फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Police filed a case after 100 days of robbery

Ghaziabad News: लूट के 100 दिन बाद दर्ज किया पुलिस ने केस

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 26 Aug 2023 12:54 AM IST
विज्ञापन
Police filed a case after 100 days of robbery
गाजियाबाद। नोएडा के निजी अस्पताल के कर्मचारी बृजेश कुमार से 14 मई को मोबाइल फोन लूट लिए जाने की वारदात की रिपोर्ट दर्ज करने में विजयनगर थाना पुलिस ने 100 दिन लगा दिए। बृजेश का कहना है कि पहले एक महीने तक उन्होंने थाने और चौकी के चक्कर काटे। इसमें निराशा मिलने पर पुलिस के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत की। इसके भी दो महीने दस दिन बाद 24 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज की गई है। मोबाइल लूटने के बाद बदमाशों ने यूनाफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की मदद से 10 हजार रुपये भी निकाले। नोएडा के निठारी सेक्टर 31 के निवासी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि वह अस्पताल से ड्यूटी करके घर जा रहे थे। विजयनगर थाना क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पास दो बदमाशों ने उनसे मोबाइल फोन छीन लिया और भाग गए। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद यूपीआई आईडी लाॅक कराने के लिए साइबर कैफे गए। वहां जाकर पता चला कि बदमाश खाते से 10 हजार रुपये निकाल चुके हैं। वहां से वह विजयनगर थाना गए और लूट की तहरीर दी। पुलिस ने कह दिया कि जांच के बाद केस दर्ज कर लिया जाएगा। बृजेश का कहना है कि वह दो दिन बाद एफआईआर की काॅपी लेने गए तो उन्हें चौकी भेज दिया गया। चौकी के स्टाफ ने कहा कि लूट की नहीं, मोबाइल गुम होने की तहरीर दो तब रिपोर्ट दर्ज होगी। पुलिसकर्मी ने बोलकर बताया कि तहरीर में क्या लिखना है। उन्होंने गुमशुदगी की तहरीर देने से इन्कार कर दिया तो रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। थाने-चौकी के चक्कर काटने के बाद जब ऑनलाइन शिकायत की तो उनके पास पुलिस का फोन आया। उनसे कहा कि जल्द ही रिपोर्ट दर्ज हो जाएगी लेकिन इसके बाद भी दो महीने से ज्यादा का वक्त लगा।
विज्ञापन





जाओ, वकील से ही ले लो फोन
बृजेश ने बताया कि जब चौकी के स्टाफ ने मोबाइल गुम हो जाने की तहरीर देने का दबाव बनाया तो उन्होंने कह दिया कि वह वकील से बात करेंगे। इसके बाद ही निर्णय लेंगे। उनका आरोप है कि इतना सुनते ही पुलिसवाले भड़क गए। उनसे कहा कि जाओ, वकील से ही फोन ले लो। इसके बाद अभद्र भाषा में बात करने लगे। इस पर वे चले आए।
विज्ञापन





कराई जा रही है जांच : एसीपी
एसीपी नगर निमिष पाटिल का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। इसमें यह भी पता किया जा रहा है कि एफआईआर दर्ज करने में इतनी देरी क्यों की गई ? लूट के खुलासे के लिए टीम लगा दी गई है। बदमाशों को चिन्हित करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही वारदात का खुलासा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed