{"_id":"570a81244f1c1b1361c810c8","slug":"panchayat-decided-to-convert-to-islam-after-the-agreement-reflex","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘पंचायत में समझौते के बाद पलटा धर्मपरिवर्तन का फैसला’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘पंचायत में समझौते के बाद पलटा धर्मपरिवर्तन का फैसला’
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 11 Apr 2016 12:36 AM IST
विज्ञापन
पंचायत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहपुर बम्हैटा गांव में रविवार को एक हजार दलितों के धर्मपरिवर्तन करने की सूचना से हड़कंप मच गया। पुलिस के अलावा बसपा नेता भी गांव पहुंचे और असलियत पता की। दलितों ने बताया कि उन्होंने शनिवार रात पंचायत में धर्मपरिवर्तन करने का निर्णय लिया था, लेकिन रविवार सुबह पंचायत में उनका समझौता हो गया है। अब वह ऐसा नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
शनिवार को रेप के बाद आत्मदाह करने वाली किशोरी के पिता की पंचायत में पूर्व प्रधान ने पिटाई कर दी थी। पीड़ित परिवार और गांव के अन्य दलितों ने एसएसपी ऑफिस पर हंगामा कर आरोप लगाया था कि उन पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
पीड़ितों ने बताया कि शनिवार रात में गांव में पंचायत हुई, जिसमें निर्णय लिया कि अगर आरोपी पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह धर्मपरिवर्तन कर मुस्लिम या बौद्ध धर्म अपना लेंगे। रविवार सुबह गांव में फिर से पंचायत हुई, जिसमें दोनों पक्षों का समझौता हो गया। इसके बाद दोनों पक्ष कविनगर थाने गए और लिखित समझौतानामा देकर आए।
विज्ञापन
लेकिन दोपहर में हल्ला मच गया कि एक हजार लोग धर्मपरिवर्तन कर रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने धर्मपरिवर्तन नहीं किया है। अगर उनका उत्पीड़न हुआ तो वह यह कदम उठा सकते हैं। एसएचओ कविनगर अशोक सिसौदिया ने बताया कि धर्मपरिवर्तन की बात महज हल्ला थी। गांव में शांति है। एहतियातन वहां पुलिस भी वहां तैनात की गई है।
बसपा नेता भी पहुंचे
धर्मपरिवर्तन करने की सूचना पर बसपा सुप्रीमो मायावती के भांजे प्रमोद कुमार, बसपा जिलाध्यक्ष प्रेम चंद भारती और बसपा नेता कविंद्र चौधरी भी रविवार को बम्हैटा गांव पहुंचे।
1500 दलित रहते हैं बम्हैटा में
शाहपुर बम्हैटा गांव में करीब 35 हजार की आबादी रहती है। यह यादव बहुल गांव हैं। यहां करीब 1500 दलित रहते हैं।