गाजियाबाद। कविनगर थाना क्षेत्र में विवो डिस्ट्रीब्यूशन व्यवसाय में हिस्सेदारी, करोड़ों रुपये के निवेश और मुनाफे के बंटवारे को लेकर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपी ने फर्जी समझौता तैयार कर और जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल करके साझेदार को व्यापार का पार्टनर मानने से इन्कार कर दिया तथा उसे महज कमीशन एजेंट बताकर कार्यालय से धक्के देकर बाहर निकाल दिया। पीड़ित अनिक गुप्ता ने आरोपी अशोक कुमार अग्रवाल के खिलाफ कविनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। एसीपी अभय डागा ने बताया कि कविनगर में रहने वाले अनिक गुप्ता के मुताबिक वर्ष 2016 में वह अपने पिता के कारोबार से जुड़े कार्यों में सहयोग कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात अशोक कुमार अग्रवाल से हुई। आरोपी अशोक कुमार अग्रवाल ने जय माता मोबाइल साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के कारोबार में निवेश करने और मुनाफा दिलाने का प्रस्ताव दिया था। आरोप है कि कारोबारी के प्रस्ताव पर उन्होंने निवेश किया। शुरुआत में निवेश और भुगतान से संबंधित बातचीत होती रही, लेकिन बाद में मुनाफे का भुगतान अनियमित हो गया। बार-बार मांग करने के बावजूद उन्हें पूरी रकम और निर्धारित हिस्सेदारी नहीं दी गई। साथ ही कारोबार से संबंधित वास्तविक वित्तीय स्थिति, बैंक लेनदेन और लाभ-हानि का पूरा विवरण भी उपलब्ध नहीं कराया गया। अप्रैल 2026 के दौरान जब पीड़ित कार्यालय पहुंचे, तो आरोपी अशोक कुमार अग्रवाल ने एक कथित समझौता पत्र दिखाया, जिसमें दावा किया गया कि अनिक गुप्ता पार्टनर नहीं बल्कि सिर्फ एक कमीशन एजेंट हैं। जांच करने पर पता चला कि उस दस्तावेज पर पीड़ित और उनकी माताजी के नाम से जो हस्ताक्षर दर्शाए गए हैं, वे पूरी तरह जाली और कूटरचित हैं। इसके बाद आरोपी ने उन्हें कार्यालय से धक्के देकर बाहर निकाल दिया और सितंबर 2026 से तयशुदा लाभ का भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया। पीड़ित के अनुसार निवेश और उसके लाभ सहित आरोपी ने करीब तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। एसीपी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।