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Ghaziabad News: मरीजों के लिए अस्पताल में बैठने की नहीं व्यवस्था, घंटों खड़े रहने को मजबूर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 02:13 AM IST
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No seating arrangements for patients in the hospital; forced to stand for hours.

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साहिबाबाद। राजेंद्र नगर सेक्टर-2 स्थित ईएसआईसी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों को इलाज के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल में पर्याप्त और दुरुस्त बैठने की व्यवस्था नहीं होने से मरीजों को कई घंटे तक खड़े रहना पड़ता है। परिसर में लगी कई बेंच और कुर्सियां टूटी हुई हैं। पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से भी मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होती है।

इलाज कराने आए ओमबीर ने आरोप लगाया कि ओपीडी में डॉक्टरों के पास मरीज अपना नंबर पाने के लिए सुबह 6 बजे से अस्पताल पहुंच जाते हैं। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 12:15 बजे तक मरीजोक्को टोकन दे दिए जाते हैं। एक से दो बजे तक लंच हो जाता है और लेकिन मरीजों को देखने का काम धीमा हो जाता है। दो बजे के बाद सिफारिश वाले मरीजों को ही देखा जाता है। इसके बाद कहीं टोकन वालों का नंबर आता है।
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राजेंद्र नगर सेक्टर दो स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी में भी निर्धारित समय से पहले डॉक्टर और स्टाफ के चले जाने की शिकायत सामने आई है। इलाज कराने आए रोहन ने बताया कि डिस्पेंसरी का समय शाम चार बजे तक है, लेकिन कई बार 3:15 से 3:30 बजे के बीच ही डॉक्टर और कर्मचारी चले जाते हैं। इसके अलावा डॉक्टर द्वारा लिखी गई सभी दवाइयां अस्पताल से नहीं मिलने की भी शिकायत है। टीबी मरीजों के लिए बने कक्ष के आसपास सामान्य मरीजों के बैठने की व्यवस्था होने की शिकायत भी है।
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नाम की प्लेट नहीं, मरीजों को कमरे तलाशने में परेशानी

ईएसआई अस्पताल में कई कमरों के बाहर डॉक्टरों के नाम और विभाग की स्पष्ट जानकारी नहीं होने से मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। मरीज प्रीति ने बताया कि टीबी मरीजों के लिए निर्धारित कक्ष के आसपास सामान्य मरीज भी बैठते हैं। उन्होंने अस्पताल में डॉक्टरों के नाम की स्पष्ट नेम प्लेट लगाने और मरीजों के लिए अलग-अलग बैठने की व्यवस्था करने की मांग की गई है। साथ ही अस्पताल की टूटी कुर्सियों और बेंचों को हटाकर पर्याप्त सीटें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बुजुर्ग, महिलाएं और गंभीर मरीज घंटों खड़े रहने से बच सकें।


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क्या बोलीं अधिकारी
झिलमिल में अस्पताल का नव निर्माण चल रहा है, ऐसे मरीजों का दबाव यहां अधिक होने से भीड़ रहती है। टूटी कुर्सियां और बढ़ते मरीजों के मुताबिक व्यवस्था बनाने को शासन को पत्र लिखा जा चुका है। जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार होगा। डा. इंदू सिन्हा, मेडिकल सुपरीटेंडेंट
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