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Ghaziabad News: सरकारी भवनों में ही बनेंगे बूथ, जरूरत पर बड़ी सोसायटियों में भी व्यवस्था
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गाजियाबाद। आगामी चुनावों में जिले के मतदान केंद्र सरकारी भवनों में ही बनाए जाएंगे। निष्प्रयोज्य घोषित भवनों में बूथ नहीं बनाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर बड़ी सोसायटियों में भी मतदान केंद्र बनाए जा सकते हैं। सोमवार को जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ ने प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर बूथों के पुनर्गठन के प्रस्तावों पर चर्चा की और उन्हें अंतिम रूप दिया। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए न्यूनतम जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद एक बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की व्यवस्था की गई है। पुनर्गठन की प्रक्रिया के बाद जिले में 284 बूथ कम हो गए हैं। अब जिले में कुल 3074 बूथ रह गए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि बूथों के पुनर्गठन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बूथों की सूची जिला एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड की गई थी। आमजन से इस पर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों के साथ निर्धारित मानकों को ध्यान में रखते हुए पुनर्गठन के प्रस्ताव तैयार किए गए।
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बैठक में जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को सक्रिय करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीएलए के माध्यम से ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान कराई जाए, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। इसके साथ ही उन क्षेत्रों को भी चिह्नित किया जाए, जहां पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल होने से छूट गए हैं, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों का मतदाता के रूप में पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके। जिले में 12 नवंबर से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) का कार्य शुरू होगा।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद एक बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की व्यवस्था की गई है। पुनर्गठन की प्रक्रिया के बाद जिले में 284 बूथ कम हो गए हैं। अब जिले में कुल 3074 बूथ रह गए हैं।
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जिलाधिकारी ने बताया कि बूथों के पुनर्गठन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बूथों की सूची जिला एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड की गई थी। आमजन से इस पर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों के साथ निर्धारित मानकों को ध्यान में रखते हुए पुनर्गठन के प्रस्ताव तैयार किए गए।
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बैठक में जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को सक्रिय करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीएलए के माध्यम से ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान कराई जाए, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। इसके साथ ही उन क्षेत्रों को भी चिह्नित किया जाए, जहां पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल होने से छूट गए हैं, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों का मतदाता के रूप में पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके। जिले में 12 नवंबर से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) का कार्य शुरू होगा।