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पब्लिक टॉयलेट पर दबंगों का कब्जा
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Tue, 03 May 2016 12:57 AM IST
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नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार देश भर में स्वच्छ भारत मिशन पर करोड़ों रुपया बहा रही है। लेकिन नगर निगम की अनदेखी के चलते पहले से बने पब्लिक टॉयलेट्स बंद किए जा रहे हैं। घंटाघर के पास बाजार में लाखों के फंड से नगर निगम द्वारा बनवाए गए दो टॉयलेट्स दुकानदारों ने कब्जा लिए हैं।
एक टॉयलेट के बाहर ताला लगा दिया है, तो दूसरे को प्लास्टिक लटकाकर ढंक दिया है। इनके बाहर अब अस्थायी दुकानें चल रहीं हैं। गाजियाबाद के सबसे पुराने घंटाघर बाजार में टॉयलेट न होने की वजह से यहां आने वाले ग्राहकों को ही नहीं, दुकानदारों को भी परेशानी हो रही है।
टॉयलेट को बना लिया गोदाम
घंटाघर सब्जी मंडी मार्ग पर नगर निगम ने करीब डेढ़ दशक पहले टॉयलेट बनवाया था। स्थानीय दुकानदारों की मानें तो लाखों रुपये की लागत से बनवाए गए इस टॉयलेट से रमतेराम रोड और सब्जी मंडी के दुकानदारों और ग्राहकों को सहूलियत मिली।
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चंद वर्षों तक टॉयलेट का संचालन किया गया। इसके बाद निगम ने भी इसका रखरखाव बंद कर दिया। अब बगल के ही दुकानदार ने इस टॉयलेट को बंद कर गोदाम बना दिया। बाहर दरवाजा लगाकर ताला डाल दिया गया। अब देखने वाले को भी अंदाजा लगाना मुश्किल है कि यहां टॉयलेट भी हो सकता है।
कन्या वैदिक स्कूल के पास टॉयलेट किया बंद
पूर्व महापौर दमयंती गोयल के कार्यकाल में नगर निगम ने व्यापारियों की सहूलियत के लिए कन्या वैदिक कालेज के पास करीब पांच लाख रुपये खर्च कर टॉयलेट बनवाया था। इससे घंटाघर, टाउन हाल के दुकानदारों को सहूलियत मिलनी थी।
महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग बने टॉयलेट में निगम ने अभी तक दरवाजे नहीं लगाए। अब इस टॉयलेट पर काली पॉलिथीन लटकाकर ढंक दिया गया है, ताकि लोग इसका इस्तेमाल न करें। इसके बाहर अस्थायी दुकानें लगा ली गईं हैं। निगम के सेनेट्री इंस्पेक्टर और अफसरों ने कभी इन कब्जों को हटवाने की कोशिश नहीं की।
नगर निगम अधिकारियों ने टॉयलेट बनवाकर खानापूर्ति कर दी। यह कभी सुध नहीं ली कि इनका संचालन हो रहा है या नहीं। टॉयलेट्स के बाहर दुकान लग जाने से महिलाओं के लिए इसका इस्तेमाल करना मुमकिन नहीं रह गया। - हरि कुमार मेहता ‘मामा’, अध्यक्ष टाउन स्कूल मार्केट
टॉयलेट को गोदाम के रूप में प्रयोग किए जाने की शिकायत निगम अधिकारियों से कई बार की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। - राजू छाबड़ा, दुकानदार
एक तरफ निगम अधिकारी नए टॉयलेट बनाने के लिए प्लानिंग कर रहे हैं। दूसरी तरफ पैसा खर्च होने के बावजूद पहले से बने मौजूद उनका संचालन नहीं हो रहा। सरकारी पैसों का ऐसा दुरुपयोग न किया जाए। -सुनील कुमार, दुकानदार
..
दोनों टॉयलेट का निरीक्षण कराया जाएगा। दुकानदारों ने अगर कब्जा किया है तो उसे हटवाकर लोगों के लिए उनका संचालन शुरू कराया जाएगा। उनका निरंतर मेंटेनेंस भी निगम करेगा। दुकानदारों से भी अपील है कि वह स्वच्छ भारत मिशन में निगम का सहयोग करें। - डीके सिन्हा, अपर नगर आयुक्त
..
