फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Rakesh Tikait to reach West Bengal to protest against new farm laws

गाजियाबाद: 13 मार्च को पश्चिम बंगाल में कृषि कानूनों के खिलाफ हुंकार भरेंगे राकेश टिकैत

Thu, 11 Mar 2021 09:31 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: प्राची प्रियम Updated Thu, 11 Mar 2021 09:31 AM IST
विज्ञापन
Rakesh Tikait to reach West Bengal to protest against new farm laws
कृषि कानूनों के खिलाफ हुंकार भरेंगे राकेश टिकैत - फोटो : अमर उजाला
कृषि कानून के खिलाफ भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत 13 मार्च को पश्चिम बंगाल में किसानों की सभा में हुंकार भरेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये बंगाल के किसानों से संपर्क किया है। चुनावी सरगर्मी के बीच राकेश टिकैत की इस यात्रा के कई मायने निकाले जा रहे हैं। 
विज्ञापन


मगर राकेश टिकैत का कहना है कि वहां पर किसानों को फसल की एमएसपी नहीं मिल रही। सरकार की कई योजनाओं का भी किसान लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। उधर, तपती गर्मी में भी किसान आंदोलन को रफ्तार देने के लिए गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी ने नई रणनीति बनाई है। कमेटी ने किसानों के खाने-पीने का मेन्यू बदल दिया है।
विज्ञापन


भाकियू के गाजियाबाद जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने बताया कि रोजाना की तरह गांव-कस्बों से किसान खेतों में काम करके आंदोलन स्थल पर भी हाजिरी लगा रहे हैं। बुधवार को मुरादनगर के गांव से किसानों की 25 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली खाद्य सामग्री के साथ यूपी गेट पहुंचीं। यह सभी किसान अगले 24 घंटे के लिए आंदोलन में रहेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र सिंह मलिक का कहना है कि 13 मार्च को राकेश टिकैत पश्चिम बंगाल जाएंगे। वहां के किसानों ने पिछले दिनों पत्र भेजकर वहां महापंचायत करने की मांग की थी। वहां के विभिन्न किसान संगठनों ने पत्र में यहां के आंदोलन को खुला समर्थन भी दिया है। लिहाजा, वहां के किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए बंगाल जाने की तैयारी है।

गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के सदस्य बलजिंदर सिंह मान ने बताया कि गर्मी को देखते हुए किसानों का मेन्यू बदला गया है। अब आंदोलन स्थल पर पकौड़े व अन्य तले हुए व्यंजनों को कम किया गया है। जबकि लस्सी, छाछ, रायता, सत्तू, शरबत, गुड़, चने व अन्य प्रकार की चीजें बढ़ाई जा रही हैं। जिससे किसान आंदोलन में डटकर सरकार की हठधर्मिता का सामना कर सकें।

मंच संचालक चौ. ओमपाल मलिक ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रोजाना यूपी गेट पर किसान बारी-बारी से अनशन पर बैठ रहे हैं। बुधवार सुबह आठ बजे से जो किसान अनशन पर बैठे, उनमें हरचरन सिंह, राजवंत सिंह, सतनाम सिंह, सुखदेव सिंह, जसविंदर सिंह बाजवा, मेलाराम मौर्श, जसपाल सिंह, बलविंदर सिंह, आजाद पाल, सुबासी लाल व कलविंदर सिंह शामिल रहे। इन सभी किसानों का अगले 24 घंटे के लिए कानूनों के विरोध में अनशन रहेगा।

बारिश से उखड़े किसानों के तंबू और लंगर
मंगलवार रात बारिश होने के बाद यूपी गेट पर जमा आंदोलनकारी किसानों की समस्या और भी ज्यादा बढ़ गई। रात करीब साढ़े आठ बजे के बारिश की शुरू हुईं तो तंबू व पराली से झोपड़ी बनाकर सो रहे किसानों के गद्दे, कंबल और खेस व लिहाफ समेत अन्य सामान भीग गए। जबकि आंधी से कई लंगर व तंबू उड़कर दूसरी सड़क पर पहुंच गए। 

इससे किसानों को दिक्कतें हुईं। रात में किसी तरह उन्होंने दूसरे तंबुओं में जाकर नींद पूरी की। सुबह होते ही यूपी गेट पर किसान फिर से आंदोलन के लिए झोपड़ी और तंबू बनाने में जुट गए। जबकि अन्य किसान गद्दे और रजाई व अन्य कपड़ों को सुखाने में जुटे हुए थे।

किसानों के लिए यूपी गेट पहुंचे 50 पंखे
बढ़ती गर्मी को देखते शाहजहांपुर से गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी ने किसानों के लिए बुधवार को 50 पंखों की पहली खेप पहुंचाई है। किसान सुखविंदर सिंह ने बताया कि किसानों को जिन चीजों की जरूरत होगी, वह सभी आंदोलन में पहुंच जाएंगी। गांव के लोग पैसे एकत्र करके सामान खरीदते हैं, जबकि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी इसका सारा इंतजाम कर रही है। 

आने वाले दिनों में और भी सामान किसानों के लिए पहुंचने वाला है। वहीं, बुधवार को यूपी गेट पर एसी फिटेड एक ट्रॉली किसानों के लिए पहुंची। उसमें बैठकर किसानों ने आराम किया और फिर मंच के पास पहुंचकर आंदोलन में शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed