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आज दोपहर तक प्राइवेट अस्पताल बंद रहेंगे, इमरजेंसी खुलेगी
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Sat, 30 Jul 2016 01:18 AM IST
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- फोटो : bureau
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राज्य सरकार द्वारा ‘क्लीनिकल स्टेबलिशमेंट’ एक्ट लागू किए जाने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को सभी प्राइवेट अस्पताल, क्लीनिक सहित पैथलैब सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे बंद रहेंगी। इस दौरान सिर्फ इमरजेंसी खुली रहेगी।
आईएमए के अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल ने बताया कि सुबह नौ बजे सभी चिकित्सक आईएमए भवन में बैठक करेंगे, उसके बाद दोपहर 12 बजे इस अधिनियम के खिलाफ जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। चिकित्सकों की मांग है कि जब तक ट्रेंड स्टाफ और नर्सों की कमी पूरी नहीं हो जाती तब तक यह अधिनियम लागू न किया जाए।
एक्ट अगर लागू करना भी है तो इसमें कुछ संशोधन किया जाए। उनका कहना है कि यह जनविरोधी अधिनियम है और इससे कई अस्पताल और नर्सिंग होम बंद हो जाएंगे।
मरीजों को झेलनी होगी परेशानी, सरकारी अस्पताल बनेंगे सहारा
शहर में पांच सौ से अधिक प्राइवेट अस्पताल, क्लीनिक और पैथलैब हैं। इनके बंद होने से मरीजों को खासी परेशानी होगी। दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को या तो वापस लौटना पड़ेगा या फिर दोपहर दो बजे तक का इंतजार करना होगा। इसमें बुजुर्गों और छोटे बच्चों को सबसे अधिक परेशानी होगी।
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गंभीर मरीजों का इमरजेंसी में इलाज होगा लेकिन हल्के दर्द आदि के लिए मरीजों को ओपीडी खुलने का इंतजार करना होगा। इस दौरान सरकारी अस्पताल ही मरीजों का सहारा होंगे।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ेगी। सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल ने बताया कि सरकारी अस्पताल की ओपीडी खुली रहेगी और जरूरत हुई तो दो बजे के बाद भी चिकित्सक मरीजों का चेकअप करेंगे।
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आईएमए के अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल ने बताया कि सुबह नौ बजे सभी चिकित्सक आईएमए भवन में बैठक करेंगे, उसके बाद दोपहर 12 बजे इस अधिनियम के खिलाफ जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। चिकित्सकों की मांग है कि जब तक ट्रेंड स्टाफ और नर्सों की कमी पूरी नहीं हो जाती तब तक यह अधिनियम लागू न किया जाए।
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एक्ट अगर लागू करना भी है तो इसमें कुछ संशोधन किया जाए। उनका कहना है कि यह जनविरोधी अधिनियम है और इससे कई अस्पताल और नर्सिंग होम बंद हो जाएंगे।
मरीजों को झेलनी होगी परेशानी, सरकारी अस्पताल बनेंगे सहारा
शहर में पांच सौ से अधिक प्राइवेट अस्पताल, क्लीनिक और पैथलैब हैं। इनके बंद होने से मरीजों को खासी परेशानी होगी। दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को या तो वापस लौटना पड़ेगा या फिर दोपहर दो बजे तक का इंतजार करना होगा। इसमें बुजुर्गों और छोटे बच्चों को सबसे अधिक परेशानी होगी।
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गंभीर मरीजों का इमरजेंसी में इलाज होगा लेकिन हल्के दर्द आदि के लिए मरीजों को ओपीडी खुलने का इंतजार करना होगा। इस दौरान सरकारी अस्पताल ही मरीजों का सहारा होंगे।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ेगी। सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल ने बताया कि सरकारी अस्पताल की ओपीडी खुली रहेगी और जरूरत हुई तो दो बजे के बाद भी चिकित्सक मरीजों का चेकअप करेंगे।