अधिकारियों को भेजकर टॉयलेट का निरीक्षण और उनका संचालन शुरू कराया जाएगा। किसी को भी पब्लिक टॉयलेट पर कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। - अशु वर्मा, महापौर
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एक टॉयलेट के बाहर ताला लगा दिया है, तो दूसरे को प्लास्टिक लटकाकर ढंक दिया है। इनके बाहर अब अस्थायी दुकानें चल रहीं हैं। गाजियाबाद के सबसे पुराने घंटाघर बाजार में टॉयलेट न होने की वजह से यहां आने वाले ग्राहकों को ही नहीं, दुकानदारों को भी परेशानी हो रही है।
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टॉयलेट को बना लिया गोदाम
घंटाघर सब्जी मंडी मार्ग पर नगर निगम ने करीब डेढ़ दशक पहले टॉयलेट बनवाया था। स्थानीय दुकानदारों की मानें तो लाखों रुपये की लागत से बनवाए गए इस टॉयलेट से रमतेराम रोड और सब्जी मंडी के दुकानदारों और ग्राहकों को सहूलियत मिली।
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चंद वर्षों तक टॉयलेट का संचालन किया गया। इसके बाद निगम ने भी इसका रखरखाव बंद कर दिया। अब बगल के ही दुकानदार ने इस टॉयलेट को बंद कर गोदाम बना दिया। बाहर दरवाजा लगाकर ताला डाल दिया गया। अब देखने वाले को भी अंदाजा लगाना मुश्किल है कि यहां टॉयलेट भी हो सकता है।
कन्या वैदिक स्कूल के पास टॉयलेट किया बंद
पूर्व महापौर दमयंती गोयल के कार्यकाल में नगर निगम ने व्यापारियों की सहूलियत के लिए कन्या वैदिक कालेज के पास करीब पांच लाख रुपये खर्च कर टॉयलेट बनवाया था। इससे घंटाघर, टाउन हाल के दुकानदारों को सहूलियत मिलनी थी।
महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग बने टॉयलेट में निगम ने अभी तक दरवाजे नहीं लगाए। अब इस टॉयलेट पर काली पॉलिथीन लटकाकर ढंक दिया गया है, ताकि लोग इसका इस्तेमाल न करें। इसके बाहर अस्थायी दुकानें लगा ली गईं हैं। निगम के सेनेट्री इंस्पेक्टर और अफसरों ने कभी इन कब्जों को हटवाने की कोशिश नहीं की।
नगर निगम अधिकारियों ने टॉयलेट बनवाकर खानापूर्ति कर दी। यह कभी सुध नहीं ली कि इनका संचालन हो रहा है या नहीं। टॉयलेट्स के बाहर दुकान लग जाने से महिलाओं के लिए इसका इस्तेमाल करना मुमकिन नहीं रह गया। - हरि कुमार मेहता ‘मामा’, अध्यक्ष टाउन स्कूल मार्केट
टॉयलेट को गोदाम के रूप में प्रयोग किए जाने की शिकायत निगम अधिकारियों से कई बार की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। - राजू छाबड़ा, दुकानदार
एक तरफ निगम अधिकारी नए टॉयलेट बनाने के लिए प्लानिंग कर रहे हैं। दूसरी तरफ पैसा खर्च होने के बावजूद पहले से बने मौजूद उनका संचालन नहीं हो रहा। सरकारी पैसों का ऐसा दुरुपयोग न किया जाए। -सुनील कुमार, दुकानदार
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दोनों टॉयलेट का निरीक्षण कराया जाएगा। दुकानदारों ने अगर कब्जा किया है तो उसे हटवाकर लोगों के लिए उनका संचालन शुरू कराया जाएगा। उनका निरंतर मेंटेनेंस भी निगम करेगा। दुकानदारों से भी अपील है कि वह स्वच्छ भारत मिशन में निगम का सहयोग करें। - डीके सिन्हा, अपर नगर आयुक्त
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अधिकारियों को भेजकर टॉयलेट का निरीक्षण और उनका संचालन शुरू कराया जाएगा। किसी को भी पब्लिक टॉयलेट पर कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। - अशु वर्मा, महापौर