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Ghaziabad News: जिले में 3.77 लाख वाहनों की नहीं कराई गई प्रदूषण जांच

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:12 AM IST
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Pollution checks of 3.77 lakh vehicles were not conducted in the district.
गाजियाबाद। आरटीओ में पंजीकृत 9.83 लाख वाहनों में से 3.77 लाख वाहन बिना प्रदूषण जांच कराए चल रहे हैं। इसकी अनदेखी करने में सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन स्वामी हैं। दूसरी नंबर पर कारों का नंबर है। यह स्थिति तब है जब एनजीटी की ओर से लगातार नाराजगी प्रकट की जा रही है।
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अफसरों को प्रदूषण की रोकथाम को लेकर तमाम जरूरी कदम उठाने को कहा जा रहा है। लेकिन न तो पुलिस और न ही आरटीओ प्रवर्तन इसको लेकर गंभीर दिख रहा है। जबकि, जिले में 300 से अधिक प्रदूषण जांच केंद्र खुले हैं। इनपर प्रदूषण जांच कराए जाने की कोई जटिल प्रक्रिया भी नहीं है। न ही इनपर ज्यादा भीड़ रहती है। खास बात यह है कि आम आदमी की बात तो दूर, नगर निगम समेत तमाम सरकारी विभाग ऐसे हैं, जहां प्रदूषण जांच कराने की कोई जरूरत नहीं समझी जा रही है। इतना ही नहीं, फिटनेस जांच तक कराने को विभागीय अधिकारी तैयार नहीं हैं। इस बारे में आरटीओ प्रवर्तन डॉ. सियाराम वर्मा ने बताया कि बिना प्रदूषण चल रहे वाहनों के चालान लगातार किए जाते हैं। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
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-ढाई लाख कबाड़ वाहन भी दौड़ रहे :

डीजल के 10 व पेट्रोल, सीएनजी के 15 साल पुराने वाहनों की संख्या भी ढाई लाख से अधिक हो गई है। आरटीओ ने इन वाहनों का पंजीकरण भले ही रद्द कर दिया, लेकिन यह वाहन अब भी सड़क पर घूम रहे हैं। पंजीकृत स्क्रैप सेंटरों पर करीब दो हजार वाहनों को ही स्क्रैप कराया गया है। ऐसे में यह वाहन भी प्रदूषण फैलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
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कार्रवाई के नाम पर महज औपचारिकता
बिना पीयूसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) के दौड़ रहे वाहन पर चालान की कार्रवाई करने का नियम है तो कबाड़ हो चुके वाहनों को जब्त करने का प्रावधान है। आरटीओ प्रवर्तन की ओर से दोनों ही मामलों में अनदेखी की जा रही है। यही वजह है कि न तो कबाड़ वाहनों पर लगाम लग रही है और न ही प्रदूषण जांच कराने के लिए वाहन स्वामी गंभीर दिख रहे हैं। इस बारे में एआरटीओ प्रवर्तन मनोज मिश्रा ने बताया कि पार्किंग की व्यवस्था न होने की वजह से वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई में थोड़ा व्यवधान आता है। पार्किंग की व्यवस्था कराने के लिए डीएम को पत्र लिखा गया है।
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