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Ghaziabad News: पांच करोड़ से संवरेगा मुरादनगर गंगनहर घाट, सात फीट ऊंची रेलिंग से सुरक्षित होंगे श्रद्धालु
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हरभजन सिंह
मुरादनगर। गंगनहर घाट पर आस्था की डुबकी लगाने और धार्मिक अनुष्ठान करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से पांच करोड़ रुपये की लागत से घाट का सुंदरीकरण कराया जाएगा। इसके तहत घाट की सफाई और मरम्मत के साथ दोनों तरफ पत्थर लगाए जाएंगे।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सात फीट ऊंची स्टेनलेस स्टील की रेलिंग लगाई जाएगी। इसके अलावा दोनों तरफ चेन लगाने, घाट की रंगाई-पुताई और पुराने पुल की मरम्मत भी कराई जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दोनों तरफ चार-चार कुल आठ चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे।
मेरठ खंड गंगनहर के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि योजना के तहत घाट की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। योजना पूरी होने के बाद घाट की सुंदरता बढ़ने के साथ धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
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रेलिंग से हादसों का जोखिम होगा कम
गंगनहर में तेज बहाव और गहराई के कारण घाट पर सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत लंबे समय से महसूस की जाती रही है। सात फीट ऊंची एसएस रेलिंग लगाने से श्रद्धालुओं को नहर के किनारे सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। इससे खासकर बच्चों और बुजुर्गों के फिसलकर नहर में गिरने का जोखिम कम होने की उम्मीद है। दोनों तरफ चेन लगाने और घाट की मरम्मत से भी सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी। योजना में पुराने पुल की मरम्मत को भी शामिल किया गया है। घाट के दोनों तरफ पत्थर लगाने, रंगाई-पुताई और सफाई से परिसर को व्यवस्थित रूप दिया जाएगा। चेंजिंग रूम बनने से स्नान के बाद कपड़े बदलने की सुविधा मिलेगी। इससे खासकर महिलाओं और परिवार के साथ आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों से पहुंचते हैं श्रद्धालु
गंगनहर घाट पर वर्षभर धार्मिक गतिविधियां होती रहती हैं। गणेश चतुर्थी पर गणेश प्रतिमाओं और शारदीय नवरात्र के बाद दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विश्वकर्मा पूजा के बाद भी प्रतिमा विसर्जन के लिए लोग यहां आते हैं। गंगा दशहरा और अमावस्या पर स्नान करने वालों की भीड़ जुटती है। छठ पूजा के दौरान भी श्रद्धालु सूर्य उपासना और धार्मिक अनुष्ठान के लिए घाट पर पहुंचते हैं। लोग बच्चों का मुंडन संस्कार कराने, पूर्वजों की अस्थियां विसर्जित करने, पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए घाट पर आते हैं। दिल्ली-एनसीआर के अलावा दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
(संवाद)
मुरादनगर। गंगनहर घाट पर आस्था की डुबकी लगाने और धार्मिक अनुष्ठान करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से पांच करोड़ रुपये की लागत से घाट का सुंदरीकरण कराया जाएगा। इसके तहत घाट की सफाई और मरम्मत के साथ दोनों तरफ पत्थर लगाए जाएंगे।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सात फीट ऊंची स्टेनलेस स्टील की रेलिंग लगाई जाएगी। इसके अलावा दोनों तरफ चेन लगाने, घाट की रंगाई-पुताई और पुराने पुल की मरम्मत भी कराई जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दोनों तरफ चार-चार कुल आठ चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे।
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मेरठ खंड गंगनहर के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि योजना के तहत घाट की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। योजना पूरी होने के बाद घाट की सुंदरता बढ़ने के साथ धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
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रेलिंग से हादसों का जोखिम होगा कम
गंगनहर में तेज बहाव और गहराई के कारण घाट पर सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत लंबे समय से महसूस की जाती रही है। सात फीट ऊंची एसएस रेलिंग लगाने से श्रद्धालुओं को नहर के किनारे सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। इससे खासकर बच्चों और बुजुर्गों के फिसलकर नहर में गिरने का जोखिम कम होने की उम्मीद है। दोनों तरफ चेन लगाने और घाट की मरम्मत से भी सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी। योजना में पुराने पुल की मरम्मत को भी शामिल किया गया है। घाट के दोनों तरफ पत्थर लगाने, रंगाई-पुताई और सफाई से परिसर को व्यवस्थित रूप दिया जाएगा। चेंजिंग रूम बनने से स्नान के बाद कपड़े बदलने की सुविधा मिलेगी। इससे खासकर महिलाओं और परिवार के साथ आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों से पहुंचते हैं श्रद्धालु
गंगनहर घाट पर वर्षभर धार्मिक गतिविधियां होती रहती हैं। गणेश चतुर्थी पर गणेश प्रतिमाओं और शारदीय नवरात्र के बाद दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विश्वकर्मा पूजा के बाद भी प्रतिमा विसर्जन के लिए लोग यहां आते हैं। गंगा दशहरा और अमावस्या पर स्नान करने वालों की भीड़ जुटती है। छठ पूजा के दौरान भी श्रद्धालु सूर्य उपासना और धार्मिक अनुष्ठान के लिए घाट पर पहुंचते हैं। लोग बच्चों का मुंडन संस्कार कराने, पूर्वजों की अस्थियां विसर्जित करने, पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए घाट पर आते हैं। दिल्ली-एनसीआर के अलावा दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
(संवाद)