुर्घटना की स्थिति में वाहन स्वामी पर मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा।
इन वाहनों को पंजीकृत सेंटरों पर स्क्रैप कराने के भी मैसेज विभाग की ओर से भेजे गए, लेकिन इसका कोई असर नहीं है। हालत यह है कि मोरटा स्थित सरल स्क्रैप सेंटर पर 10035, सेवन स्टार पर 8524 और एसएस इंटरप्राइजेज पर 337 लोगों ने अपने वाहनों को स्क्रैप कराया। स्क्रैप हुए करीब 19 हजार वाहनों में 90 फीसदी दोपहिया वाहन हैं। चार पहिया व अन्य वाहनों की संख्या केवल 10 फीसदी है।
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इस बारे में एआरटीओ प्रशासन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि लोगों से लगातार अपील की जा रही है कि वह सरकार द्वारा स्वीकृत स्क्रैप सेंटर पर अपने वाहनों को स्क्रैप कराएं। इससे नए वाहन की खरीद पर दोहरी छूट मिलती है। नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई के बारे में भी लोगों को अवगत कराया जा रहा है। इसको लेकर आने वाले समय में सख्ती बरती जाएगी।
आम जनता की बात तो दूर सरकारी महकमा भी गंभीर नहीं
मियाद खत्म हुए खटारा वाहनों को स्क्रैप कराने में आम आदमी की बात तो दूर, सरकारी महकमा भी गंभीर नहीं है। नगर निगम के भी कई वाहन सड़कों पर खुलेआम घूम रहे हैं। इसी माह रजापुर के शिवम को कुचलने वाला निगम का पानी का टैंकर कंडम था। उसका पंजीकरण आरटीओ से निरस्त हो चुका था। ऐसे में आम आदमी से नियमों के पालन की बात करना पूरी तरह बेईमानी है। सरकारी महकमे का नाम आते ही संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी भी चुप्पी साध लेते हैं।
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हालत यह है कि सड़कों पर लाखों वाहन खुलेआम घूम रहे हैं लेकिन किसी भी स्तर से इनपर लगाम नहीं लग पा रही है। यह वाहन न सिर्फ लोगों की जान के लिए खतरा हैं बल्कि प्रदूषण फैलाने में भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर विभागीय अधिकारी इन वाहनों की सूची बनाने और वाहन स्वामियों को मैसेज भेजने तक सीमित रहते हैं। जिले के 10 साल पुराने 54147, पेट्रोल के 339802 वाहनों का पंजीकरण आरटीओ ने निरस्त कर दिया। इन वाहन स्वामियों को नोटिस भेजकर चेतावनी दी कि गई वह इन वाहनों का संचालन किसी भी स्थिति में सड़क पर न करें। ऐसा करते पाए जाने पर वाहन जब्त किया जाएगा और दुर्घटना की स्थिति में वाहन स्वामी पर मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा।
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इन वाहनों को पंजीकृत सेंटरों पर स्क्रैप कराने के भी मैसेज विभाग की ओर से भेजे गए, लेकिन इसका कोई असर नहीं है। हालत यह है कि मोरटा स्थित सरल स्क्रैप सेंटर पर 10035, सेवन स्टार पर 8524 और एसएस इंटरप्राइजेज पर 337 लोगों ने अपने वाहनों को स्क्रैप कराया। स्क्रैप हुए करीब 19 हजार वाहनों में 90 फीसदी दोपहिया वाहन हैं। चार पहिया व अन्य वाहनों की संख्या केवल 10 फीसदी है।
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इस बारे में एआरटीओ प्रशासन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि लोगों से लगातार अपील की जा रही है कि वह सरकार द्वारा स्वीकृत स्क्रैप सेंटर पर अपने वाहनों को स्क्रैप कराएं। इससे नए वाहन की खरीद पर दोहरी छूट मिलती है। नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई के बारे में भी लोगों को अवगत कराया जा रहा है। इसको लेकर आने वाले समय में सख्ती बरती जाएगी।
आम जनता की बात तो दूर सरकारी महकमा भी गंभीर नहीं
मियाद खत्म हुए खटारा वाहनों को स्क्रैप कराने में आम आदमी की बात तो दूर, सरकारी महकमा भी गंभीर नहीं है। नगर निगम के भी कई वाहन सड़कों पर खुलेआम घूम रहे हैं। इसी माह रजापुर के शिवम को कुचलने वाला निगम का पानी का टैंकर कंडम था। उसका पंजीकरण आरटीओ से निरस्त हो चुका था। ऐसे में आम आदमी से नियमों के पालन की बात करना पूरी तरह बेईमानी है। सरकारी महकमे का नाम आते ही संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी भी चुप्पी साध लेते हैं।