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मुरादनगर हादसाः मृतकों के परिजनों से मिले सपा और आप नेता, ठेकेदार अजय की फर्म कृष्णा इंटरप्राइजेज ब्लैक लिस्ट
Thu, 07 Jan 2021 05:59 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Thu, 07 Jan 2021 05:59 PM IST
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मुरादनगर हादसे के पीड़ितों से मिलने पहुंचे आप सांसद संजय सिंह
- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के मुरादनगर श्मशान घाट हादसे में मृत लोगों के परिजनों से गुरुवार को समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के नेता मिले। उन लोगों ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी और न्याय दिलाने का भरोसा जताया।
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गाजियाबाद के मुरादनगर श्मशान घाट कांड के जिम्मेदार ठेकेदार अजय त्यागी की एक फर्म को नगर निगम ने बुधवार को ब्लैक लिस्ट कर दिया। बुधवार देर शाम नगर आयुक्त की ओर से की गई कार्रवाई के बाद फर्म के सभी भुगतान रोकने के भी निर्देश दिए हैं।
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गुरुवार को अजय की अन्य फर्मों पर भी कार्रवाई हो सकती है। अजय त्यागी ने नगर निगम में तीन फर्म माही कंस्ट्रक्शंस एंड बिल्डर्स, मैसर्स अजय त्यागी कंस्ट्रक्शन और कृष्णा इंटरप्राइजेज रजिस्टर्ड करा रखी थीं। इन तीनों फर्मों के पास करोड़ों के ठेके थे।
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मुरादनगर में अजय त्यागी की फर्म की ओर से श्मशान घाट में बनाए गए गलियारे में घटिया सामग्री होने से यह भरभरा कर गिर गया और 24 निर्दोष लोगों की जान चली गईं। इसके बाद से ही नगर निगम ने अजय त्यागी की तीनों फर्मों के कार्यों की गुणवत्ता की जांच करनी शुरू कर दी थी।
प्राथमिक जांच के बाद नगर निगम ने बुधवार को अजय त्यागी की एक फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। अब यह फर्म नगर निगम के साथ-साथ किसी भी सरकारी विभाग में ठेके नहीं ले सकेगी। नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि अजय त्यागी की एक फर्म मैसर्स कृष्णा इंटरप्राइजेज को काली सूची में डाल दिया गया है। फर्म के समस्त भुगतानों पर रोक लगा दी गई है।
मेजरमेंट बुक बनाने वाले अवर अभियंताओं में भी मची है खलबली
किसी भी निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद क्षेत्र के अवर अभियंता (जेई) उस कार्य की मेजरमेंट बुक (एमबी) तैयार करते हैं। इस एमबी में निर्माण कार्य का पूरा ब्योरा, पैमाइश, प्रस्ताव के मुताबिक कार्य होने या न होने की डिटेल रहती है। इसी के आधार पर ठेकेदार को भुगतान किया जाता है। ऐसे में अगर अजय त्यागी की फर्म की ओर से किए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता खराब पाई गई और अवर अभियंताओं ने एमबी में सही दर्शाया होगा तो इन अवर अभियंताओं पर भी कार्रवाई हो सकती है। ऐसे में अब नगर निगम में हड़कंप मचा है और फाइलों को भुगतान होने से पहले ही वापस मंगाया जा रहा है।