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Ghaziabad News: सीमित संसाधनों के बीच ईएसआईसी की ओपीडी में दोगुने हुए मरीज
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साहिबाबाद। सीमित संसाधनों के बीच राजेंद्र नगर स्थित ईएसआईसी की ओपीडी में मरीजों की संख्या दोगुना से भी अधिक हो गई है। गाजियाबाद के साथ ही यहां उपचार के लिए अब दिल्ली से भी लोग पहुंच रहे हैं। सुबह आठ बजे से ओपीडी के बाहर लाइन लग जाती है और शाम चार बजे तक भी खत्म नहीं होती। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए अस्पताल प्रबंधन जुटा रहता है।
दिल्ली के झिलमिल स्थित ईएसआई अस्पताल का नव निर्माण हो रहा है और वहां के मरीजों को भी राजेंद्र नगर रेफर किया जा रहा है। झिलमिल के तीन ब्लॉक, सीलमपुर, नंदनगरी और वीके नगर के साथ ही मयूर विहार के लोग भी यहां उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। ओपीडी के लिए लगे लंबी लाइन में मरीज कई बार आपस में उलझ भी जाते हैं। अस्पताल में पहले 500 से 600 लोग ओपीडी में आते थे, अब यह संख्या एक हजार के पार पहुंच चुकी है। ओपीडी के बाहर इतने अधिक मरीजों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में यहां आने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। ओपीडी में अपना उपचार करने पहुंचे धीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि वह सुबह साढ़े आठ बजे ही अस्पताल पहुंच गए तब भी उनका नंबर दोपहर 12 बजे तक आया। दवा के लिए भी बाद में लाइन लगानी पड़ी, इसमें पूरा दिन अस्पताल में ही निकल गया। अस्पताल में दवा का एक ही काउंटर है जिस पर लंबी लाइन जुट रही है, सभी मरीजों को दवा देते हुए शाम के पांच तक बज जाते हैं। अचानक से अतिरिक्त लोगों का बोझ अस्पताल पर पड़ने से व्यवस्था चरमरा गई है।
अधीक्षक डॉ. इंदु सिन्हा का कहना है कि अस्पताल में सुबह आठ बजे से भीड़ लग जाती है, पूरी कोशिश की जा रही है कि मरीजों को उपचार के बाद उन्हें दवा देकर विदा किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया में शाम हो जाती है लेकिन हम सबको तसल्ली कर भेजते हैं।
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दिल्ली के झिलमिल स्थित ईएसआई अस्पताल का नव निर्माण हो रहा है और वहां के मरीजों को भी राजेंद्र नगर रेफर किया जा रहा है। झिलमिल के तीन ब्लॉक, सीलमपुर, नंदनगरी और वीके नगर के साथ ही मयूर विहार के लोग भी यहां उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। ओपीडी के लिए लगे लंबी लाइन में मरीज कई बार आपस में उलझ भी जाते हैं। अस्पताल में पहले 500 से 600 लोग ओपीडी में आते थे, अब यह संख्या एक हजार के पार पहुंच चुकी है। ओपीडी के बाहर इतने अधिक मरीजों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में यहां आने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। ओपीडी में अपना उपचार करने पहुंचे धीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि वह सुबह साढ़े आठ बजे ही अस्पताल पहुंच गए तब भी उनका नंबर दोपहर 12 बजे तक आया। दवा के लिए भी बाद में लाइन लगानी पड़ी, इसमें पूरा दिन अस्पताल में ही निकल गया। अस्पताल में दवा का एक ही काउंटर है जिस पर लंबी लाइन जुट रही है, सभी मरीजों को दवा देते हुए शाम के पांच तक बज जाते हैं। अचानक से अतिरिक्त लोगों का बोझ अस्पताल पर पड़ने से व्यवस्था चरमरा गई है।
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अधीक्षक डॉ. इंदु सिन्हा का कहना है कि अस्पताल में सुबह आठ बजे से भीड़ लग जाती है, पूरी कोशिश की जा रही है कि मरीजों को उपचार के बाद उन्हें दवा देकर विदा किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया में शाम हो जाती है लेकिन हम सबको तसल्ली कर भेजते हैं।
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